इंदौर की गौरवशाली परम्परा के अनुरूप रातभर निकला नयनाभिराम झांकियाँ और अखाड़ों का कारवां : राजकुमार मिल की झांकी को मिला प्रथम स्थान

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अखाड़ों में चंद्रपाल उस्ताद व्यायामशाला एवं श्री बिंदा गुरू व्यायाम शाला को मिला प्रथम स्थान

Pradeep Joshi

इंदौर.

इंदौर की गौरवशाली परम्परा के रूप में अनन्त चतुर्दशी चल समारोह पूर्ण श्रद्धा, आस्था एवं अपार उत्साह-उमंग और व्यापक जनभागीदारी के साथ सम्पन्न हुआ। नागरिकों ने इस उत्सव के प्रति अपनी सक्रिय सहभागिता निभाते हुये शहर की परम्परा को अपार उत्साह और उमंग के साथ आगे बढ़ाया। रातभर जोश और उल्लास के साथ चल समारोह में निकली नयनाभिराम झाँकियों और अखाड़ों के उत्कृष्ट प्रदर्शन ने हजारों लोगों का मन मोह लिया।

जिला प्रशासन द्वारा गठित झाँकी तथा अखाड़ा निर्णायक समितियों द्वारा पुरस्कार के लिये सर्वसम्मति से श्रेष्ठ झाँकियों और अखाड़ों का चयन किया गया। झांकी में राजकुमार मिल की भगवान विष्णु और असुर मधु कैटभ युद्ध झांकी को प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है। इसी तरह अखाड़ों में  चंद्रपाल उस्ताद व्यायामशाला और श्री बिंदागुरू व्यायामशाला को प्रथम स्थान मिला। इसी तरह महिला वर्ग का प्रथम पुरस्कार श्री रामनाथ गुरू व्यायामशाला को दिया गया। 

कलेक्टर श्री शिवम वर्मा ने चल समारोह सुचारू रूप से सम्पन्न होने पर इंदौर के नागरिकों, व्यवस्थाओं से जुड़े अधिकारियों-कर्मचारियों, झाँकी आयोजकों और अखाड़ों के सदस्यों तथा मीडियाकर्मियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

  • निर्णायक समिति : झाँकी निर्णायक समिति के सदस्य इंदौर प्रेस क्लब के अध्यक्ष दीपक कर्दम, महासचिव प्रदीप जोशी, जनसंपर्क विभाग के उप संचालक पुष्पेंद्र वास्कले, महिला बाल विकास विभाग के राजेंद्र मंडलोई, लोक निर्माण विभाग से चेतना चौहान ओर आईटीआई के विपिन पुरोहित की समिति के निर्णय अनुसार

प्रथम_पुरस्कार- राजकुमार मिल- (भगवान विष्णु और असुर मधु कैटभ युद्ध) 

द्वितीय_पुरस्कार- मालवा मिल- (मछली जल की रानी)  और हुकुमचंद मिल- (भगवान गणेश द्वारा सिंदुरासुर राक्षस का वध)

तृतीय_पुरस्कार- कल्याण मिल- (भारतीय नारी की शक्ति, सामर्थ्य और योगदान) और स्वदेशी मिल- (माँ जगदम्बा द्वारा शुभ और निशुंभ नामक राक्षसों का वध)

विशेष_पुरस्कार- होप टेक्सटाइल मिल- (भगवान शिव की बारात) 

 प्रतिवर्ष की तरह इस वर्ष भी परम्परा के निर्वहन में दिये जा रहे मिलो के महत्वपूर्ण योगदान के मद्देनजर पुरस्कार चयन में केवल मिलो की झांकियों को ही शामिल किया गया था।

  • अखाड़ों के पुरस्कार :  चल समारोह में अखाड़ों तथा व्यायाम शालाओं के युवाओं द्वारा हैरत अंगेज प्रदर्शन तथा करतब दिखाये गये। शस्त्र कला की विधा को अखाड़ों तथा व्यायामशालाओं के कलाकारों ने इतनी विविधताओं तथा बारीकियों के साथ प्रस्तुत किया कि दर्शक देखते रह गये। निर्णायक समिति ने इस बार दो विधाओं गतका फरी तथा दो हाथ की बनेठी वर्ग में सर्वश्रेष्ठ प्रस्तुतियों के आधार पर अलग-अलग श्रेणियों में पुरस्कार के लिये अखाड़ों का चयन किया। अखाड़ा निर्णायक समिति द्वारा इन प्रस्तुतियों की उत्कृष्टता के आधार पर निम्नानुसार निर्णय अनुशंसित किये गये हैं। 

गतका फरी वर्ग

  • प्रथम - चंन्द्रपाल उस्ताद व्यायामशाला 
  • द्वितीय -   ब्रजलाल गुरू व्यायामशाला शंकरगंज
  • तृतीय - महावीर व्यायामशाला
  • विशेष - छोगालाल उस्ताद व्यायाम शाला तथा महावर कोली समाज व्यायामशाला महावर नगर

दो हाथ की बनेठी वर्ग

  • प्रथम - श्री बिंदागुरू व्यायामशाला
  • द्वितीय - सार्वजनिक रविदास व्यायामशाला 
  • तृतीय - बाबूसिंह उस्ताद व्यायामशाला  नादिया नगर     
  • विशेष - स्वर्गीय श्री प्रमोद हार्डिया व्यायामशाला तथा सार्वजनिक अहिरवार समाज चैतन्य व्यायामशाला

महिला वर्ग

प्रथम - श्री रामनाथ गुरू व्यायामशाला

द्वितीय - श्री दास हनुमान व्यायामशाला दास बगीची

तृतीय -   पंचमुखी गुरू अखाड़ा हवा बंगला

बालक वर्ग

  • प्रथम - वीर राजपूत (श्री लोधी पंच व्यायामशाला)
  • द्वितीय - भूमिक यादव (मार्तण्डराव व्यायामशाला) 
  • तृतीय - शिवांश कलोनिया (गाजी गुरू व्यायामशाला)
  • विशेष - उदय बोरासी (वीर बजरंग दल व्यायामशाला भागीरथपुरा)

बालिका वर्ग

  • प्रथम - राशि कुलपारे ( धानुक समाज शस्त्रकला महू नाका)
  • द्वितीय - परिधि धीमान ( गुरूदास व्यायामशाला जिंसी)
  • तृतीय - नन्दनी संदीप यादव (सार्वजनिक श्री मस्त बजरंग मंदिर)

पहली बार नगद पुरस्कार :

कलेक्टर श्री शिवम वर्मा ने जिला प्रशासन की ओर से अखाड़ों की सभी श्रेणियों में नगद पुरस्कारों की घोषणा की है। उन्होंने गतका फरी और दोनों हाथ की बनेठी श्रेणी में प्रत्येक के लिए प्रथम पुरस्कार एक लाख रुपये, द्वितीय पुरस्कार 50 हजार रुपये, तृतीय पुरस्कार 25 हजार रुपये  तथा 10 -10 हजार रुपये के विशेष पुरस्कार देने की घोषणा की है। 

 इसी तरह महिला वर्ग में प्रथम पुरस्कार 50 हजार रुपये, द्वितीय पुरस्कार 25 हजार रुपये तथा तृतीय पुरस्कार 15 हजार रुपये। बालक तथा बालिका वर्ग के सभी चयनित कलाकारों को दस-दस हजार रुपये के नगद पुरस्कार दिये जायेंगे।

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