पन्ना पहनने से किस्मत के बंध द्वार खुल सकते हे, पन्ना पहनना माना जाता हे शुभ बिजनेस और नोकरी मे भी हो सकती है तरक्की
भारत मे प्राचीन कल से ही कीमती पत्थर और रत्नो का विशेष महत्त्व हे. हमारी संस्कृति में रत्नों का मूल्य ख़ास माना जाता है. हर ग्रह का अपना अलग अलग रत्न होता है. जोतिषशाश्त्र मे भी रत्नो का विशेष महत्त्व हे. यह रत्न आपकी मनोदशा और किस्मत बदल ने का काम करते हे. पन्ना ऐसा ही एक रत्न हे. जिसका विशेष महत्त्व हे, पन्ना से कही कीमती भगवन की मूर्ति शिवलिंग भी बनाये जाते हे. आइये जानते हे पन्ना पहनने के फायदे.
रत्न को धारण करने से किसी गृह के दुश प्रभाव को कम किया जा सकता है. इसी तरह अगर किसी इन्सान के बुध गृह के दुश प्रभाव दिख रहे है तो उसे पन्ना धारण करने की सलाह दी जाती है. इससे बुध दोष कम होता हे और भाग्य खुल जाता हे. पन्ना के रत्न को मिथुन और कन्या राशी के लिया शुभ माना जाता है. इसे धारण करने से भाग्य वृद्धि होती है और तरक्की में चार चाँद लग जाते है.
पन्ना खरीदते समय ध्यान रखें कि इसका हरा रंग जितना गहरा हो उतना अच्छा होता है. इस रत्न को बुधवार के दिन ही धारण करे जिससे इसका प्रभाव दुगना हो जाता हे. उस पर भी यदि बुधवार के दिन अश्लेषा, ज्येष्ठा या रेवती नक्षत्र हो तो यह समय पन्ना पहनने के लिए अति उत्तम माना जाता है.
बुध गृह होता है मजबूत: अगर हम ज्योतिष शास्त्र की माने तो पन्ने को पहेनने से बुध गृह मजबूत होता है जिससे व्यक्ति की बुद्धि और प्रतिभा में बढ़ोतरी होती है. पन्ना पहें ने से बोलने में भी फर्क पड़ता है, पन्ना धारण करने वाले व्यक्ति की स्पीच से बहोत लोग मोहित हो जाते है. हम बहोत से राजनेताओ को पन्ना धारण करते हुए देख सकते है. पन्ना धारण करने वाले व्यक्ति रिसर्च जेसे कामो में भी सफलता पा सकते है.
मिथुन और कन्या राशि के लोगो के लिए पन्ना शुभ होता है: कुंभ कन्या मकर तुला मिथुन जेसी राशियो के लोगो के लिए पन्ना बहोत शुभ साबित हो सकता है. जिनकी कुंडली में अशुभ ग्रहों का योग हो इन लोगो को पन्ना धारण नहीं करना चाहिये..
पालीवाल वाणी WhatsApp चैनल से जुड़ें
ताज़ा ब्रेकिंग न्यूज़ और समाज के सभी समाचार सबसे पहले अपने फोन पर पाएं।
संबंधित खबरें
सभी देखें →
Navpancham Rajyog 2026: शनि-गुरु की युति से बनेगा नवपंचम योग, इन 4 राशियों के लिए खुलेंगे तरक्की और धन के रास्ते
2027 में शनि का बड़ा बदलाव! 3 जून को मेष राशि में गोचर, वक्री होकर फिर मीन में वापसी; इन 4 राशियों पर साढ़ेसाती का प्रभाव