नई दिल्ली. ईरान ने भारत और कुछ “मित्र देशों” के तेल और गैस के जहाजों के लिए स्टेट ऑफ होर्मुज से गुजरने की अनुमति देने की घोषणा की है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने बताया कि भारत के अलावा चीन, रूस, इराक और पाकिस्तान के जहाज इस महत्वपूर्ण मार्ग से सुरक्षित रूप से गुजर सकते हैं।
इस फैसले से इन देशों की तेल और गैस की आपूर्ति पर पड़ने वाला दबाव कम हो सकता है और व्यापारिक गतिविधियाँ सुचारू रह सकती हैं। यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने की अपील की थी। उन्होंने कहा कि मार्ग के बंद रहने से तेल, गैस और खाद्य आपूर्ति प्रभावित हो रही है और यह दुनिया भर में आर्थिक एवं मानवीय संकट बढ़ा रहा है।
गुटेरेस ने सोशल मीडिया पर लिखा, “होर्मुज का लंबा बंद रहना तेल, गैस और खाद की आवाजाही रोक रहा है। क्षेत्र और बाहर के आम लोग भारी मुश्किलें झेल रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र युद्ध के नुकसान को कम करने की कोशिश कर रहा है। सबसे अच्छा तरीका है कि युद्ध तुरंत खत्म हो।” उन्होंने अमेरिका और इजराइल से पश्चिम एशिया में युद्ध रोकने की अपील की और ईरान से कहा कि जो पड़ोसी देश जंग में शामिल नहीं हैं, उन पर हमले रोके जाएँ।
25 मार्च को न्यूयॉर्क में ईरानी मिशन ने कहा था कि “गैर-दुश्मन जहाजों” को होर्मुज से गुजरने की अनुमति दी जा सकती है। इसके लिए जहाजों को ईरानी सुरक्षा नियमों का पालन करना होगा और पहले समन्वय करना आवश्यक होगा। ईरान की रक्षा परिषद ने भी साफ किया कि केवल गैर-शत्रु देशों के जहाजों को ही अनुमति दी जाएगी।
स्टेट ऑफ होर्मुज दुनिया के सबसे अहम तेल और गैस मार्गों में से एक है। इसका खुलना भारत समेत कई देशों के लिए ऊर्जा सुरक्षा और व्यापारिक स्थिरता की दृष्टि से बड़ी राहत माना जा रहा है।