Paytm Payments Bank : दिल्ली हाईकोर्ट का आदेश- पेटीएम पेमेंट्स बैंक को बंद करो
नई दिल्ली. दिल्ली हाई कोर्ट ने पेटीएम पेमेंट्स बैंक लिमिटेड (PPBL) को बंद करने का आदेश दिया है। इससे इस पेमेंट्स बैंक का कामकाज खत्म हो जाएगा। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की ओर से बैंकिंग लाइसेंस रद्द करने के तीन महीने बाद यह आदेश आया है।
8 जुलाई और 22 जुलाई के आदेशों के जरिए कोर्ट ने निर्देश दिया कि PPBL को बैंकिंग रेगुलेशन एक्ट, 1949 के तहत बंद किया जाए। कोर्ट ने भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के पूर्व चीफ जनरल मैनेजर गिरीकुमार एम नायर को PPBL का ऑफिशियल लिक्विडेटर नियुक्त किया। 8 जुलाई से नायर बैंक के बोर्ड की सभी शक्तियों का इस्तेमाल कर रहे हैं। वह बैंक को बंद करने की प्रक्रिया की देखरेख करेंगे। इसमें देनदारियों का निपटारा और डिपॉजिटर्स को पैसे लौटाना शामिल है।
आरबीआई ने 24 अप्रैल से PPBL का बैंकिंग लाइसेंस रद्द कर दिया था। इस कैंसिलेशन के कारण कंपनी बैंकिंग का काम नहीं कर सकती थी। न ही कानून के तहत बैंकों को मंजूरी वाली कोई अतिरिक्त गतिविधि कर सकती थी। लाइसेंस रद्द होने के बाद सेंट्रल बैंक दिल्ली हाई कोर्ट पहुंचा। PPBL को बंद करने और नायर को लिक्विडेटर के तौर पर नियुक्त करने की मांग की।
लाइसेंस रद्द करते समय RBI ने कहा था कि बंद करने की प्रक्रिया के दौरान अपनी सभी जमा देनदारियों को चुकाने के लिए PPBL के पास काफी लिक्विडिटी (नकद या आसानी से नकद में बदलने योग्य संपत्ति) थी। रेगुलेटर ने लाइसेंस रद्द करने के कई कारण बताए थे। इसमें बैंक के कामकाज का तरीका भी शामिल था। इसे उसने बैंक और उसके जमाकर्ताओं के हितों के लिए नुकसानदेह बताया था। उसने यह भी कहा था कि PPBL के मैनेजमेंट का सामान्य रवैया जमाकर्ताओं और जनहित के खिलाफ था। बैंक अपने पेमेंट्स बैंक लाइसेंस में तय शर्तों का पालन करने में नाकाम रहा था।
अप्रैल की यह कार्रवाई PPBL पर लंबे समय से लगी रेगुलेटरी पाबंदियों के बाद हुई थी। जनवरी 2024 में आरबीआई ने लगातार नियमों का पालन न करने और सुपरवाइजरी से जुड़ी गंभीर चिंताओं का हवाला दिया था। ऐसा करते हुए बैंक को 15 मार्च के बाद नए डिपॉजिट लेने, क्रेडिट ट्रांजैक्शन करने या कस्टमर अकाउंट, वॉलेट, FASTag और दूसरे प्रीपेड इंस्ट्रूमेंट में टॉप-अप करने से रोक दिया था। बंद करने का यह आदेश पेटीएम पेमेंट्स बैंक पर लागू होता है। इससे दूसरे बैंकिंग पार्टनर का इस्तेमाल करके बड़े पेटीएम प्लेटफॉर्म के जरिए दी जाने वाली सेवाएं अपने-आप नहीं रुकती हैं।
पालीवाल वाणी WhatsApp चैनल से जुड़ें
ताज़ा ब्रेकिंग न्यूज़ और समाज के सभी समाचार सबसे पहले अपने फोन पर पाएं।
संबंधित खबरें
सभी देखें →
Cognizant पर अमेरिका की कार्रवाई से IT शेयरों में भूचाल, ₹55 हजार करोड़ डूबे; भारतीय कर्मचारियों की भी बढ़ी चिंता