इंदौर हाईकोर्ट ने जनहित याचिका खारिज की, लेकिन परियोजना की लागत और निर्माण अवधि सार्वजनिक करने के निर्देश; पीडब्ल्यूडी के मुख्य अभियंता की अध्यक्षता में बनेगी समिति
तेज कुमार सेन
इंदौर.
इंदौर के एबी रोड पर एलआईजी चौराहे से नौलखा चौराहे तक प्रस्तावित लगभग 6.5 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड कॉरिडोर को लेकर दायर जनहित याचिका पर मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने महत्वपूर्ण निर्णय सुनाया है। न्यायमूर्ति सुबोध अभ्यंकर और न्यायमूर्ति जय कुमार पिल्लई की युगलपीठ ने परियोजना को चुनौती देने वाली याचिका खारिज कर दी।
हालांकि, न्यायालय ने निर्माण से जुड़े तकनीकी मुद्दों की नियमित समीक्षा और समाधान के लिए एक उच्चस्तरीय समिति गठित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही राज्य के संबंधित अधिकारियों को परियोजना की कुल लागत और उसके पूरा होने की संभावित समय-सीमा सार्वजनिक करने को कहा है।
यह आदेश अतुल शेठ विरुद्ध मध्यप्रदेश राज्य एवं अन्य, रिट याचिका क्रमांक 3905/2026 में 26 अक्टूबर 2026 को पारित किया गया। याचिका में प्रस्तावित एलिवेटेड कॉरिडोर की उपयोगिता पर सवाल उठाते हुए वैकल्पिक यातायात व्यवस्था अपनाने की मांग की गई थी।
समिति में निम्नलिखित सदस्य शामिल होंगे:
1. लोक निर्माण विभाग के दो सदस्य।
2. इंदौर विकास प्राधिकरण के दो सदस्य।
3. एसजीएसआईटीएस, इंदौर के दो सदस्य।
4. याचिकाकर्ता अतुल शेठ।
5. इंदौर उत्थान अभियान समिति के दो सदस्य