पालीवाल समाज की बिटिया सुश्री राधिका पालीवाल प्रक्रम प्रबल में प्रथम रही : राज्य स्तर पर हुआ चयन
आमेट. पालीवाल ब्राह्मण समाज 44 श्रेणी मांडका खेड़ा के वरिष्ठ समाजसेवी श्री गोपीलाल जी पालीवाल की सुपौत्री सुश्री राधिका पालीवाल पुत्री प्रकाश चंद्र पालीवाल निज निवास मांडकाखेड़ा हाल मुकाम आमेट, जिला राजसमंद, राजस्थान ने आज एक बार फिर ऐतिहासिक उपलब्धि करते हुए परिजनों, ग्रामवासियों सहित पालीवाल समाज को गौरवाविंत कर दिया. सुश्री राधिका पालीवाल अब जयपुर विधानसभा भवन में प्रस्तुति देकर सबका ध्यान आकर्षित करेंगी...!
राजस्थान सरकार द्वारा आयोजित प्रक्रम प्रबल कार्यक्रम में आमेट ब्लॉक में प्रथम स्थान फिर राजसमंद जिले में प्रथम स्थान के साथ अब राज्य स्तर पर प्रस्तुति के लिए चयनित होना अपने आप में आश्चर्य चकित से कम नहीं है, इतनी प्रतिभाओं के बीच चयन होना वास्तव में देश और समाज के लिए गर्व की बात हैं.
सुश्री राधिका पालीवाल को श्री गोपीलाल जी पालीवाल (व्यास) दादाजी, श्रीमती मोतीदेवी पालीवाल दादीजी (मांडकाखेड़ा), श्री मदनलाल जी पालीवाल (दवे) नानाजी, श्रीमती भागुदेवी दवे नानीजी (ग्राम. बिनोल) श्रीमती लक्ष्मीदेवी पालीवाल बड़ी मम्मीजी, श्री शंकरलाल जी पालीवाल बड़े पापाजी, श्रीमती मंजूदेवी पालीवाल माताजी, श्री प्रकाशचंद्र पालीवाल पिताजी ने हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि हमारी राधिका पालीवाल हमेशा कुछ ना कुछ नया करने का जुनुन हावी रहता था...हर बात को गौर से सुनती, फिर उस पर गंभीरता पूर्वक लेकर अपने काम में लग जाती...कठिन-तप और तपस्या का फल आज परिवार के साथ-साथ पालीवाल समाज को भी मिला...माता-पिता की खुशियां देखने लायक होती है, जब उनका बच्चा, उनसे कुछ बड़ा करके दिखाएं...कुछ ऐस ही करके राधिका पालीवाल ने सबको आश्चर्य चकित कर दिया...कोई भी उपलब्धि बिना संघर्ष के नहीं मिलती, ये एक बार फिर साबित हो गया...राधिका ने प्रक्रम प्रबल कार्यक्रम में अनुपम उदाहरण प्रस्तृत करके दिखा, दिया...कि बिटिया भी किसी से कम नहीं है...बस उनको हौंसला मिलना चाहिए...
सुश्री राधिका प्रकाश चंद्र पालीवाल ने समाज को संदेश दिया है कि नतीजा चाहे जो भी हो, उसकी मेहनत को सराहें. इससे उसे समझ आएगा कि कोशिश करना हार मानने से बेहतर है. हम एक हार से निराशावादी ना बने...जीवन में हार और जीत ही दो पहलू है...फिर जीत में अहंकार नहीं और हार में पछतावा नहीं करना ही आज की सफलता की बड़ी पूंजी हैं...आप सबने मुझे काफी हौंसला दिया...में आप सभी को धन्यवाद ज्ञापित करती हुं कि मेरी सफलता पर आपने ढ़ेरो शुभकामनाएं प्रेषित की...
बिटियां की ऊची उड़ान
अपनी बेटी की तारीफ करने का सबसे सही तरीका यह है कि आप उसकी बाहरी सुंदरता के बजाय उसके चरित्र, कड़ी मेहनत, रचनात्मकता और व्यवहार की सराहना करें. जब आप किसी खास बात या उसकी कोशिशों को देखकर तारीफ करते हैं, तो इससे उसका आत्मविश्वास और आत्मसम्मान (self-esteem) बढ़ता है.
"परों को खोल ज़माना उड़ान देखता है,
ज़मीन पर बैठ के क्या आसमान देखता है!
मेरी बिटिया राधिका पालीवाल के हौसले को अब यह सारा जहान देखता है।"
सुश्री राधिका प्रकाश चंद्र पालीवाल को पालीवाल वाणी, पालीवाल गौरव, पालीवाल किरण, पालीवाल सखी, पालीवाल न्यूज, इंदौर मेरी पहचान मीडिया समूह सहित कई समाजसेवियों एवं विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों ने हार्दिक बधाई देते हुए, उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दी.


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