महान धाविका पीटी उषा भारतीय ओलंपिक संघ की बनीं अध्यक्ष
नई दिल्ली : महान धाविका पीटी उषा को बड़ी जिम्मेदारी मिली है. उनको भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) की नई अध्यक्ष चुनी गई हैं। IOA चुनावों के लिए नामांकन पत्र दाखिल करने की समय सीमा 27 नंवबर 2022 (रविवार) को समाप्त हो गई. चूंकि अध्यक्ष पद के लिए केवल पीटी उषा ने ही नामांकन भरा था ऐसे में उन्हें निर्विरोध अध्यक्ष चुना गया.
पीटी उषा का करियर (PT Usha’s Career)
उनके अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत साल 1980 में हुई. उन्होंने 16 वर्ष की आयु में मॉस्को के ग्रीष्मकालीन ओलंपिक में हिस्सा लिया और सिर्फ 4 साल के अंदर ही वे ओलंपिक के फाइनल में पहुंच गई. ऐसा करने वाली वह पहली भारतीय महिला एथलीट भी बनी. 1980 में कराची में ‘पाकिस्तान ओपन नेशनल मीट’ आयोजित किया गया था. जिसमें पीटी उषा ने 4 गोल्ड मेडल जीते और भारत का सर गर्व से ऊंचा किया.
साल 1982 में उन्होंने ‘वर्ल्ड जूनियर इनविटेशन मीट’ में हिस्सा लिया. इस दौरान उन्होंने 200 मीटर की रेस में गोल्ड मेडल जीता, जबकि 100 मीटर की रेस में उन्हें ब्रोंज मेडल मिला था. इसके अगले ही साल कुवैत में ‘एशियन ट्रैक एंड फील्ड चैंपियनशिप’ आयोजित की गई. जिसमें पी टी उषा ने 400 मीटर की रेस में रिकॉर्ड बनाते हुए गोल्ड मेडल अपने नाम किया. एक बार साल 1984 में पीटी उषा ने ओलंपिक की तैयारी करनी शुरू की. उन्होंने फाइनल राउंड में 400 मीटर की दौड़ पूरी की. हालांकि फाइनल 1/100 मार्जिन से उन्हें हार मिली. लेकिन फिर भी यह पहली बार था. जब कोई भारतीय महिला एथलीट, ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व कर रही थी. इस दौरान उन्होंने 400 मीटर बाधा दौड़ 55.42 सेकेंड में पूरी की जो भारत के लिए एक नेशनल रिकॉर्ड था.
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