नई दिल्ली. नए साल की शुरुआत के साथ ही केंद्र सरकार ने वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक बड़ी और अहम पहल करते हुए कई नई सुविधाओं और योजनाओं को लागू किया है। इस फैसले का मकसद 60 वर्ष से अधिक उम्र के नागरिकों को बुढ़ापे में आर्थिक सुरक्षा, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं और सम्मानजनक जीवन देना है। सरकार का साफ संदेश है कि जिन्होंने जीवन भर देश और समाज के लिए योगदान दिया, उन्हें इस उम्र में किसी तरह की असहायता महसूस न करनी पड़े।
सरकार की इस पहल के तहत सीनियर सिटीजन कार्ड को एक महत्वपूर्ण माध्यम बनाया जा रहा है, जिससे बुज़ुर्गों को स्वास्थ्य, पेंशन, बैंकिंग और यात्रा से जुड़ी सुविधाएं एक ही पहचान के ज़रिए मिल सकेंगी। यह कार्ड ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीकों से बनवाया जा सकेगा, जिससे बुज़ुर्गों को दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
स्वास्थ्य क्षेत्र में सरकार ने विशेष ध्यान दिया है। 60 वर्ष से अधिक उम्र के पात्र नागरिकों को मुफ्त या रियायती इलाज की सुविधा दी जा रही है। वहीं 70 वर्ष से ऊपर के वरिष्ठ नागरिकों को आयुष्मान भारत योजना के तहत सालाना ₹5 लाख तक का मुफ्त इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है। दूरदराज़ और ग्रामीण इलाकों के लिए मोबाइल हेल्थ यूनिट और टेलीमेडिसिन सेवाएं भी शुरू की गई हैं, ताकि बुज़ुर्ग घर बैठे डॉक्टर से सलाह ले सकें।
आर्थिक सुरक्षा को मजबूत करने के लिए सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम (SCSS) पर आकर्षक ब्याज दर जारी रखी गई है, साथ ही पेंशन से जुड़ी सुविधाओं को सरल बनाया गया है। बैंक शाखाओं में वरिष्ठ नागरिकों के लिए प्राथमिकता काउंटर और धोखाधड़ी या संपत्ति विवाद जैसे मामलों में मुफ्त कानूनी सहायता केंद्र भी स्थापित किए जा रहे हैं।
इसके अलावा, बुज़ुर्गों की यात्रा को आसान बनाने के लिए रेलवे और अन्य परिवहन सेवाओं में किराए में विशेष छूट देने की व्यवस्था की गई है। धार्मिक यात्राओं और पारिवारिक आवागमन के लिए यह कदम बुज़ुर्गों को बड़ी राहत देगा।
कुल मिलाकर, सरकार की यह पहल बुज़ुर्गों को सिर्फ सुविधाएं ही नहीं, बल्कि सम्मान, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता का भरोसा भी देती है, जो किसी भी जिम्मेदार शासन की पहचान है।