1 अप्रैल 2026 से कई वित्तीय नियमों में बदलाव लागू होने वाले हैं. जिनका सीधा असर आम लोगों की जेब और रोजमर्रा के खर्चों पर पड़ने वाला है. नौकरीपेशा लोगों, टैक्स भरने वालों और निवेश करने वालों के लिए ये बदलाव खास तौर पर अहम हैं.
पैन कार्ड, HRA, क्रेडिट कार्ड, इनकम टैक्स और ITR फाइलिंग जुड़े नियम इसमें शामिल हैं. आइए एक-एक करके इनके बारे में जानते हैं...
1 अप्रैल से पैन कार्ड बनवाने के लिए आधार के अलावा दूसरे डॉक्यूमेंट की भी जरूरत होगी. अब तक आधार कार्ड का यूज करके बड़ी आसानी से पैन कार्ड के लिए आवेदन किया जाता रहा है. हालांकि, अब इसमें बदलाव करने का फैसला लिया गया है. आधार कार्ड के साथ जन्म प्रमाण पत्र, वोटर आईडी, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस, 10वीं का सर्टिफिकेट या अन्य सरकारी दस्तावेज की जरूरत होगी.
सरकार के इस कदम से पैन कार्ड पहले से ज्यादा सुरक्षित होगा. हालांकि, पैन कार्ड बनवाने में पहले की तुलना में थोड़ा ज्यादा वक्त लग सकता है. साथ ही पैन कार्ड के लिए नए फॉर्म से ही आवेदन करना होगा.
अब HRA क्लेम करने वालों के लिए नियम पहले से ज्यादा कड़े कर दिए गए हैं. अगर कोई कर्मचारी सालाना 1 लाख रुपये से ज्यादा किराया देता है, तो उसे मकान मालिक का पैन नंबर देना अनिवार्य होगा.
इसके साथ ही यह जानकारी भी देनी होगी कि मकान मालिक परिवार का सदस्य है या नहीं. 1 अप्रैल से इसके लिए अलग से फॉर्म भरना पड़ेगा. नए नियमों का मकसद गलत या फर्जी क्लेम पर रोक लगाना है.
अगर आप क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करते हैं तो, आपको नए नियमों के बारे में जानकारी लेनी चाहिए. अब क्रेडिट कार्ड से जुड़े बड़े लेनदेन पर नजर रखी जाएगी. जहां सालभर में 10 लाख रुपये से ज्यादा का डिजिटल खर्च या 1 लाख रुपये से अधिक नकद भुगतान होने पर इसकी जानकारी आयकर विभाग को देनी होगी.
वहीं दूसरी ओर, टैक्सपेयर्स के लिए एक नई सुविधा भी जोड़ी गई है. जिसके तहत अब वे क्रेडिट कार्ड से टैक्स जमा कर सकते हैं. हालांकि इस विकल्प का उपयोग करने पर अतिरिक्त शुल्क देना पड़ सकता है. इसलिए भुगतान से पहले इसकी शर्तों को समझना जरूरी होगा.
ITR फाइल करने की तारीखों में कुछ बदलाव किए गए है. बिना ऑडिट वाले मामले ITR-3 और ITR-4 की लास्ट डेट 31 अगस्त है. वहीं, 31 जुलाई तक ITR-1 और ITR-2 वाले आवेदक फाइल कर सकते हैं.
1 अप्रैल 2026 से कई बड़े बैंकों के एटीएम और कैश निकासी से जुड़े नियमों में बदलाव किए है. HDFC Bank ने मेट्रो शहरों में मुफ्त ट्रांजैक्शन की सीमा 3 और नॉन-मेट्रो में 5 तय कर दी है. वहीं पंजाब नेशनल बैंक ने कुछ डेबिट कार्ड्स पर रोजाना कैश निकालने की सीमा घटाकर 1 लाख रुपये से 50,000 रुपये कर दी है.
इसके अलावा बंधन बैंक ने भी अपने ATM नियमों में बदलाव करते हुए अब महीने में केवल 5 फ्री फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन की सुविधा तय की है. जिसके बाद ग्राहकों को अतिरिक्त शुल्क देना होगा.