एप डाउनलोड करें

हाथ कीदा करम - राजेन्द्र सनाढ्य राजन

आपकी कलम Published by: paliwalwani Updated Sun, 11 Jan 2026 03:12 AM
विज्ञापन
Follow Us
विज्ञापन

वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

बेटा रे चक्कर मा, 

रे-रेन वण्यों बापू, 

हातवीं छोरी रो नाम, 

आगो राख्यों धापू।

●  ● ● ●  ●  ● ● 

वणा ने देख-देख न, 

अबे थर-थर काँपू,

पाळू किस्तर वणा ने, 

कठै जाई न नोट छापूँ

●  ● ● ●  ●  ● ● 

छोर्या री इच्छा रो, 

किस्तर गळो दाबूँ, 

कठै हाऊ गाबा न, 

कठै हीरा-हाबू। 

●  ● ● ●  ●  ● ● 

रोटी गळे नी उतरे, 

भली कतरी परी चाबूँ, 

आँखा मा आँऊ पड़े, 

किस्तर राखूँ काबू। 

●  ● ● ●  ●  ● ● 

हाथ-पग गळी ग्यां, 

बैठी ग्यां म्हारा झाबू,

जीव गळा मा आईग्यों, 

गरस्थी ने किस्तर ढाबूँ। 

●  ● ● ●  ●  ● ● 

हाथ कीदा करम, 

जोकर वण ग्यों बाबू, 

राजन अस्यों करो मती, 

विणती करे ओ बापू। 

विणती करे ओ बापू।। 

●  ● ● ●  ●  ● ● 

राजेन्द्र सनाढ्य राजन

वाइस प्रिंसिपल, रा उ मा वि नमाना

नि-कोठारिया, जि-राजसमंद, राजस्थान)

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next