मध्य प्रदेश के सागर में मचा हड़कंप : जहरीली शराब पीने से 11 लोगों की मौत : प्रशासनिक अमले में हलचल तेज

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सागर.

मध्य प्रदेश के सागर जिले की बंडा तहसील के बराज गांव में जहरीली शराब पीने से 11 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई है. यह सनसनीखेज घटना शनिवार और रविवार की दरमियानी रात की है. सूचना मिलते ही सागर एसपी अनुराग सुजानिया भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए हैं.

मध्य प्रदेश के सागर जिले के बंडा इलाके से बड़ी खबर आ रही है. यहां जहरीली शराब पीने से 11 लोगों की मौत हो गई है और 10 से ज्यादा लोगों की हालत नाजुक है. बीती रात शराब पीने के बाद लोगों की तबियत बिगड़ने लगी तो इलाके में हड़कंप मच गया. आनन-फानन में लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई.

घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अमले में भी हलचल तेज हो गई. मौके पर सागर एसपी अनुराग सुजानिया समेत पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी और अधीनस्थ अमला पहुंचा है. पुलिस ने घटनास्थल का जायजा लेते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है. फिलहाल मौतों की वास्तविक वजह और शराब के स्रोत को लेकर जांच की जा रही है.

घटनाक्रम की जानकारी मिलते ही SP, कलेक्टर समेत आला प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे. पुलिस ने जहरीली शराब को जब्त करके जांच शुरू कर दी है. शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजकल जल्द से जल्द रिपोर्ट तलब की है.

शराब के नशे में धुत थे इलाज कराने आए मरीज

कलेक्टर प्रतिभा पाल ने बताया कि मृतक पाटन, गूगरा, चौका, मगरधा के निवासी थे. बड़ा सिविल अस्पताल में बीती रात अचानक हंगामा मचा, जब एक के बाद एक मरीज आने लगे. डॉक्टरों ने मरीजों की संख्या देखकर संपर्क किया तो SP अनुराग सुजानिया के साथ अस्पताल पहुंचकर जांच की. तब तक 9 लोग दम तोड़ चुके थे और बाकी का इलाज जारी था. डॉक्टरों से बातचीत की तो पता चला कि इनके परिजनों ने शराब पीने के बाद तबियत बिगड़ने को मौत होने की वजह बताया. क्योंकि इलाज कराने आए मरीज शराब के नशे में थे, इसलिए हो सकता है कि शराब पीने से ही इनकी मौत हुई.

अवैध शराब जब्त करके जांच के लिए भेजे सैंपल

कलेक्टर प्रतिभा पाल ने कहा कि नौराज और गुगरा के मरीजों की संख्या ज्यादा है. कांग्रेस के पूर्व विधायक तरवीर सिंह भी मामले का जायजा लेने सिविल अस्पताल पहुंचे. डॉक्टरों से मिली जानकारी के आधार पर उस शराब के सैंपल जब्त किए हैं, जिसे पीने के बाद लोगों की तबियत बिगड़ी थी. पुलिस और प्रशासन की टीमें उन गांवों में जांच करने के लिए भेजी गई हैं, जहं से लोग इलाज कराने अस्पताल पहुंचे थे. डॉक्टर, प्रशासन और पुलिस टीमें चारों गांवों पर नजर रखे हुए है. चारों गांवों में आने वाली शराब की खेप को जब्त करके जांच करने के आदेश हैं. लोगों से अभी शराब न पीने की अपील है.

गुजरात में जहरीली शराब से 13 की मौत हुई थी

बता दें कि पिछले महीने गुजरात के भावनगर जिले में जहरीली शराब पीने से 13 लोगों की मौत हुई थी. पुलिस ने मामले में जांच करते हुए 4 अवैध शराब विक्रेताओं को हिरासत में लिया था. वेलावदार भाल थाने के कांस्टेबल राजदीप सिंह गोहिल समेत 39 लोगों को गिरफ्तार किया था. पीड़ितों ने मशहूर इंडियन मेड फॉरेन लिकर (IMFL) ब्रांड की शराब पी थी, जबकि गुजरात ड्राई स्टेट है, जहां शराब बनाना, बेचन और सेवन करना प्रतिबंधित है. बावजूद इसके शराब बेची गई, खरीदी गई और पीने से लोगों की मौत हुई. सरकार ने पुलिस और प्रशासन को शराब बेचने वालों का पता लगाने का आदेश दिया है.

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