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मां कामाख्या के दर्शन-आशीर्वाद : मेघालय और भूटान यात्रा-भाग सात

आपकी कलम Published by: paliwalwani Updated Sun, 28 Sep 2025 12:59 PM
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नेपाल के हालातों को देखते हुए भूटान के लोगों को राजतंत्र ही पसंद है। कम से कम अपने देश में सुरक्षित तो है.

राजा जिग्मे खेसर वांगचुक को धर्मगुरु का दर्जा

मां कामाख्या के दर्शन और आशीर्वाद वाली यात्रा के दौरान ही मैंने तीन चार दिन भूटान में भी बिताया है। मैं भूटान के अपने संस्मरण तो आगे लिखूंगा, लेकिन पहले यह बताना चाहता हंू कि भारत की सीमा से लगा भूटान एक मात्र देश बचा है, जहां अभी भी राजतंत्र है।

मैं 15 से 19 सितंबर 2025 तक भूटान में रहा। कुछ दिनों पहले ही भूटान के लोगों ने नेपाल की हिंसा को भी देखा था। पूर्व में नेपाल भी राजतंत्र वाला देश था, लेकिन राजतंत्र खत्म होने के बाद नेपाल की कितनी दुर्दशा हुई इसे भी भूटान के लोगों ने देखा है। इसलिए अब भूटान के लोगों को राजतंत्र ही पसंद हैं। भूटान के लोगों का मानना है कि राजतंत्र में कम से कम हम अपने देश में तो सुरक्षित है।

भूटान के लोग पड़ोसी देश पाकिस्तान और बांग्लादेश के लोकतंत्र में हिंसा को भी देख रहे हैं। लोकतांत्रिक व्यवस्था लागू होने के बाद नेपाल तो पूरी तरह बर्बाद हो गया है। भूटान के राजतंत्र की एक खास बात यह भी है कि यहां राजा को धर्मगुरु का दर्जा मिला हुआ है। मौजूदा समय में जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक भूटान के राजा है। भूटान की भौगोलिक स्थिति भारत और चीन के बीच सैंडविच वाली है। ऊपर चीन है तो नीचे भारत।

भूटान की तीन और की सीमाएं भारत से तथा एक तरफ की सीमा चीन से लगी है, लेकिन भूटान की राजशाही भारत को अपना भरोसेमंद देश मानती है। भूटान में राजा को धर्मगुरु भी माना जाता है, इसलिए मंदिरों और अन्य स्थानों पर भगवान बुद्ध के साथ साथ राजा जिग्मे खेसर के फोटो भी लगे हुए है। चार दिनों की यात्रा में मुझे एक भी भूटानी नागरिक नहीं मिला जिसने अपने राजा की बुराई की हो। सभी ने राजा के शासन को बेहद अच्छा बताया।

भूटान का भौगोलिक क्षेत्रफल 700 किलोमीटर से भी ज्यादा है। लेकिन भूटान की कुल आबाद मात्र 7 लाख है। यानी भूटान अजमेर जिले के बाद है। आबादी कम होने की वजह से भूटान की कानून व्यवस्था भी अच्छी है। भूटान की राजधानी थिंपू है, लेकिन भूटान में पारो बड़ा और महत्वपूर्ण शहर माना जाता है। अधिकांश तौर पर भूटान भारत पर ही निर्भर है। भूटान की रॉयल सेना और रॉयल पुलिस को ट्रेनिंग देने का काम भी भारत ही करता है। भारत के सैन्य अधिकारी भूटान में तैनात रहते है। भूटानी पानी से बिजली उत्पादन का प्रमुख केंद्र है और ऐसे में बिजली उत्पादन सेंटर भारत के द्वारा ही संचालित किए जा रहे हैं। 

S.P.MITTAL BLOGGER 

To Contact- 9829071511

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