मुंबई. रिकॉर्ड छूने के बाद सोने की कीमतों में तेज गिरावट आई है, लेकिन बड़ी ग्लोबल ब्रोकरेज फर्मों का कहना है कि लंबी अवधि में सोना फिर नई ऊंचाई बना सकता है। पिछले हफ्ते रिकॉर्ड स्तर छूने के बाद सोना करीब 5फिसलकर दो हफ्ते से ज्यादा के निचले स्तर पर आ गया।
स्पॉट गोल्ड 3.2गिरकर 4,708.19 डॉलर प्रति औंस (Gold Rate Today) रहा, हालांकि सत्र के दौरान यह करीब 10तक टूट गया था। 30 जनवरी 2026 को सोने में 9.8की गिरावट आई थी, जो 1983 के बाद सबसे बड़ी एक-दिवसीय गिरावट मानी जा रही है।
29 जनवरी को 5,594.82 डॉलर प्रति औंस (Gold All Time High) का ऑल-टाइम हाई बनाने के बाद सोना अब तक करीब 900 डॉलर (Gold Price Crash) से ज्यादा टूट चुका है, जिससे इस साल की ज्यादातर बढ़त मिट गई। हालांकि, मंगलवार यानी 3 फरवरी को गोल्ड ने फिर तेजी पकड़ी और वैश्विक बाजार में 6.67 फीसदी यानी 310 डॉलर से ज्यादा का उछाल आया और कीमत 4962 डॉलर (Gold Price Today) को क्रॉस कर गई।
इन उतार-चढ़ाव के बीच जेपी मॉर्गन (JP Morgan) ने बड़ा अनुमान दिया है। ब्रोकरेज के मुताबिक, 2026 के अंत तक सोना 6,300 डॉलर प्रति औंस (भारतीय करेंसी में 2,00,689 रुपए प्रति 10 ग्राम) तक पहुंच सकता है। उनका कहना है कि केंद्रीय बैंकों और निवेशकों की मजबूत मांग बनी रहेगी। 2026 में केंद्रीय बैंक करीब 800 टन सोना खरीद सकते हैं, क्योंकि वे अपने विदेशी मुद्रा भंडार में विविधता लाने की प्रक्रिया जारी रखे हुए हैं।
ब्रोकरेज ने कहा कि हाल की अस्थिरता के बावजूद मिड-टर्म में वे सोने को लेकर मजबूती से सकारात्मक हैं, क्योंकि असली संपत्तियां (real assets) कागजी निवेश (paper assets) से बेहतर प्रदर्शन कर रही हैं। इस बीच Deutsche Bank ने भी 2026 के लिए सोने का अपना अनुमान दोहराया है। बैंक का दावा है कि सोना 6,000 डॉलर प्रति औंस के पार जा सकता है।
एक लंबी अवधि के एआई प्राइस फोरकास्ट के मुताबिक, सोने की कीमत अप्रैल तक 10,000 डॉलर प्रति औंस के पार जा सकती है। मॉडल के अनुसार उस महीने सोना 10,527 डॉलर (भारतीय रुपए में 3,35,342 रुपए प्रति 10 ग्राम) तक पहुंच सकता है। इसके बाद साल की दूसरी छमाही में भी तेजी जारी रहने का अनुमान है, जहां दिसंबर तक कीमतें करीब 19,733 डॉलर के स्तर तक जा सकती हैं। वहीं एक्सपर्स्ट का अनुमान है कि फिलहाल गिरावट जरूर दिख रही है, लेकिन सोने की लंबी दौड़ अभी बाकी है।