शाकीर शेख...✍️
देवास. किसी अधिकारी की पहचान केवल उसके पद और कुर्सी से नहीं होती, बल्कि इस बात से होती है कि उसके काम से आम आदमी को कितनी राहत मिली और जनता ने उसे कितना अपना माना। देवास में कलेक्टर ऋतुराज सिंह की कार्यशैली को लेकर भी ऐसी ही चर्चाएं सामने आती रही हैं। जनता के बीच पहुंचना, आम लोगों की समस्याएं सुनना और जरूरतमंदों की मदद के लिए तत्पर रहना उनकी प्रशासनिक छवि के प्रमुख पहलुओं में गिने जाते हैं।
ऋतुराज सिंह के कार्यकाल में विकास कार्यों को गति देने के साथ ही प्रशासनिक बैठकों में अधिकारियों को जिम्मेदारियों के प्रति सजग रहने और कामकाज में तेजी लाने के निर्देश देने पर जोर दिखाई दिया। सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचे, लोगों की समस्याओं का समय पर निराकरण हो और विकास कार्यों में अनावश्यक देरी न हो, ये किसी भी संवेदनशील प्रशासन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां हैं।
जनता के बीच पहुंचने वाला अधिकारी ही लोगों की उम्मीद बनता है। आम आदमी के लिए प्रशासन का दरवाजा खुला होना, गरीब और जरूरतमंद व्यक्ति की बात सुनी जाना तथा समस्याओं के समाधान के लिए अधिकारियों का सक्रिय रहना, ऐसी बातें हैं जो किसी अधिकारी को लोगों की स्मृतियों में जगह दिलाती हैं। ऋतुराज सिंह की कार्यशैली को पसंद करने वाले लोग भी उनके इसी जनसंपर्क और सक्रियता को अहमियत देते हैं।
कलेक्टर का पद केवल सरकारी आदेशों पर हस्ताक्षर करने तक सीमित नहीं होता। इस जिम्मेदारी में शहर और जिले के विकास, सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन, जनसमस्याओं के समाधान और अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित करने जैसी अनेक चुनौतियां शामिल होती हैं। इन मोर्चों पर सक्रियता दिखाने वाला प्रशासन जनता की अपेक्षाओं को नई दिशा देता है।
अब सवाल यह उठता है कि जनता के बीच सक्रिय रहने वाले अधिकारी की कार्यशैली को आगे बढ़ाने का अवसर कितना मिलता है? ऋतुराज सिंह के स्थानांतरण या प्रशासनिक बदलाव को राजनीति से जोड़कर देखने वाले लोगों की भावनाएं अपनी जगह हो सकती हैं, लेकिन इसे सीधे राजनीतिक दबाव का परिणाम बताने के लिए ठोस तथ्यों की आवश्यकता है।
फिर भी, जनता की अपेक्षा स्पष्ट है—अधिकारी कोई भी हो, प्रशासन का केंद्र आम आदमी होना चाहिए। गरीब की सुनवाई हो, विकास कार्य समय पर पूरे हों, अधिकारियों की जवाबदेही तय हो और जनहित के मामलों में संवेदनशीलता बनी रहे।
कुर्सियां बदलती रहती हैं, लेकिन जनता के लिए किए गए काम लंबे समय तक याद रखे जाते हैं। *ऋतुराज सिंह के कार्यकाल को लेकर लोगों की सकारात्मक प्रतिक्रियाएं इसी बात की याद दिलाती हैं कि प्रशासनिक पद की असली पहचान जनता के विश्वास और जनसेवा से बनती है।