अजमेर के आनासागर में स्वयं सेवकों का घोष वादन
14 अप्रैल को सायं पांच बजे होगा अनूठा कार्यक्रम
गुरजीत सिंह खुराना बने गंज गुरुद्वारे के प्रधान।
अजमेर.
अजमेर के प्राकृतिक सौंदर्य को निखारने वाली आनासागर झील में 14 अप्रैल को सायं पांच बजे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की ओर से नौका नाद का एक अनूठा कार्यक्रम प्रस्तुत किया जाएगा। संघ के प्रांत प्रचार प्रमुख राजेंद्र लालवानी ने बताया कि संघ के 40 स्वयंसेवक 14 अप्रैल को सायं पांच बजे आनासागर झील के किनारे पुरानी चौपाटी पर अपने वाद्य यंत्रों के साथ एकत्रित होंगे।
सभी स्वयं सेवक झील में चल रहे बेटरी के क्रूज (जहाज) पर सवार होंगे। वाद्य यंत्रों के माध्यम से 35 देशभक्ति की धुन शहरवासियों को सुनाई जाएगी। इनमें शंख, बांसुरी, आनक और प्रणय के साथ नागांग (सैक्सोफोन), स्वरद (कलैरिलेट), गोमुख (यूफोनियम), तुयां (ट्रम्पेट), त्रिभुज और झलनरी शामिल हैं। क्रूज पर सवार सभी स्वयंसेवक पुरानी चौपाटी से शुरू होकर झील के चारों ओर भ्रमण करेंगे।
शहरवासी चौपाटी के किनारे खड़े होकर वाद्य यंत्रों की धुन सुन सकेंगे। आनासागर झील के प्रमुख स्थानों पर क्रूज को खड़ा रखा जाएगा। रीजनल कॉलेज वाली चौपाटी और रामप्रसाद घाट पर भी क्रूज खड़ा रहेगा। लालवानी ने शहरवासियों से अपील की है कि संघ के घोष वादन से जुड़े इस कार्यक्रम को देखने और सुनने के लिए अधिक से अधिक लोग आए। उन्होंने बताया कि यह कार्यक्रम संघ शताब्दी वर्ष के अंतर्गत संविधान निर्माता भीमराव अंबेडकर की जयंती पर किया जा रहा है।
संघ में घोष वादन की परंपरा वर्ष 1927 से शुरू हुई थी। इसे भारतीय रागों और सांस्कृतिक परंपराओं से जोड़ा गया। नौका नाद मुख्य रूप से संघ के पथ संचालनों, शिविरों, उत्सवों और महापुरुषों की जयंती के अयोजनों में किया जाता है। चूंकि अजमेर की आनासागर झील में क्रूज (जहाज) की सुविधा उपलब्ध इसलिए अजमेर में क्रूज पर घोषवादन किया जाएगा। भातरीय नौसेना द्वारा संघ की लगभग 37 मौलिक रचनाओं का वादन किया जा चुका है।
अजमेर के लोगों को रागों पर 35 धुने सुनने का अवसर मिलेगा। इसमें मीरा, चेतक, शिवरंजनी, कीरना, अनूप और दुर्गा पर आधारित धुने होंगी। श्री रामचंद्र कृपालु भजु मन और शिवराज जैसी धुनों की रचना भी स्वयंसेवकों ने की है। इस आयोजन के बारे में और अधिक जानकारी मोबाइल नंबर 9829070055 पर राजेंद्र लालवानी से ली जा सकती है।
अजमेर के गंज स्थित गुरुद्वारा श्री गुरु नानक सभा के प्रधान गुरजीत सिंह खुराना निर्वाचित हुए हैं। 12 अप्रैल को संस्था की साधारण सभा में निर्वाचन अधिकारी अमोलक सिंह छाबड़ा ने सर्वसम्मति से खुराना के नाम की घोषणा की। इसके साथ ही प्रीत पाल सिंह बग्गा ऑडिटर चुने गए तथा शेष पदाधिकारियों को चुनने की जिम्मेदारी प्रधान खुराना को दी गई। मालूम हो कि गंज स्थित गुरुद्वारे की स्थापना वर्ष 1952 में की गई थी।
खुराना ने कहा कि अगले वर्ष गुरुद्वारे की स्थापना के 75 वर्ष पूरे हो रहे हैं, ऐसे में गुरुद्वारे के स्थापना दिवस का भव्य समारोह आयोजित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि गुरुद्वारे के पास जो संपत्तियां हैं, उनका उपयोग अधिक से अधिक श्रद्धालुओं के लिए किया जाएगा। क्योंकि यह गुरुद्वारा ख्वाजा साहब की दरगाह के निकट है, इसलिए गुरुद्वारे में वर्ष भर श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता है।
गुरुद्वारे से जुड़े गेस्ट हाउस में रियायती दरों पर श्रद्धालुओं को ठहराया जाता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि गुरुद्वारे से जुड़े धार्मिक आयोजनों को करवाने में संस्था के सभी सदस्यों का सहयोग मिलेगा। सेवाभावी खुराना वर्ष 2010 से संस्था के सचिव पद पर कार्यरत है, वे दूसरे बार प्रधान निर्वाचित हुए। मोबाइल नंबर 9251828037 पर गुरजीत सिंह खुराना को बधाई दी जा सकती है।
S.P.MITTAL BLOGGER