जयपुर। राजस्थान में नगरीय निकाय चुनाव 2026 को लेकर चुनावी बिगुल बज गया है। राज्य निर्वाचन आयोग ने प्रदेश के 309 शहरी निकायों में चुनाव कार्यक्रम की घोषणा कर दी है। चुनाव दो चरणों में कराए जाएंगे। कार्यक्रम की घोषणा के साथ ही संबंधित नगरीय निकाय क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है।
राज्य में लंबे समय से निकाय चुनाव का इंतजार कर रहे राजनीतिक दलों और संभावित उम्मीदवारों की सक्रियता अब बढ़ने की संभावना है। नगर निगम, नगर परिषद और नगरपालिका क्षेत्रों में चुनावी तैयारियां तेज होंगी।
दो चरणों में होगा मतदान
राज्य निर्वाचन आयोग के घोषित कार्यक्रम के अनुसार नगरीय निकाय चुनाव के लिए मतदान दो चरणों में कराया जाएगा। पहले चरण में 9 सितंबर और दूसरे चरण में 11 सितंबर को मतदान होगा। चुनाव परिणाम 14 सितंबर को घोषित किए जाएंगे।
प्रदेश के 309 नगरीय निकायों में कुल 10,245 पार्षद पदों के लिए चुनाव होना है। इनमें नगर निगम, नगर परिषद और नगरपालिकाएं शामिल हैं।
27 अगस्त से नामांकन प्रक्रिया
चुनाव कार्यक्रम के मुताबिक 27 अगस्त को चुनाव की अधिसूचना जारी होने के साथ नामांकन प्रक्रिया शुरू होगी। उम्मीदवारों को निर्धारित समय सीमा में नामांकन दाखिल करना होगा। नामांकन पत्रों की जांच और नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद प्रत्याशियों की अंतिम तस्वीर साफ होगी।
निकाय चुनाव को लेकर आरक्षण और परिसीमन की प्रक्रिया पहले ही पूरी की जा चुकी है। आरक्षण के बाद अलग-अलग निकायों में चुनावी समीकरण बदल गए हैं और कई वार्डों में नए दावेदार मैदान में उतरने की तैयारी कर रहे हैं।
मेयर और निकाय प्रमुखों के चुनाव पर भी नजर
पार्षदों के चुनाव के बाद नगर निगमों में मेयर तथा नगर परिषद और नगरपालिकाओं में अध्यक्ष पद के चुनाव होंगे। इसके बाद उपाध्यक्ष और डिप्टी मेयर के चुनाव की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
राजस्थान के प्रमुख नगर निगमों में मेयर पद को लेकर राजनीतिक दलों के बीच मुकाबला खासा महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आरक्षण प्रक्रिया के बाद जयपुर, जोधपुर, उदयपुर और बीकानेर नगर निगम के मेयर पद अनारक्षित रखे जाने की जानकारी सामने आई है।
आचार संहिता लागू, चुनावी गतिविधियां तेज
चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के साथ ही संबंधित नगरीय निकाय क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता प्रभावी हो गई है। अब राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों को चुनाव आयोग के नियमों के तहत प्रचार अभियान चलाना होगा।
चुनाव की तारीखों के ऐलान के बाद भाजपा, कांग्रेस सहित अन्य राजनीतिक दलों की गतिविधियां तेज होने की उम्मीद है। संभावित प्रत्याशी अपने-अपने वार्डों में जनसंपर्क बढ़ाएंगे, जबकि राजनीतिक दल टिकट वितरण और चुनावी रणनीति को अंतिम रूप देने में जुटेंगे।
राजस्थान के स्थानीय चुनावों पर रहेगी नजर
309 नगरीय निकायों में होने वाला यह चुनाव राजस्थान की स्थानीय राजनीति के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हजारों पार्षद पदों के लिए होने वाले चुनाव के परिणाम नगर निकायों की सत्ता का नया समीकरण तय करेंगे।
चुनाव कार्यक्रम के साथ अब प्रदेश में स्थानीय स्तर पर राजनीतिक मुकाबला तेज होने जा रहा है। आने वाले दिनों में टिकट वितरण, बागी उम्मीदवारों और प्रमुख नगर निगमों में मेयर पद के दावेदारों को लेकर तस्वीर और स्पष्ट होगी।