इंदौर नगर निगम आयुक्त के खिलाफ न्यायालय की अवमानना मामले में मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय में याचिका प्रस्तुत
इंदौर.
इंदौर नगर निगम आयुक्त द्वारा गत दिनांक 21 फरवरी 2023 के माध्यम से श्रम न्यायालय आदेश अनुसार 1650 मस्टर ड्राइवर साथियों को विगत 3 सालों के बाद भी स्थाईकर्मी का वेतन भुगतान नहीं किया जा रहा हैं, जबकि इस संबंध में मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने दिनांक 16 जुन 2025 एवं सुप्रीम कोर्ट ने दिनांक 20 जनवरी 2026 को आदेश/निर्देश जारी किए गये.
माननीय न्यायालय आदेश का पालन नहीं करने पर निगम आयुक्त श्री क्षितिज सिंगल के खिलाफ दिनांक 28 जुलाई 2026 सोमवार को न्यायालय की अवमानना (कंटेंप्ट आफ कोर्ट) प्रकरण प्रस्तुत कर दिया गया हैं. निगम के कुछ कर्मचारी द्वारा अकारण स्थाईकर्मीयों के खिलाफ अनगर्ल प्रचार-प्रसार कर रहे है, जो कि किसी भी प्रकार का उचित नहीं हैं.
सभी संगठनों को एक बार जरूर सोचना चाहिए कि निगम में कार्यरत कर्मचारियों को विगत 10 सालों में कितने लाभ दिला पाए या दिए जा रहे है. उसको उल्लेंख किया जाना चाहिए. साथ ही कितनी बार कर्मचारियों के हित में हड़ताल की गई. जब जागरूकता से कर्मचारियों के हित में एक संगठन निरंतर लाभांवित योजनाओं को दिलाने में मैदानी संघर्ष कर रहा है, तो किसी भी प्रकार से छल ना करते हुए संगठन कर मदद करने को आगे आना चाहिए. ना कि अकारण दिक्कतें पैदा नहीं करना चाहिए.
लगातार एक संगठन के खिलाफ अकारण प्रचार-प्रसार किया जा रहा है, जब कि वास्तविक रूप से कर्मचारियों के हित में एक मात्र संगठन ही न्यायालय की कार्यवाही जबकि श्री ओमप्रकाश खटके, कमजोर वकील कंटेंप्ट ऑफ कोर्ट प्रकरण प्रस्तुत नहीं कर रहे हैं तथा मस्टर कर्मचारी को भ्रमित कर रहे हैं कि अनिल सोनी अभियोजन की स्वीकृति नहीं लेने दे रहे हैं तथा कर्मचारियों का पैसा खा रहे हैं.
कर्मचारी साथियों वास्तविक स्थिति आपके सामने स्पष्ट है कि कौन कर्मचारियों का अहित कर रहा है सभी 1650 मस्टर ड्राइवर साथियों को शीघ्र स्थाई कर्मी का वेतन दिलवाने का प्रयास जारी है .
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