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ब्रिटेन की संसद में पहली बार जैन प्रतिनिधित्व : बैरोनेस शमा जैन शाह ने रचा इतिहास

इंदौर Published by: paliwalwani Updated Sun, 31 May 2026 09:54 PM
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700 साल में पहली बार हाउस ऑफ लॉर्ड्स में गूंजा "णमो अरिहंताणं"

राजेश जैन दद्दू 

इंदौर.

"समणसुत्तं" पर हाथ रखकर ली शपथ, जैन सिद्धांतों को वैश्विक मंच मिला. धर्म समाज प्रचारक राजेश जैन दद्दू ने बताया कि गोरवशाली गुजराती जैन परिवार की बेटी बनीं ब्रिटिश संसद की सदस्य, भारत वर्षीय जैन समाज हर्षित एवं गोरवान्वित.

ब्रिटेन के लोकतंत्र के  प्रतिष्ठित सदन हाउस ऑफ लॉर्ड्स में आज इतिहास रचा गया. भारतीय मूल की जैन बैरिस्टर शमा जैन शाह को "लाइफ पीयर" नियुक्त किया गया है. इसके साथ ही वे ब्रिटिश संसद के 700 वर्ष के इतिहास में जैन समुदाय का प्रतिनिधित्व करने वाली पहली सदस्य बन गई हैं.

दद्दू ने कहा कि शमा जैन ने जैन आगम ग्रंथ "समणसुत्तं" को लेकर शपथ ग्रहण की. यह जैन धर्म संस्कृति के लिए बहुत ही गोरव की बात है सदन में गूंजा अहिंसा का संदेश. शपथ ग्रहण समारोह का सबसे भावुक क्षण वह था, जब बैरोनेस शमा जैन शाह ने जैन धर्म के पवित्र ग्रंथ "समणसुत्तं" को हाथ में लेकर शपथ ली.

परंपरागत रूप से हाउस ऑफ लॉर्ड्स में बाइबिल, कुरान, भगवद्गीता पर शपथ ली जाती है. अब इस सूची में "समणसुत्तं" भी जुड़ गया है. शपथ के बाद उन्होंने कहा "भगवान महावीर के अहिंसा, अनेकांत और अपरिग्रह के सिद्धांत ही मेरी राजनीति की नींव होंगे."

कौन हैं बैरोनेस शमा जैन शाह? मूल रूप से गुजरात के जैन परिवार से ताल्लुक रखने वाली शमा जी लंदन की शीर्ष मानवाधिकार बैरिस्टर हैं, वे अल्पसंख्यक समुदायों, महिला अधिकारों एवं धार्मिक स्वतंत्रता  के लिए 2 दशकों से संघर्ष कर रही हैं. किंग चार्ल्स तृतीय द्वारा उन्हें "Baroness Shama Jain Shah of Leicester" की उपाधि से सम्मानित किया गया है.

"विकास भी, विरासत भी" को मिली वैश्विक मान्यता

Institute of Jainology, UK के निदेशक ने कहा-"यह क्षण इसलिए, ऐतिहासिक है...क्योंकि ब्रिटेन ने माना कि जैन धर्म की 2600 साल पुरानी विरासत आधुनिक लोकतंत्र को दिशा दे सकती है. यह 'विकास भी, विरासत भी' का सच्चा उदाहरण है.

भारत सरकार ने दी बधाई

भारत के प्रधानमंत्री कार्यालय ने बैरोनेस शमा जैन शाह को बधाई देते हुए कहा कि "यह भारत की श्रमण परंपरा संस्कृति और बेटियों की शक्ति का सम्मान है." विदेश मंत्रालय ने इसे "सांस्कृतिक कूटनीति की जीत" बताया. भारत वर्षीय जैन समाज में उत्सव का माहौल अमेरिका-UK-कनाडा* के जैन सेंटरों में "अहिंसा परमो धर्मः" के उद्घोष से गुंजायमान हुआ.

भारत वर्षीय तेरापंथ, दिगम्बर, श्वेताम्बर सभी जैन संप्रदायों ने इसे "सम्पूर्ण जैन समाज का गौरव" बताया. इंदौर जैन समाज के वरिष्ठ समाजसेवी डॉ जैनेन्द्र जैन महावीर ट्रस्ट के अध्यक्ष अमित कासलीवाल, समाजिक सांसद के अध्यक्ष आनंद नवीन गोधा, विश्व जैन संगठन एवं राष्ट्रीय जिन शासन एकता संघ के मंयक जैन, राजेश जैन दद्दू, सुशील पांड्या, हंसमुख गांधी, टीके वेद, मनोहर झांझरी, हर्ष जैन, डीके जैन डीएसपी एवं फेडरेशन के शिरोमणि संरक्षिका श्रीमती पुष्पा कासलीवाल, महिला परिषद् की संभागीय अध्यक्ष श्रीमती मुक्ता जैन, श्रीमती साधना दगडे, श्रीमती रेखा जैन श्रीफल आदि ने बंधाई दी और कहा कि यह भारत वर्षीय जैन समाज एवं धर्म समाज संस्कृति के लिए बहुत ही गौरव की बात है.

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