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शारदीय नवरात्रि की घटस्थापना 11 अक्टूबर 2026, रविवार को होगी

📅 09 October 2026, 12:06 PM • ✍️ paliwalwani • ⏱️ 6 मिनट में पढ़ें
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शारदीय नवरात्रि की घटस्थापना 11 अक्टूबर 2026, रविवार को होगी
शारदीय नवरात्रि की घटस्थापना 11 अक्टूबर 2026, रविवार को होगी

टोंक. आश्विन शुक्ला प्रतिपदा 11अक्टूबर रविवार को शारदीय नवरात्रा का शुभारम्भ हो रहा है। घट स्थापना देवी का आह्वान के लिए देवी पुराण एवं तिथि तत्व में प्रात: काल प्रति पदा तिथि एवं द्वि-स्वभाव लग्न में घट स्थापना करना सर्वश्रेष्ठ बताया गया है तथा चित्रा नक्षत्र एवं वैधृति योग को वर्जित बताया गया है।11अक्टूम्बर को सूर्योदय सुबह 6.28 बजे होगा एवं एकम तिथि रात्रि को 21-31 बजे तक रहेगी चित्रा नक्षत्र रात्रि 22-32 बजे तक, उपरांत स्वाति नक्षत्र रहेगा गोचर मे चंद्रमा कन्या राशि मे सुबह 10-04 बजे तक स्वामी बुध उपरांत तुला राशि स्वामी शुक्र नक्षत्र स्वामी मंगल है, इस वर्ष नवरात्रा रविवार से शुरू हो रहे है, माता की सवारी गज हाथी पर आना वैभव सुख समृद्धि का प्रतीक माना गया है ।यह संयोग  गत पचास वर्षों मे छठी बार बन रहा है। 

मनु ज्योतिष एवं वास्तु शोध संस्थान टोंक के निदेशक  बाबूलाल शास्त्री ने बताया कि देवी पुराण में चित्रा नक्षत्र एवं वैधृति योग इन दोनों को वर्जित बताया गया है । देवी पुराण मे द्विस्वभाव लग्न युक्त प्रातः काल मे देवी का आह्वान एवं घटस्थापना पूजन करने का विधान है, इस दिन चित्रा नक्षत्र रात्रि 10-32 बजे तक एवं वैधृति योग रात्रि, 09-05 बजे तक हे, निर्णय सिंधु के अनुसार प्रतिपदा के दिन चित्रा नक्षत्र व वैधृति योग या दोनो मे से कोई एक भी सम्पूर्ण दिन व्याप्त रहे, तो अभिजित मुहुर्त मे घट स्थापना करनी चाहिये.

चित्रा नक्षत्र व वैधृति योग को घट स्थापना  मे त्याज्य बताया गया है किन्तु इन दोनो के आदि के  दो चरणों को त्याग कर घटस्थापना की अनुमति प्रदान की जाती है। चित्रा नक्षत्र के  दो चरण सुबह 10-03 बजे समाप्त होगे एव वैधृति के दो चरण सुबह 09-33 बजे समाप्त होगे, यदि सम्पूर्ण प्रतिपदा चित्रा नक्षत्र या वैधृति योग से युक्त हो तो मध्यान्ह काल पूजन करना चाहिए, अत: घट  स्थापना के लिये लाभ अमृत का चोघडिया सुबह 09-20 से 12-13 बजे तक रहेगा,  अभिजीत मुहूर्त दोपहर 11-50 से 12-37 बजे तक   द्वि स्वभाव लग्न युक्त धनु  राशि दिन मे 11-32 से बजे से दोपहर 01-36 बजे तक रहेगा। घट स्थापन के लिए श्रेष्ठ समय है - 

चौघडिय़ा अनुसार चर का सुबह 07-54 से 09-20 शुभ का दोपहर 01.40 से 03.06 बजे तक शुभ अमृत का सायंकाल 05.59 बजे से रात्रि  09-07 बजे तक उपरांत चर का रात्रि 10-40 बजे तक है।

बाबूलाल शास्त्री ने बताया कि इस वर्ष नवरात्रा 11 अक्टूबर  से 20 अक्टूबर तक 10 दिन के होगे, सप्तमी तिथि का नवरात्रा 17 अक्टुम्बर को सम्पुर्ण दिन रात्रि को होगा एवं 18 रविवार को सप्तमी   तिथि सुबह 08-28 बजे तक रहेगी, उपरांत अष्टमी का शुभारम्भ हो जायेगा, अष्टमी रात्रि को पुजने वाले इसी दिन पुजेगे 19 अक्टूम्बर सोमवार को सुबह 10-52 बजे तक रहेगी उपरांत नवमी है अत: नवमी पूजन वाले इसी दिन पुजेगें, अमृत सिद्धि एव स्वार्थ सिद्धि योग 14 अक्टूम्बर बुधवार को सुबह 06-30 से 15 अक्टूम्बर को सुबह 04-03 बजे तक स्वार्थ सिद्धि योग 18 अक्टूम्बर रविवार को 12-48 बजे से 19 अक्टूम्बर सुबह 06-31 बजे तक 19 अक्टुम्बर को दोपहर 03-38 से 20 अक्टूम्बर सुबह 06-32 बजे तक। 

20 अक्टूबर मंगलवार को नवमी दिनमे 12-50 बजे तक उपरांत दशमी का शुभारम्भ होगा श्रवण नक्षत्र शाम को 06-02 बजे रहेगा, अत: इसी दिन महा नवमी, दशमी तिथि मे शमी पुजन अपराजित पुजन जयन्ति ग्रहण  विजया दशमी  पर्व दशहरा मनाया जाएगा,  

बाबूलाल शास्त्री ने बताया कि 20 अक्टूबर मंगलवार को श्रवण नक्षत्र युक्त दशमी विजयदशमी पर्व दशहरा मनाया जायेगा। चोघडिया अनुसार सुर्योदय से चरका 09-22 से 10-47 तक लाभ अमृत का 10-47 से दोपहर 01-36 तक अभिजीत 11-49 से 12-34 शुभ का दोपहर 03-01 से 04-26 तक लाभ का रात्रि  07-26 से 09-01 तक शुभ का रात्रि 10-36 से 12-12 बजे तक   है, जिसमें वाहन आभूषण सफेद वस्रों की खरीद व्यापार मशीनरी आदि कार्य शुभारम्भ करना सर्व श्रेष्ठ मुहूर्त योग है। 

बाबूलाल शास्त्री टोंक राजस्थान

मो. 9413129502, 8233129502

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