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मध्य प्रदेश

कृषि विस्तार अधिकारी खंडवा के स्वैच्छिक ट्रांसफर, उनके नाम से फर्जी आवेदन पर हाई कोर्ट जबलपुर ने दिए जांच के आदेश

📅 09 December 2025, 10:09 PM • ✍️ indoremeripehchan.in • ⏱️ 4 मिनट में पढ़ें
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कृषि विस्तार अधिकारी खंडवा के स्वैच्छिक ट्रांसफर, उनके नाम से फर्जी आवेदन पर हाई कोर्ट जबलपुर ने दिए जांच के आदेश
कृषि विस्तार अधिकारी खंडवा के स्वैच्छिक ट्रांसफर, उनके नाम से फर्जी आवेदन पर हाई कोर्ट जबलपुर ने दिए जांच के आदेश

रीजनल फोरेंसिक लैब भोपाल को सिग्नेचर की जांच कर, रिपोर्ट प्रस्तुत करने के आदेश जारी 

जबलपुर. 

श्री राज बहादुर सोलंकी, वर्तमान में कृषि विस्तार अधिकारी के रूप में, केंद्र निशानियां केंद्र हरसूद जिला खंडवा में कथित स्वैच्छिक ट्रांसफर 10/6/25 के बाद पदस्थ हैं. श्री सोलंकी, का कथित स्वैच्छिक ट्रांसफर उनके द्वारा स्वैच्छिक ट्रांसफर के लिए दिए गए आवेदन के पालन में, दिनांक 10/06/25 को केंद्र बिल्लौद ब्लॉक बाल्दी जिला खंडवा से केंद्र निशानियां ब्लॉक हरसूद किया गया था. 

चूंकि, श्री सोलंकी के द्वारा किसी प्रकार, के स्वैच्छिक स्थानांतरण का आवेदन नहीं किया गया था. विभागीय क्लर्क से संपर्क करने पर, पता चलता कि किसी ने श्री सोलंकी के फर्जी सिग्नेचर करके, उनकी ओर से प्रभारी मंत्री के यहां, स्वैच्छिक ट्रांसफ़र का आवेदन दे दिया था. परिणाम स्वरुप श्री सोलंकी का ट्रांसफर कर दिया गया था. 

ट्रांसफर से पीड़ित होकर, श्री सोलंकी के द्वारा उच्च न्यायालय जबलपुर के समक्ष याचिका कर, ट्रांसफर निरस्त करने, एवं जांच की मांग की गई थी. श्री राज बहादुर सोलंकी की ओर से, पैरवी करते हुए उच्च न्यायालय जबलपुर के वकील अमित चतुर्वेदी ने कोर्ट को संबोधित करते हुए, कहा कि फर्जी सिग्नेचर के आधार पर, स्वैच्छिक ट्रांसफर का आवेदन एक गंभीर विषय, अपराध एवं प्रशासनिक प्रक्रिया का दुरुपयोग है. 

विभाग को नोटिस जारी होने, के बाद श्री सोलंकी को सूचना के अधिकार के तहत, उस आवेदन की प्रति प्राप्त हुई, जिसमें उनके फर्जी सिग्नेचर थे. श्री अमित चतुर्वेदी अधिवक्ता ने बहस के दौरान बताया कि इस प्रकार के ट्रांसफर का आधार ही अवैध हैं. ट्रांसफर प्रारम्भ से शून्य है एवं निरस्त किया जावे. दूसरी ओर, शासन ने याचिका खारिज करने की मांग इस आधार पर की श्री सोलंकी ने कोर्ट में जो अभ्यावेदन जमा किया हैं, वह विभाग को प्राप्त नहीं है. 

अतः याचिका खारिज की जावे, अपितु, अधिवक्ता अमित चतुर्वेदी के तर्कों से सहमत होकर, उच्च न्यायालय जबलपुर की एकल पीठ ने, रीजनल फोरेंसिक लैब भोपाल, भदभदा रोड, को आदेश जारी किए है कि श्री सोलंकी के सिग्नेचर का नमूना लेकर, सिग्नेचर की जांच कर, रिपोर्ट जनवरी माह में प्रस्तुत की जावे. अपितु, श्री सोलंकी के द्वारा, इस आदेश जारी होने के बाद, केस वापस लेने का आवेदन दायर किया है. उनका कहना है कि विभाग उनका ट्रांसफर निरस्त करेगा. अपितु, आदेश जारी नहीं हुए हैं. ट्रांसफर प्रकरण में, कृषि विस्तार अधिकारी की ओर से उच्च न्यायालय, जबलपुर के अधिवक्ता श्री अमित चतुर्वेदी ने पैरवी की.

  • मोबाइल संवाद : 9827727611, 8085937660
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