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पूर्व सीएम उमा भारती ने गंदे पानी से मौत के मामले में सरकार पर साधा निशाना : पद पर बैठे-बैठे बिसलरी पी रहे

इंदौर Published by: paliwalwani Updated Fri, 02 Jan 2026 08:45 PM
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इंदौर.

इंदौर के भागीरथपुरा में गंदे पानी पीने से 15 लोगों की मौत के मामले में अब प्रदेश सरकार चारों तरफ से घिरती नजर आ रही है। पूर्व सीएम उमा भारती ने इस मामले में प्रदेश सरकार पर तीखा हमला कियया है। उमा भारती ने गंदे पानी पीने से हुई मौतें पूरे प्रदेश, सरकार और व्यवस्था के लिए शर्मनाक और कलंकित करने वाली हैं।

पूर्व केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा कि जिंदगी की कीमत दो लाख रुपए नहीं होती क्योंकि मृतकों के परिजन जीवन भर दुख में डूबे रहते हैं। इस पाप का घोर प्रायश्चित करना होगा। पीड़ितजनों से माफी मांगनी होगी और नीचे से लेकर ऊपर तक जो भी अपराधी हैं, उन्हें अधिकतम दंड दिया जाना चाहिए। उमा भारती ने सरकार पर हमला करते हुए कहा कि प्रदेश के सबसे स्वच्छ शहर का अवार्ड प्राप्त करने वाले नगर में इतनी बदसूरती और गंदगी होना और जहर मिला पानी पीकर कितनी जिंदगियां खत्म हो गईं और अब भी मौत का आंकड़ा बढ़ रहा है, यह स्वीकार्य नहीं है।

उमा भारती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा

उमा भारती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा कि जब आपकी नहीं चली तो पद पर बैठे-बैठे बिसलेरी का पानी क्यों पीते रहे? पद छोड़कर जनता के बीच क्यों नहीं पहुंचे? उन्होंने इसे “पाप” करार देते हुए कहा कि ऐसे मामलों में न तो कोई स्पष्टीकरण होता है और न ही बचाव। प्रायश्चित होगा या दंड।

जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने 6 जनवरी 2026 को सुनवाई 

  • इंदौर में गंदे पानी से मौत के मामले में सरकार ने अपनी स्टेटस रिपोर्ट भी हाईकोर्ट में पेश कर दी है। जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने 6 जनवरी 2026 को सुनवाई की अगली तारीख तय की है। दूसरी तरफ राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने मामले में संज्ञान लिया है। आयोग ने मध्य प्रदेश सरकार के मुख्य सचिव को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के अंदर विस्तृत रिपोर्ट देने के लिए कहा गया है।

नीचे से लेकर ऊपर तक जो भी अपराधी हैं, उन्हें अधिकतम दंड दिया जाना चाहिए...,

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