आ गया वो अभिजीत मुहूर्त... भव्‍य मंदिर में ठाठ-बाठ से विराजे अयोध्‍या के राजा राम

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Pran Pratishtha Muhurat: रघुराई की नगरी अयोध्‍या से लेकर पूरा देश ही राममय है. अयोध्‍या की भव्‍यता आज देखते ही बन रही है. जगह-जगह आयोजन हो रहे हैं. पूरी नगरी दुल्‍हन से सजी है. हजारों टन फूल, रंग-बिरंगी लाइट्स, रंगोली, विशालकाय मूर्तियां और ना जाने-जाने क्‍या-क्‍या... यह सब कुछ उन राजा राम के स्‍वागत में है, जो आज अपनी जन्‍मभूमि पर बने भव्‍य मंदिर में पूरे ठाठ-बाठ से विराजित हुए. 500 साल का इंतजार खत्‍म हो गया. रामलला की मूर्ति की प्राण प्रतिष्‍ठा के लिए काशी के विद्वानों ने 22 जनवरी 2024, सोमवार की दोपहर का अभिजीत मुहूर्त चुना था. जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों प्रभु राम की नई मूर्ति की प्राण प्रतिष्‍ठा संपन्न हुई.

84 सेकंड का वो दिव्‍य समय  

अयोध्या में भगवान रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा 84 सेकंड के बेहद शुभ मुहूर्त में संपन्न हुए. ये मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 29 मिनट 8 सेकंड से 12 बजकर 30 मिनट 32 सेकंड तक था. इससे पहले साढ़े 11 बजे से गर्भगृह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूजा की. प्राण प्रतिष्‍ठा कुर्म द्वादशी तिथि में मृगशिरा नक्षत्र, इंद्र योग, मेष लग्न एवं वृश्चिक नवांश में हुआ. 

सुबह से चल रहा पूजन-पाठ 

आज सुबह से ही प्राण प्रतिष्‍ठा के पहले के अनुष्‍ठान चल रहे. सबसे पहले दैनिक मंडप में उन देवताओं का पूजन किया गया, जिनका प्राण प्रतिष्‍ठा के लिए आह्वान किया गया. इसके बाद प्रभु रामलला को जगाया गया. इस दौरान विशेष मंत्रों का उच्चारण हुआ. फिर भगवान राम को दिव्‍य स्नान करा विधिवत श्रृंगार संपन्न हुआ. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुख्‍य यजमान बनकर रामलला की नई मूर्ति की प्राण प्रतिष्‍ठा की. इसके बाद रामलला को दर्पण दिखाया गया. कहा जाता है कि प्राण प्रतिष्‍ठा के बाद जब मूर्ति को दर्पण दिखाया जाता है तो उनकी आंखों के तेज से दर्पण चटक जाता है. 

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