आमेट.
आमेट के पीएम श्री राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में आयोजित भव्य समारोह में शिक्षक और साहित्यकार मुकेश वैष्णव को उनकी उत्कृष्ट साहित्यिक एवं सामाजिक सेवाओं के लिए सम्मानित किया गया। पूर्व न्यायाधीश डॉ. बसन्ती लाल बाबेल और मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी नारायण सिंह राव ने वैष्णव की लेखनी और जन-जागरूकता अभियानों की सराहना करते हुए उन्हें ईकलाई और साफा पहनाकर सम्मानित किया।
शिक्षा नगरी आमेट में उस समय गौरवमयी क्षण उपस्थित हुआ जब पीएम श्री राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय के सभागार में शिक्षाविदों और प्रशासनिक हस्तियों ने शिक्षक मुकेश वैष्णव की साहित्यिक साधना और रचनात्मक सेवाओं को सार्वजनिक रूप से सराहा। साकेत साहित्य संस्थान, आमेट के अध्यक्ष मुकेश वैष्णव को उनके द्वारा किए गए उत्कृष्ट कार्यों के लिए भव्य समारोह में सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि, पूर्व शासन उप सचिव एवं पूर्व न्यायाधीश डॉ. बसन्ती लाल बाबेल तथा मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी नारायण सिंह राव ने मुकेश वैष्णव को पारंपरिक ईकलाई एवं साफा पहनाकर उनका अभिनंदन किया। यह सम्मान न केवल उनके शैक्षणिक कौशल का प्रतीक था, बल्कि उस निरंतर सेवा भाव का प्रतिफल भी था जो उन्होंने अपनी लेखनी और कार्यों के माध्यम से समाज को अर्पित किया है।
मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी नारायण सिंह राव ने वैष्णव के योगदान को रेखांकित करते हुए बताया कि उन्होंने कोरोना काल की विषम परिस्थितियों से लेकर मतदाता जागरूकता, पर्यावरण संरक्षण, यातायात सुरक्षा और नशामुक्ति जैसे महत्वपूर्ण सामाजिक विषयों पर जन-जन को जागरूक किया। साकेत साहित्य संस्थान और जिला शैक्षिक प्रशिक्षण संस्थान (डाइट) नाथद्वारा द्वारा विमोचित विभिन्न काव्य पुस्तकों में वैष्णव की कविताओं और स्लोगन लेखन ने समाज को नई दिशा दी है।
डॉ. बसन्ती लाल बाबेल ने उन्हें एक "ऊर्जावान साहित्यकार" की संज्ञा देते हुए कहा कि उनकी कार्यशैली और शब्द सामर्थ्य युवाओं के लिए प्रेरणा का अटूट स्रोत हैं। इस गरिमामयी अवसर पर शिक्षा जगत की कई गणमान्य विभूतियां उपस्थित रहीं। पीएम श्री राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय के प्रधानाचार्य प्रकाश चन्द्र प्रजापत, राउमावि घोसुण्डी के प्रधानाचार्य अविनाश जोशी, उप प्राचार्य बाबुलाल सालवी, प्राध्यापक जगदीश चन्द्र शर्मा, प्राध्यापक मनोज कुमार शर्मा, राखी आर्य, नवल सिंह, रेखा जीनगर, भैरुलाल जीनगर, रामावतार सैनी, रुप सिंह फागणा, मीरा सैनी और रौनक मेवाड़ा ने वैष्णव का गर्मजोशी से अभिनंदन किया।
यह आयोजन न केवल एक व्यक्ति का सम्मान था, बल्कि उन आदर्शों की जीत थी जो एक शिक्षक को समाज का निर्माता और साहित्यकार को समाज का आईना बनाते हैं।
● M. Ajnabee, Kishan paliwal