मनोरमा सिसोदिया (पिंकी) का MPPSC द्वारा आयोजित असिस्टेंट प्रोफेसर, गणित विषय में चयन : पिताजी का सपना… आज साकार हुआ

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आज ये लिखते हुए आंखें नम हैं और दिल गर्व से भर गया है…

  • रवि हेमराज सिसौदिया

इंदौर. मेरी बड़ी बहन मनोरमा सिसोदिया (पिंकी) का MPPSC द्वारा आयोजित असिस्टेंट प्रोफेसर, गणित विषय में चयन हुआ है। ये सिर्फ एक नौकरी या एक परीक्षा में मिली सफलता नहीं है… ये पिछले 10 वर्षों के संघर्ष, मेहनत, धैर्य और कभी हार न मानने की कहानी है। कई बार जिंदगी ने मुश्किलें दीं, कई बार रास्ते कठिन हुए, लेकिन पिंकी ने कभी अपने कदम पीछे नहीं खींचे।

क्योंकि मेहनत कभी असफल नहीं होती… असफलता सिर्फ हमें सिखाती है कि अगली बार सफलता के लिए और मजबूती से कैसे खड़ा होना है। आज इस सफलता के साथ सबसे ज्यादा याद आ रहे हैं हमारे पिताजी। पिताजी कहा करते थे— “मैं रहूं या न रहूं, मनोरमा की पढ़ाई कभी रुकनी नहीं चाहिए।”

उनके ये शब्द आज भी हमारे कानों में गूंजते हैं। शायद आज अगर वो हमारे बीच होते, तो अपनी बेटी की इस उपलब्धि पर सबसे ज्यादा गर्व उन्हें ही होता। पिछले 10 सालों का ये सफर आसान नहीं था… लेकिन आज लगता है कि हर इंतजार, हर संघर्ष, हर मुश्किल और हर आंसू की कीमत मिल गई।

पिताजी का सपना आज पूरा हुआ है। और शायद यही इस सफलता की सबसे खूबसूरत बात है। कभी-कभी मंजिल देर से मिलती है, लेकिन जब मिलती है तो रास्ते का हर दर्द छोटा पड़ जाता है।

“न भय में विचलित , न विजय में अतिउत्साह 

बस कर्म की राह पर चलते जाना है…

गिरकर फिर उठना है,

और अपने सपनों को सच कर जाना है।”

पिंकी दीदी , तुम्हारी इस सफलता पर पूरे परिवार को गर्व है। तुमने साबित कर दिया कि **मेहनत, धैर्य और विश्वास के सामने वक्त को भी झुकना पड़ता है।**

आज पिताजी जहां भी होंगे, निश्चित ही मुस्कुरा रहे होंगे…क्योंकि उनकी बेटी ने उनका सपना सच कर दिखाया है।

बहुत-बहुत बधाई पिंकी दीदी… 

ये सिर्फ तुम्हारी जीत नहीं, ये पूरे परिवार की जीत है।

पिताजी का सपना… आज साकार हुआ

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