सुनील पालीवाल
अनिल बागोरा-शुभम व्यास, पुलकित पुरोहित-वासुदेव पुरोहित
इंदौर.
पालीवाल समाज इंदौर के चुनाव में वोटिंग में हुआ बम्पर मतदान! आखिर इसका क्या मतलब है? क्या जनता के मूड में बड़ा बदलाव आया है या श्री भुरालाल जी व्यास ही होंगे पालीवाल समाज के अध्यक्ष ? या परिवर्तन की लहर में किला नहीं बचा पायेगे.
पालीवाल वाणी के प्रबंध संपादक श्री अनिल बागोरा ने बताया है कि अभी तक कुल 1349 वोट में से अभी तक कुल 1137 सदस्यों ने मतदान में हिस्सा लिया. मतदान का समय खत्म हुआ. निर्वाचन अधिकारी ने मीडिया पर रोक लगाई. उसके बाद भी मीडिया ने अपना फर्ज शानदार तरीके से निभा कर समाजजनों को पल-पल की खबर पालीवाल वाणी के पत्रकारों ने ईमानदारी पूर्वक पहुंचाई.
1349 वोट में से अभी तक कुल 1137 सदस्यों ने बढ़चढ़कर मतदान में हिस्सा लिया. संतोषजनक दिखाई नहीं दिया, जिससे विवाद की स्थिति निर्मित होने के बाद शांतिपूर्वक मतदान का असर दिखाई दिया. सदस्यों ने आरोप लगाया कि निर्वाचन अधिकारी स्पष्ट रूप से सहयोग नहीं कर रहे है. कहीं बार आक्रोश की मुद्वा में दिखाई दिए. निर्वाचन प्रकिया पर भी अब सवाल उठने लगे है कि कहीं सदस्यों के घर दावे आपत्ती की सुची भी नहीं मिली. तीन बजे तक मतदान की प्रकिया सतत् चलेगी.
मतदान केंद्र पर पत्रकारों पर रोक लगाकर चौथे स्तभं का ललकारा है, जो आने समय में इसका जबाव लिया जाएगा. मन में डर नही है, तो पत्रकारों पर प्रतिबंध लगाकर होने वाली गड़बड़ी को छिपाने का कृत्य करने का पड़यंत्र हो सकता है.! प्रभु श्री चारभुजानाथ जी सब देख रहे है, सब अच्छा होगा.
पालीवाल ब्राह्मण समाज 44 श्रेणी इंदौर के चुनाव दिनांक 29 मार्च 2026 रविवार को श्री चारभुजानाथ मंदिर परिसर में मतदाता अपने विवेक से नई कार्यकारिणी का चयन करेंगे, जो आने दिनों में भविष्य की नींव साबित होगें. तमाम चर्चाओं के दौर में श्री सांवरिया पैनल और श्री चारभुजानाथ सेवा मंडल ने चुनावी मैदान संभाला और उनके समर्थकों ने द्ववार-द्ववार पहुंचकर मतदाताओं को प्रभावित करने का काम किया. जिसमें अधिकांश प्रत्याक्षीयों को भारी समर्थन देखने को भी मिला.
श्री चारभुजानाथ सेवा मंडल ने एक बार फिर सादगी और मिलनसार में किसी से कम नहीं, सदाबार हंसमुख चेहरा श्री भुरालाल जी व्यास के समर्थन में पैनल चुनाव लड़ रहीं हैं, वहीं दुसरी और श्री सांवरिया पैनल से इंदौर के सुप्रसिद्व वकील और फिल्म अभिनेता श्री लक्ष्मीनारायण जी बागोरा के नेतुत्व में पैनल चुनाव लड़ रही हैं.
अध्यक्ष पद पर इस बार कांटे का मुकाबला देखने को मिल सकता है, जबकि कई उम्मीद्ववारों का भविष्य इस बार अधर में दिखाई दे रहा है.
श्री सांवरिया पैनल और श्री चारभुजानाथ सेवा मंडल में इस बार कड़ी टक्कर देखने को मिल रहीं हैं, जितने भी प्रत्याक्षी चुनाव रण में दिखाई दे रहे है, वो सभी तारीफें काबिल हैं, यदाकदा दो-तीन उम्मीद्ववार चुनाव के दौरान ही मैदान में दिखाई देते है, अगर चुनाव जीतते है, तो आश्चर्य नहीं होना चाहिए क्योंकि वो व्यक्तिगत छवि के कारण चुनाव नहीं जीत रहे है, बल्कि वो पैनल के दम पर विजय होने के द्ववार पर खडे हैं.
एक चर्चा ऐसी भी है कि इस चुनाव में कई उम्मीद्ववार भविष्य में होने वाले चुनाव से दुरी बना सकते हैं, क्योंकि उनके लिए मतदाता अपना वोट देकर बायं-बाय करने वाले हैं. कई ऐसे उम्मीद्ववार भी मैदान में है, जो समाजसेवा का का बखान तो करते है, लेकिन वास्तव में समाजसेवा का अवसर कहीं दिखाई नहीं देता हैं. इस चुनाव को लेकर इंदौर से लेकर राजस्थान तक चर्चा का दौर शुरू हो गया है, कि इस बार कौन सी पैनल मैदान में चुनाव जीतेगी. हमारा तो मानना है कि चुनाव वहीं जीते जो समाजसेवा के प्रति सच्ची सेवा भावना से समाजजनों का भला कर सके.
पक्ष और विपक्ष में कई नौजवान भी मैदान में अपना भविष्य तलाश कर रहे है, और वो चाहते है कि समाज में हमारी भी शक्ति दिखाई दे, ऐसे नौजवान उम्मीद्ववारों से अप्रेक्षा की जाती है कि चुनाव जीतने के बाद अगला चुनाव में कोई घोषणा मत करना जब तक वर्तमान में की गई, घोषणाओ को पूरा ना कर दे...क्योंकि कई चुनाव में देखा, सत्ता पक्ष हो या विपक्ष जब भी मतदाओं ने इनको समर्थन देकर चुनाव जिताया है, तब-तब मतदाताओं के साथ छल हुआ है...!
सपने उतने ही दिखाओं जितना अपनी स्वय की जेब में से खर्च कर सकों...हर व्यक्ति की एक ही उम्मीद होती है, कि हमारा समाज सबसे अच्छा साबित होगा...लेकिन हर बार निराशा हाथ लगती है, जब की गई घोषणाओं को हम पूरा नहीं कर सकते...बात गई, लेकिन वर्तमान की स्थिति को देखते हुए सामूहिक रूप से एकता का संदेश देते हुए भविष्य की नींव मजबूत की जाए, तो सोने पर सुहागा होगा. वरना चुनाव का क्या, जब इच्छा हो करा लो, किसने रोका हैं. हर बार वो मंदिर जाकर प्रभु दर्शन करना ही हैं.