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Amet News : आमेट में 'एक विद्यार्थी एक पुस्तक' अभियान, पठन कौशल का होगा विकास

आमेट Published by: M. Ajnabee, Kishan paliwal Updated Sun, 17 May 2026 12:34 AM
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आमेट. शिक्षा विभाग के पुस्तक साथी आदेश की अनुपालना में विद्यार्थियों में पुस्तक पठन कौशल, साहित्यिक स्वाध्याय एवं मौखिक अभिव्यक्ति दक्षता के विकास के उद्देश्य से मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी नारायण सिंह राव ने आमेट ब्लॉक में ‘एक विद्यार्थी एक पुस्तक एवं एक विद्यार्थी एक कविता’ अभियान की शुरुआत की है।

अभियान के अंतर्गत ग्रीष्मावकाश अवधि के लिए प्रत्येक विद्यार्थी को कक्षा स्तर अनुसार पढ़ने हेतु पुस्तक इश्यू की जा रही है। छुट्टियों के बाद विद्यालय पुनः खुलने पर विद्यार्थियों से पठित पुस्तक के संबंध में सारांश रूप में प्रतिवेदन लिखवाया जाएगा, जिसमें पुस्तक के लेखक का परिचय, मुख्य पात्रों का परिचय, कथानक तथा पुस्तक से मिलने वाली सीख का विस्तृत वर्णन शामिल होगा।

इसके साथ ही प्रत्येक विद्यार्थी की मौखिक अभिव्यक्ति क्षमता के विकास के लिए एक कविता याद करने की जिम्मेदारी भी दी जा रही है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप आमेट ब्लॉक के सभी विद्यालयों में क्रियाशील पुस्तकालय एवं रीडिंग कॉर्नर स्थापित किए गए हैं, जिससे विद्यार्थियों में नियमित पठन की आदत विकसित हो सके।

आगामी जुलाई माह में किसी भी विद्यालय के किसी भी विद्यार्थी से कविता प्रस्तुति अथवा किसी पुस्तक के परिचय हेतु कहा जा सकता है, और विद्यार्थी अपनी प्रस्तुति दे सकेंगे। इस प्रकार एक प्रोत्साहनपूर्ण शैक्षणिक वातावरण निर्मित किया जा रहा है। मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी नारायण सिंह राव स्वयं साहित्यिक अभिरुचि वाले अधिकारी हैं।

वे राजस्थान सरकार की राजस्थानी भाषा साहित्य एवं संस्कृति अकादमी, बीकानेर के वर्ष 2004 से नियत अवधि के सदस्य रहे हैं। उन्होंने शासन, प्रशासन, निर्वाचन, शिक्षा विभाग, डाइट नाथद्वारा एवं जनकल्याण तथा समुदाय विषयों पर आधारित तीन दर्जन से अधिक पुस्तकों का संपादन कार्य भी किया है। यह अभियान आमेट ब्लॉक में विद्यार्थियों के पठन, लेखन एवं अभिव्यक्ति कौशल को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है, जो शिक्षा व्यवस्था में साहित्यिक और बौद्धिक विकास को नई गति प्रदान करेगा।

मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी नारायण सिंह राव की पहल पर ग्रीष्मावकाश में बच्चों के पठन, लेखन और मौखिक अभिव्यक्ति क्षमता को सुदृढ़ करने के लिए पुस्तकालयों को किया सक्रिय

M. Ajnabee, Kishan paliwal

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