बाबूलाल बाबेल...✍️
आमेट.
लावासरदारगढ. प्रदेश सरकार द्वारा महिला सशक्तिकरण के साथ आत्मनिर्भरता की ओर निरंतर बढ़ते रहने की प्रेरणा के साथ प्रदेश भर में संचालित राजीविका के माध्यम से कई संगठन काम कर रहे हैं। महिला समूह के इस विशाल संगठन के बैनर तले महिलाओं को घर पर ही रहकर अनेक प्रकार के घरेलू आवश्यक वस्तुओं के प्रोडक्ट निर्माण की कला सिखाई जाती है।
महिलाओं के सामूहिक प्रयासों से अपने ही हाथों से निर्मित्त उत्पादन को होलसेल दर पर बाजार में विक्रय किया जाकर आय प्राप्त करने का अच्छा माध्यम बना रखा है।लावासरदारगढ़ तहसील के पनोतिया पंचायत के राजस्व गांव साकरोदा में विगत करीब 3 वर्षों से अधिक समय से सरदारगढ़ क्लस्टर के अंतर्गत शिव शक्ति राजीविका महिला सर्वांगीण विकास सहकारी समिति सरदारगढ़ के तत्वावधान में संचालित संजीवनी राजीविका महिला उत्पादक समूह साकरोदा द्वारा घरेलू उत्पाद तैयार किये जा रहे हैं।
संजीवनी राजीविका महिला उत्पादक समूह साकरोदा अध्यक्ष रेखा कंवर ने बताया कि 17 जून 2022 को 30 महिला सदस्यों के साथ इस समूह का विधिवत गठन किया गया तथा समूह की स्थापना के साथ ही राजीविका के माध्यम से समूह के संचालन के लिए ₹2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्राप्त हुई।
तत्कालीन जिला कलेक्टर बालमुकुंद असावा द्वारा पर्यावरण को बचाने के लिए तथा पॉलिथीन से छुटकारा पाने के लिए 10 हजार जूट बेग साइज 8 बाई 12 इंच का आर्डर मिला। यह ₹80 प्रति बेग के ऑर्डर के हिसाब से उन्होंने जूट बेग के अपने ही स्तर पर निर्मित कर सप्लाई किये।
अब तक समूह द्वारा 10 हजार जुट बेग के साथ 1हजार गिफ्ट हैंपर तथा 500 फाइल फोल्डर सप्लाई किए जा चुके हैं। फरवरी 2025 मे साकरोदा कस्बे में नाबार्ड योजना के तहत 15 दिवसीय प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया गया था। इस प्रशिक्षण शिविर में शामिल महिलाओं को लैपटॉप कवर ,बोतल कवर सहित अन्य आवश्यक रोजमर्रा काम आने वाले उत्पादनो की ट्रेनिंग दी गयी।
महिला समूह के सफल संचालन के लिए करीब ₹35 हजार की दो मशीनें समूह द्वारा उस दौरान खरीदी गई। प्रत्येक माह की 10 तारीख को इस संजीवनी महिला समूह की आवश्यक बैठक साकरोदा स्थित जानकी निवास भवन पर दिन के 12:00 बजे से 2:00 बजे तक होती आई है।
इस महत्वपूर्ण बैठक में महिलाओं द्वारा नवाचार पर विस्तार से विचार विमर्श किया जाता है । महिलाओं द्वारा अपने ही हाथों से तैयार किए जाने वाले घरेलू उत्पादन के लिए कच्चा माल जयपुर,अहमदाबाद,सूरत आदि शहरों से जूट,चैन, प्लास्टिक कवर,गत्ते,धागा कपडा आदि क्रय किए जा रहे हैं।
इस समूह के पास वर्तमान में अभी करीब 700 जूट के बैग, 100 गिफ्ट हैंपर तथा फाइल फोल्डर 200 तैयार किए हुए तैयार पड़े हैं। संजीवनी राजीविका महिला उत्पादक समूह साकरोदा के सफल संचालन के लिए महिलाओं द्वारा एक कमेटी गठित की गई है। जिसकी अध्यक्ष रेखा कंवर, मंत्री लक्ष्मी कंवर तथा कोषाध्यक्ष के रूप में ममता वैष्णव अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन कर रही है।
एम.अजनबी, किशन पालीवाल न्यूज़ ग्रुप आमेट जिला राजसमंद
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