राजेश नागदा-इंदौर
मेरठ.
मेरठ के चर्चित नीले ड्रम हत्याकांड में सजा का ऐलान हो गया है. इस हत्याकांड की दोषी मुस्कान और साहिल को फांसी की सजा हुई है. जिला जेल से दोनों आरोपियों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश किया गया था. कोर्ट ने पति की हत्या कर उसके शव को नीले ड्रम में छिपाने के आरोपी मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल को लेकर फांसी की सजा का ऐलान कर दिया है.
मेरठ के बहुचर्चित सौरभ राजपूत हत्याकांड यानी नीला ड्रम केस में अदालत ने दोनों दोषियों को मृत्युदंड की सजा सुनाई है। अदालत का फैसला सुनते ही मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला भावुक हो गए। जिला जज अरविंद कुमार मिश्रा की अदालत में बुधवार को सजा पर सुनवाई की। वहीं मुस्कान ने कहा कि उसकी दो बेटियां है उनका ख्याल रखा जाए।
अदालत ने दोनों को जघन्य अपराधी माना है. इस वजह फांसी की सजा दी है. साथ ही कोर्ट ने 50 हजार और 20 हजार का जुर्माना भी लगाया. कोर्ट ने महाभारत का वर्णन देते हुए कहा कि अपराधी को अपराध की सजा देना भी धर्म का काम है. अपराध के अनुरूप सजा मिलनी चाहिए.
इस चर्चित हत्याकांड में कोर्ट ने आरोपी मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल को 30 सितंबर को दोषी ठहराया था. जिला जज अरविंद कुमार मिश्रा ने यह फैसला सुनाया था. वहीं सजा को लेकर 14 अक्टूबर की तारीख तय की गई थी.
मृतक सौरभ राजपूत के परिवार ने कोर्ट से दोनों आरोपियों को फांसी की सजा देने की गुहार लगाई थी. मृतक सौरभ राजपूत के भाई राहुल का कहना था कि हम शुरू से यही उम्मीद लगाए हुए थे कि हमें इंसाफ मिलेगा. हमने शुरू से एक ही मांग रखी है कि जो उन्होंने हमारे भाई के साथ किया, वो उनके साथ हो.
सौरभ राजपूत हत्याकांड नीले ड्रम की वजह से पूरे देश में चर्चा का विषय बना था. सौरभ की लाश उसके ही घर में एक नीले ड्रम के अंदर मिली थी. पत्नी मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल पर सौरभ की हत्या कर उसके शव को नीले ड्रम में भरने का आरोप है. पिछले साल 19 मार्च को पुलिस ने मुस्कान और साहिल को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था.
- बता दें कि यह फैसला पूरे देश में एक नजीर बनेगा. ऐसे कृत्यों की बाढ़ आ रही थी. इससे उस पर लगाम लगेगी. अपराध की गंभीरता और भयावहता को देखते हुए यह ऐतिहासिक फैसला है.
- बता दें कि सौरभ राजपूत हत्याकांड में जुलाई 2025 में ट्रायल शुरू हुआ था. इस दौरान लगभग 13 महीनों तक चली कोर्ट बहस में 126 तारीखों के दौरान 22 से ज्यादा गवाहों के बयान दर्ज किए गए.