रेलवे ने टिकट कैंसिल करने के बदले नियम : अब केवल इन्हें मिलेगा रिफंड
Railway Ticket Cancellation Policy: 24 से 8 घंटे के अंदर ट्रेन का टिकट कैंसिल करने पर 50% तक पैसा कट जाएगा और बचा हुआ 50 प्रतिशत ही रिफंड मिलेगा. अगर 8 घंटे से कम समय बचा हो या ट्रेन छूट जाए तो रिफंड मिलेगा ही नहीं. TDR की प्रक्रिया अलग हो सकती है.
नई दिल्ली. भारतीय रेलवे ने 1 अप्रैल 2026 से टिकट कैंसिलेशन के नियमों को सख्त कर दिया है, जो दलालों पर रोक लगाने के लिए लाए गए हैं. नए नियमों के अनुसार, ट्रेन छूटने से 8 घंटे पहले तक टिकट कैंसिल करने पर कोई रिफंड नहीं मिलेगा. इसके अलावा, बोर्डिंग पॉइंट बदलने की सुविधा अब ट्रेन छूटने से 30 मिनट पहले तक उपलब्ध होगी.
रिफंड कब नहीं मिलेगा?
टिकट अगर ट्रेन के रवाना होने से 24 घंटे से 8 घंटे पहले के बीच कैंसिल किया गया तो किराए का 50% पैसा काट लिया जाएगा. ट्रेन छूटने से 8 घंटे से कम समय पहले टिकट कैंसिल करया जाता है तो कोई रिफंड नहीं मिलेगा. पहले नियम था कि ट्रेन छूटने से 4 घंटे के भीतर टिकट कैंसिल किया तो कोई रिफंड नहीं मिलता था. अब 8 घंटे के भीतर टिकट कैंसिल करने पर भी रिफंड नहीं मिलेगा.
रेलवे ने सख्ती अपनाते हुए कन्फर्म टिकट के नियमों में बदलाव किया है. अब आप कब टिकट रद्द करते हैं, उसी के हिसाब से पैसा कटेगा और उसी हिसाब से रिफंड भी मिलेगा. रेलवे के नए नियमों के मुताबिक, अगर 72 घंटे से पहले टिकट कैंसिल करेंगे तो सबसे ज्यादा रिफंड मिलेगा, सिर्फ न्यूनतम चार्ज ही कटेगा. लेकिन अगर 72 से 24 घंटे के बीच टिकट कैंसिल करने पर किराए का करीब 25% तक पैसा कट जाएगा. इसके साथ ही तय न्यूनतम शुल्क भी लागू होगा.
1 अप्रैल 2026 से लागू नए रिफंड नियम :
बोर्डिंग स्टेशन में बदलाव :
अब यात्री चार्ट बनने के बाद भी, ट्रेन छूटने से 30 मिनट पहले तक अपना बोर्डिंग स्टेशन बदल सकते हैं.
नोट : ये नियम कन्फर्म टिकट पर लागू होते हैं और इनका मुख्य उद्देश्य वास्तविक यात्रियों को सुविधा देना है.
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