आमेट. आमेट में मकर संक्रांति पर आरएसएस ( RSS) कार्यकर्ताओं ने सेवा की अनूठी मिसाल पेश की। चार टोलियों में बंटकर कार्यकर्ताओं ने नगर के घर-घर और दुकानों से निर्धन परिवारों की सहायता हेतु दान एकत्र किया। महेंद्र हिरण और महावीर कोठारी सहित दर्जनों स्वयंसेवकों के इस पुनीत कार्य की पूरे नगर में सराहना हो रही है। जानिए कैसे एक झोली ने जगाई मानवता की अलख।
आस्था और दान-पुण्य के महापर्व मकर संक्रांति पर राजसमंद जिले के आमेट नगर में मानवता और सेवा का एक अनूठा संगम देखने को मिला। जब सूर्य उत्तरायण की ओर बढ़ रहा था, तब राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के अनुशासित कार्यकर्ताओं ने सेवा की एक ऐसी मिसाल पेश की, जिसने पूरे नगर को भावुक और गौरवान्वित कर दिया। समाज के अंतिम छोर पर बैठे असहाय और निर्धन परिवारों के आंसू पोंछने के संकल्प के साथ संघ के स्वयंसेवक सड़कों पर उतरे, तो आमेटवासियों ने भी दिल खोलकर अपनी श्रद्धा अर्पित की।
इस विशेष सेवा अभियान को सुव्यवस्थित रूप देने के लिए पूरे आमेट नगर को चार प्रमुख बस्तियों में विभाजित किया गया था। कार्यकर्ताओं की चार अलग-अलग टोलियां बनाई गईं, जो हाथों में झोलियां और हृदय में परोपकार का भाव लेकर नगर के प्रत्येक व्यापारिक प्रतिष्ठान और घर-घर तक पहुंचीं।
"नर सेवा ही नारायण सेवा है" के ध्येय वाक्य को चरितार्थ करते हुए इन टोलियों ने जब झोली फैलाई, तो नगरवासियों ने भी सामाजिक सरोकार की इस पुनीत आहुति में बढ़-चढ़कर अपना योगदान दिया। हर गली और हर मोहल्ले में दानदाताओं का उत्साह देखते ही बनता था, जहाँ लोगों ने न केवल आर्थिक सहयोग किया बल्कि इस नेक कार्य की मुक्त कंठ से सराहना भी की।
इस विशाल सेवा यज्ञ को सफल बनाने में संघ के समर्पित कार्यकर्ताओं की सक्रिय भूमिका रही। अभियान में महेंद्र हिरण, महावीर कोठारी, जगदीश सिंह, दीपक गोटवाल, गंभीर सिंह, दीपक छीपा, हिम्मत टेलर, दीपक महात्मा, पवन मेहता, अरुण कुमार, ऋदम कुमार, केशवकांत, मदनलाल, सतीश सोनी, पारस सोनी, ललित लखार, श्यामलाल सोनी, अंकुर महात्मा, देवीलाल जीनगर, पन्नालाल कुमावत और निरंजन जीनगर सहित अनेक स्वयंसेवकों ने सुबह से ही मोर्चे पर डटकर अपनी सेवाएं प्रदान कीं। कार्यकर्ताओं के इस सामूहिक प्रयास ने यह सिद्ध कर दिया कि सामूहिक शक्ति और सेवा भावना से समाज के किसी भी अभाव को दूर किया जा सकता है।
एकत्रित की गई इस सहायता राशि का संपूर्ण उपयोग नगर के अत्यंत जरूरतमंद, निर्धन और असहाय परिवारों के उत्थान और उनकी तात्कालिक आवश्यकताओं को पूरा करने में किया जाएगा। मकर संक्रांति के पावन अवसर पर शुरू हुआ यह अभियान केवल चंदा एकत्र करने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसने समाज में संवेदना, एकजुटता और परस्पर सहयोग की भावना को और अधिक प्रगाढ़ किया है। आमेट नगर में आरएसएस के इस सेवा कार्य की गूंज हर ओर सुनाई दे रही है, जिसे सामाजिक समरसता की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।