अनिल बागोरा-सुनील पालीवाल
इंदौर.
श्री मेनारिया ब्राह्मण समाज 52 श्रेणी इंदौर में आगामी दिनांक 8 फरवरी 2026 को निर्वाचन होना निश्चित था. किंतु आपसी तालमेल और श्री जसराज जी मेहता के नेतुत्व में विश्वास जताते हुए दुसरे प्रत्याक्षीयों का मैदान छोड़कर निर्विरोध का रास्ता चुनने से समाज में एक सुखद संदेश गया, वहीं अगर उपाध्यक्ष पद पर भी निर्विरोध चुनाव हो जाता तो आगामी माह में श्री पालीवाल ब्राह्मण समाज 44 श्रेणी इंदौर के चुनाव लड़ने को इच्छूक प्रत्याक्षीयों को भी समाजहित के बारे में सोचना पड़ता. और उनको अपने कदम पीछे लेने पड़ते, लेकिन ऐसा होना अब संभव नजर नहीं आता.
मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्री रितेश ईनाणी ने पालीवाल वाणी को बताया गया कि दिनांक 28 दिसंबर 2025 से शुरू हुई प्रक्रिया में दिनांक 30 जनवरी 2026 को फार्म वापसी का कार्यक्रम निर्धारित था, जिसके उपरांत 21 पदों में से 20 पदों पर निर्विरोध प्रत्याशियों को निर्वाचित और विजयी घोषित किया गया.
केवल एक उपाध्यक्ष पद पर दो प्रत्याशी बचे रहने से आगामी दिनांक 8 फरवरी 2026 को अब केवल उपाध्यक्ष पद पर मतदान और मतगणना होगी और उसके बाद उपाध्यक्ष पद का परिणाम घोषित किया जाएगा, शेष सभी पदों पर निर्वाचन का परिणाम घोषित कर प्रत्याशियों को विजयी घोषित किया गया.
अध्यक्ष पद पर सर्वश्री जसराज मेहता, सचिव पद पर लोकेश मेहता, सहसचिव पद पर किशन लाल मेहता, कोषाध्यक्ष पद पर शिवप्रसाद मेहता, भवन मंत्री पद पर कन्हैयालाल जोशी, शिक्षामंत्री पद पर सूरज जोशी, उत्सव मंत्री पद पर राजेश जोशी निर्विरोध निर्वाचित हुए.
वहीं कार्यकारिणी सदस्य के 13 पदों पर सर्वश्री भीमलाल व्यास, निलेश मेहता, मांगीलाल जोशी, राधेश्याम जोशी, रमेश जोशी, रमेश पिता पृथ्वीराज जोशी, शंकरलाल व्होरा, सुभाष मेनारिया, सुमित मेहता, उदय लाल जोशी, उदयलाल मेहता, उमाशंकर पुरोहित और योगेंद्र व्यास निर्विरोध निर्वाचित घोषित किया गया. निर्विरोध विजय प्रत्याशीयों को पालीवाल वाणी मीडिया टीम की ओर से बहुत-बहुत बधाई.
बता दे : श्री मेनारिया ब्राह्मण समाज 52 श्रेणी इंदौर के नवनिर्वाचित अध्यक्ष श्री जसराज मेहता की टीम को पुन : निर्विरोध चुनाव में उनके पक्ष में जिस प्रकार समाजजनों ने सहयोग किया वो काबिले तारीफ हैं. श्री जसराज मेहता के कुशल नेतुत्व में श्री मेनारिया ब्राह्मण समाज की प्रगति ऐतिहासिक रहीं. जिसकी मिशाल अन्य समाजजनों में भी श्री जसराज मेहता की तारीफ के शोर सुनाई देते हैं. उन्होंने हमेशा सभी समाजजनों को एक माला में पिरोने का काम किया, जो आज एक मिल का पत्थर साबित हुआ.