नोएडा डीएम मेधा रूपम के केस की सुनवाई पर वकीलों ने उठाया सवाल
नोएडा की डीएम मेधा रूपम और चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति प्रक्रिया मामले को लेकर कानूनी गलियारों में एक नया विवाद खड़ा हो गया है। इन दोनों मामलों की एक ही दिन और उसी जज के सामने सुनवाई होने पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं, जिसके बाद अब वकीलों ने खुलकर मोर्चा खोल दिया है।
CJI को भेजा गया ओपन लेटर
वकीलों के एक संगठन ने भारत के मुख्य न्यायाधीश यानी CJI को एक खुला खत लिखा है। इस पत्र के जरिए नोएडा डीएम मेधा रूपम की याचिका की विशेष सुनवाई और इसकी 'आउट-ऑफ-टर्न' लिस्टिंग पर गहरी चिंता व्यक्त की गई है, जिस पर अब काफी चर्चा हो रही है।
सुप्रीम कोर्ट से मिली बड़ी राहत
एक तरफ जहां इस मामले को लेकर वकीलों में नाराजगी देखी जा रही है, वहीं दूसरी तरफ नोएडा डीएम मेधा रूपम को अदालत से बड़ी राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने 5 लाख रुपये के मुआवजे से जुड़े इलाहाबाद हाई कोर्ट के आदेश पर फिलहाल रोक लगा दी है।
इसके अलावा, एक अन्य मामले में आकृति चौधरी की एनएसए (NSA) हिरासत रद्द करने का हाई कोर्ट का आदेश तो बरकरार रखा गया है, लेकिन नोएडा डीएम पर की गई टिप्पणी वाले हिस्से पर रोक लगा दी गई है। उधर, ग्रेटर नोएडा में डीएम मेधा रूपम ने निरीक्षण भी किया, जहां आरडब्ल्यूए (RWA) ने सीवर, पानी, सड़क और पार्क जैसी अपनी समस्याएं उनके सामने गिनाईं और सुधार की मांग की।
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