नई दिल्ली. अतिरिक्त उत्पाद शुल्क लागू होने के बाद रविवार से सिगरेट के दाम में प्रति 10 सिगरेट के पैकट पर न्यूनतम 22 से 25 रुपये तक की बढ़ोतरी हो गई है। () वितरकों के अनुसार, 76 मिमी लंबाई वाली प्रीमियम सिगरेट अब ब्रांड के हिसाब से 10 सिगरेट के पैकट पर 50 से 55 रुपये तक महंगी हो गई हैं।
हालांकि, कंपनियों ने अभी नई अधिकतम खुदरा कीमत (एमआरपी) घोषित नहीं की है, लेकिन वितरक पुराने स्टॉक की बिलिंग खुदरा विक्रेताओं को 40 प्रतिशत के साथ कर रहे हैं। रविवार को थोक बाजार बंद रहने के कारण व्यापारियों को उम्मीद है कि सोमवार याने आज से नई कीमतों वाला नया माल बाजार में आएगा।
लोकप्रिय मध्यम श्रेणी की सिगरेट ‘विल्स नेवी कट’, जिसकी कीमत पहले 95 रुपये प्रति पैकेट थी, अब करीब 120 रुपये प्रति पैकेट हो सकती है। इसी तरह, 84 मिलीमीटर लंबाई वाली सिगरेट जैसे ‘गोल्ड फ्लेक लाइट्स’, ‘विल्स क्लासिक’ और ‘विल्स क्लासिक माइल्ड्स’, जिनकी कीमत पहले 170 रुपये प्रति पैकेट थी, अब 220 से 225 रुपये प्रति पैकेट तक हो सकती है। () वहीं, पतली सिगरेट ‘क्लासिक कनेक्ट’, जो 20 सिगरेट के पैकेट में 300 रुपये की मिलती थी, अब लगभग 350 रुपये की हो सकती है। व्यापारियों का कहना है कि महीने के अंत तक कंपनियां नई कीमतों वाले पैकेट बाजार में भेज देंगी।
सरकार को वित्त वर्ष 2026-27 में पान मसाला विनिर्माण पर लगाए गए स्वास्थ्य और राष्ट्रीय सुरक्षा उपकर से 14,000 करोड़ रुपये की आय प्राप्त होने की उम्मीद है। पान मसाले पर एक फरवरी से स्वास्थ्य और राष्ट्रीय सुरक्षा उपकर लगाया गया है, जो 40 प्रतिशत जीएसटी के ऊपर अतिरिक्त है। इस उपकर की गणना पान मसाला बनाने वाली इकाइयों की उत्पादन क्षमता के आधार पर की जाएगी। 40 प्रतिशत जीएसटी को जोड़ने के बाद पान मसाले पर कुल कर भार 88 प्रतिशत ही रहेगा।
बजट दस्तावेजों के अनुसार, सरकार को चालू वित्त वर्ष के शेष दो महीनों में स्वास्थ्य और राष्ट्रीय सुरक्षा उपकर से 2,330 करोड़ रुपये और 2026-27 में 14,000 करोड़ रुपये जुटाने की उम्मीद है।
???? Cigarettes & tobacco products costlier from Feb 1! New excise duties of ₹2.05-₹8.50 per stick based on length kick in, replacing GST compensation cess. Expect 15-20price jump, ₹18 cigarettes may hit ₹21-22. ????
— OneVision Media (@onevision_media)