तिलक वर्मा की जुझारू अविजित इनिंग के बाद नाटे कद के रिंकू सिंह के लांग ऑफ़ मर मारे गए ऊंचे चौके ने भारत के भाल पर सिंदूरी तिलक लगा दिया। पूरा देश ख़ुशी से झूम उठा और जश्न में डूब गया। देशवासियों के साथ साथ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी गदगद हो गए। उन्होंने झटपट ट्वीट कर क्रिकेट के मैदान की जीत को ' ऑपरेशन सिंदूर ' से जोड़ा औऱ टीम इंडिया को जीत की बधाई दी।
टीम इंडिया और भारत यही नही रुका। उसने जीत की उस ट्रॉफी को लेने से इनकार कर दिया, जो पाकिस्तान क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के चीफ़ के हाथों मिलना थी। टीम इंडिया के इस क़दम से तिलमिलाए पीसीबी चीफ़ ने, ' चिप ' हरकत की औऱ ट्रॉफी-मेडल लेकर मैदान से होटल रवाना हो गए। भारत से मिली हार से बिलबिलाये पाक की इस हरकत के बाद ' आतंकिस्तान ' को 'ट्रॉफी चोर ' के ताने मिलने लग गए।
टीम इंडिया के इंकार के बाद भी पीसीबी चीफ़ मोहसिन नक़वी बेशर्म जैसे प्रेजेंटेशन सेरेमनी में डटे रहें और ट्रॉफी लेकर रवाना हो गए। उनकी इस हरकत की क्रिकेट जगत ही नही, समूचे जगत में आलोचना हो रहीं हैं। इस मसले पर भारत व टीम इंडिया का रूख पहले ही दिन से स्पष्ट था- खेलेंगे-पिटेंगे लेक़िन न हाथ मिलाएंगे, न हाथों से पुरुस्कार लेंगे। बीसीसीआई ने पाक की इस हरकत पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई औऱ आइसीसी में मसले को ले जाने की बात कहीं। पीसीबी चीफ़ पाकिस्तान सरकार में मंत्री भी हैं।
युद्ध के मैदान के बाद पाकिस्तान खेल के मैदान में भी एक बार फिर भारत के हाथों बुरी तरह से परास्त हुआ। एशिया कप में पाकिस्तान की ये भारत के हाथों लगातार तीसरी हार थी, जिसने समूचे पाकिस्तान को सदमे में ला दिया। पाक क्रिकेट फेन ने भी अपनी टीम को बुरी तरह लताड़ना शुरू कर दिया औऱ गम व गुस्से में डूब गए।
इधर भारत मे गांव गांव, गली गली, शहर शहर जश्न मनने लगा। दुबई से लेकर इंदौर तक एक समान उत्सव पसर गया। अहिल्या नगरी का आंगन यानी राजबाड़ा चौक इसका एक बार फ़िर गवाह मना। टूर्नामेंट की शुरुआत में इंदौर इस खेल से थोड़ा अनमना सा था लेक़िन फ़ायनल तक आते आते इंदौर ही नही, पूरा देश टीम इंडिया के जीत, जुनून व ज़ज्बे से जुड़ गया। इसका मुजाहिरा रविवार रात राजबाड़ा पर उमड़े जनसैलाब से साफ़ नज़र आया।
ऑपरेशन सिंदूर व उसके बाद खेल के मैदान में टीम इंडिया के पाकिस्तान टीम के ख़िलाफ़ दिखाए गए ' एटीट्यूड ' ने देशवासियों को एशिया कप से जोड़ दिया। देश का बच्चा बच्चा कल ऐसे सड़कों पर आ गया, जैसे भारतीय टीम ने वर्ल्डकप जीत लिया हो। राजबाड़ा पर व इंदौर की सड़कों पर आधी रात के बाद तक वो ही नज़ारा था, जो वर्ल्डकप 2011 में जीत के बाद था। हाथों में तिरंगा लिए लोग सड़कों पर झूम रहें थे, नाच रहे थे। वंदेमातरम व भारत माता की जय के जयघोष के साथ लोग एक दूसरे को जीत की बधाई दे रहें थे। जमकर आतिशबाजी भी हुई और ढोल की थाप के साथ तिरंगे के साथ साथ भगवा झंडे भी लहराए गए। भारी पुलिस बंदोबस्त भीड़ के उत्सव में किधर छुप गए, पता ही नही चला।
जीत का ये जश्न इंदौर पुलिस को शायद हज़म नही हुआ। अन्यथा वो उस उत्सव में सीटियां बजाते हुए लाठियां नही फटकारती, जिस उत्सव में देश के साथ साथ देश के सुरक्षा बल व प्रधानमंत्री मोदी तक शामिल थे। परिवार सहित उत्सव मनाने राजबाड़ा पहुचें लोगों को इंदौर पुलिस ने जबरिया खदेड़ना शुरू कर दिया। जबकि शहर अभी नवरात्रि के कारण देर रात तक जगराता कर रहा है।
मुख्यमंत्री मोहन यादव भी शहर में ही थे वे भी विभिन्न गरबा पाण्डलो में क्रिकेट की जीत का जश्न मना रहे थे। ऐसे में इंदोरियो ने राजबाड़ा की राह पकड़ी थी। शहर के हर हिस्से से लोग राजबाड़ा बड़े उत्साह से पहुचे लेक़िन इंदौर की पुलिस में उनके इस उत्सवमय उत्साह पर लाठी-डंडों के साथ पानी फेर दिया।