नई दिल्ली. सोने में निवेश करने वालों के लिए बड़ी खुशखबरी है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) ने सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB) 2020-21 की सीरीज-VII के लिए समयपूर्व रिडेम्पशन की कीमतों का ऐलान कर दिया है। इस बॉन्ड में निवेश करने वालों को अब करीब 205रिटर्न मिलने जा रहा है। यानी अगर किसी निवेशक ने साल 2020 में इस बॉन्ड में 1 लाख रुपये लगाए थे, तो अब उसकी कीमत करीब 3.05 लाख रुपये हो गई है।
कुल वैल्यू: अगर किसी निवेशक ने साल 2020 में 1,00,000 रुपये निवेश किए थे, तो आज उसकी वैल्यू 3,05,000 रुपये के करीब हो गई है। इसमें हर साल मिलने वाला 2.5ब्याज अलग से है।
निवेशक 20 अप्रैल 2026 से इस बॉन्ड को समय से पहले भुना सकते हैं।
रिडेम्पशन प्राइस पिछले तीन वर्किंग डेज (15, 16 और 17 अप्रैल 2026) के इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) द्वारा जारी सोने के औसत क्लोजिंग प्राइस के आधार पर तय किया गया है। SGB नियम के अनुसार, इश्यू की तारीख से 5 साल पूरे होने के बाद ही समय पूर्व रिडेम्पशन की अनुमति मिलती है।
जिन निवेशकों ने इस सीरीज में निवेश किया है, वे अपने बैंक, पोस्ट ऑफिस या स्टॉक एक्सचेंज के माध्यम से रिडेम्पशन की प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। रिलजर्व बैंक की ओर से निवेशकों को ईमेल पर 'होल्डिंग सर्टिफिकेट' भी जारी किया जाता है, जो रिडेम्पशन के समय काम आता है।
सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड भारत सरकार की ओर से रिजर्व बैंक जारी करता है। यह ग्राम में तय सरकारी सिक्योरिटी होती है, जो फिजिकल गोल्ड का विकल्प है। फिजिकल गोल्ड की तरह इसमें मेकिंग चार्ज या स्टोरेज (लॉकर) का खर्च नहीं होता। निवेशकों को निवेश की गई मूल राशि पर 2.50प्रति वर्ष की निश्चित दर से ब्याज मिलता है, जो हर 6 महीने में बैंक खाते में जमा किया जाता है। हालांकि अब इस स्कीम को बंद कर दिया गया है।
राजेश भारती
असिस्टेंट न्यूज़ एडिटर
राजेश भारती, नवभारत टाइम्स (डिजिटल) में असिस्टेंट न्यूज एडिटर हैं। वह जुलाई 2024 में टाइम्स ऑफ इंडिया ग्रुप के नवभारत टाइम्स, डिजिटल विंग से जुड़े। राजेश भारती NBT डिजिटल में बिजनेस डेस्क पर कार्यरत हैं। वह कमोडिटी मार्केट, शेयर मार्केट, पर्सनल फाइनेंस, क्रिप्टोकरेंसी पर मजबूत पकड़ रखते हैं। 16 साल से अधिक के पत्रकारिता करियर में सिटी रिपोर्टिंग, हेल्थ रिपोर्टिंग, बिजनेस-इन्वेस्टर समिट आदि कवर किए हैं।