Aaj ka Mausam 6 September 2026:
कश्मीर के ऊंचे इलाकों में बीते शनिवार को इस सीजन की पहली बर्फबारी हुई, क्योंकि पहाड़ों पर सर्द मौसम जैसे हालात बनने लगे थे. वहां अधिकारियों ने बताया कि गुलमर्ग, सोनमर्ग और गुमरी उन इलाकों में शामिल हैं जहां फ्रेश स्नोफॉल हुआ. श्रीनगर और आस-पास के जिलों के कई हिस्सों में सुबह और दोपहर के वक्त बारिश हुई. कुछ इलाकों में ओलावृष्टि और तेज हवाएं चलने की भी खबर है. बारिश से दिन के तापमान में कुछ डिग्री की गिरावट आई, जिससे हाल के मौसम से राहत मिली. मौसम विभाग ने रविवार को घाटी में हल्की बारिश की संभावना जताई है, जबकि आने वाले दिनों में मौसम के ज्यादातर ड्राई रहने की उम्मीद है.
उत्तराखंड में बर्फबारी की खबर
उत्तराखंड में भी मौसम बदल चुका है, यहां पहाड़ों से लेकर मैदानी इलाकों तक बादल छाए रहे. कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश हुई, जबकि ज़्यादा ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी हुई. चमोली में बद्रीनाथ धाम, हेमकुंड साहिब, चिनाप घाटी, सोना शिखर, वैली ऑफ़ फ्लावर्स, कुंथ खाल और काग भुशुंडी के आस-पास बर्फबारी की खबर है. लगातार बारिश से जिले के कुछ हिस्सों में आम जनजीवन पर असर पड़ा है और नीति-माना घाटी में ठंड बढ़ गई है. IMD ने रविवार को उत्तराखंड में कई जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश और आंधी-तूफान की भविष्यवाणी की है. देहरादून समेत 8 ज़िलों के लिए भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है.
रुद्रप्रयाग में नदियों का जलस्तर बढ़ा
रुद्रप्रयाग में शनिवार सुबह से ही बारिश जारी रही, जिससे स्थानीय नदियों और नालों का जलस्तर बढ़ गया. अधिकारियों ने बताया कि सुबह 8 बजे अलकनंदा और मंदाकिनी नदियां चेतावनी स्तर के करीब बह रही थीं. जिला आपातकालीन केंद्र के मुताबिक पिछले 24 घंटों में रुद्रप्रयाग में 8 मिमी, ऊखीमठ में 12.50 मिमी और जखोली में 15 मिमी बारिश दर्ज की गई.
दिल्ली समेत इन राज्यों में बारिश
भारत में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून तेज हो गया है और IMD ने दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड और पूर्वोत्तर भारत के कुछ हिस्सों सहित कई राज्यों में भारी बारिश का अनुमान लगाया है. आज कई इलाकों में आंधी-तूफान, बिजली कड़कने और तेज़हवाएं चलने जैसी मॉनसून से जुड़ी गतिविधियां भी हो सकती हैं. देश की राजधानी और आसपास के शहरों में 6 सितंबर 2026 को भी बूंदा बांदू हो रही है, जिससे उमस से राहत मिली है. उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले दिनो में भी वेदर ऐसा ही रह सकता है.