अमेरिकी-इजरायली जहाजों पर हमला नहीं करेंगे : हूतियों का बड़ा ऐलान, बोले- सिर्फ सऊदी अरब है लक्ष्य
मस्कट. ओमान में अमेरिका के साथ बैठक में हूती विद्रोहियों ने ऐलान किया है कि उनके निशाने पर सिर्फ सऊदी अरब के जहाज हैं। उन्होंने अमेरिकी अधिकारियों से कहा है कि हूती विद्रोही लाल सागर में अमेरिकी और इजरायली जहाजों पर हमले नहीं करेंगे। इसे मध्य पूर्व में एक बड़े कूटनीतिक बदलाव के रूप में देखा जा रहा है।
ओमान में अमेरिका और हूती विद्रोहियों के बीच एक गुप्त बैठक हुई है। इस बैठक का आयोजन मस्कट स्थित अमेरिकी दूतावास में किया गया था। यह बैठक तब आयोजित हुई है, जब कुछ दिनों पहले ही हूती विद्रोहियों ने लाल सागर में एक रणनीतिक रूप से अहम द्वीप पर कब्जा जमाया है। अमेरिका की ओर से मस्कट स्थित अमेरिकी दूतावास के शीर्ष अधिकारी शामिल हुए, जबकि हूती प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व वरिष्ठ नेता मोहम्मद अब्दुलसलाम, जिन पर अमेरिका ने प्रतिबंध लगा रखे हैं, और अब्देलमलिक अल-अजिरी ने किया।
अमेरिका ने सऊदी अरब के लिए लेवल-3 यात्रा एडवाइजरी जारी की।
यमन सीमावर्ती क्षेत्रों के लिए लेवल-4 'यात्रा न करें' चेतावनी।
आतंकी हमलों के जोखिम के कारण भीड़भाड़ वाली जगहों से बचें।
हूतियों के सीधे संपर्क में अमेरिका
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को कहा कि हूतियों ने उनके प्रशासन से संपर्क किया था और वाशिंगटन से यमन युद्ध से दूर रहने का अनुरोध किया था। उपराष्ट्रपति जेडी वैंस ने सोमवार को कहा था कि अमेरिका इस समूह के साथ सीधे संपर्क में है। ट्रंप प्रशासन ने मार्च 2025 में हूथियों को "विदेशी आतंकवादी संगठन" घोषित किया था। इसके बावजूद अमेरिका ने उसी साल हूतियों के साथ बातचीत की और लाल में जहाजों पर होने वाले हमलों को रोकने के उद्देश्य से युद्धविराम पर सहमति बनाई।
सऊदी अरब ने ईरान समर्थित यमन के हूती विद्रोहियों पर इस्लाम के सबसे पवित्र शहर पर हमला करने की कोशिश का आरोप लगाया जिसकी क्षेत्र के देशों ने निंदा तो की लेकिन किसी ने भी सैन्य मदद का संकेत नहीं दिया। अमेरिका का अहम सहयोगी सऊदी अरब ईरान के साथ चल रहे संघर्ष के नए मोर्चे में और गहराई से उलझता जा रहा है और उसने मक्का को ‘लक्ष्मण रेखा’ करार दिया है।
अमेरिकी-इजरायली जहाजों पर हमला नहीं करेंगे हूती
बैठक में हूती प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि उनका अमेरिकी जहाजों पर हमला करने का कोई इरादा नहीं है और वे 2025 में वाशिंगटन के साथ हुए युद्धविराम समझौते के प्रति प्रतिबद्ध हैं। एक यमनी सूत्र ने बताया कि समूह ने यह भी कहा कि वह इजरायली जहाजों या अन्य वाणिज्यिक जहाजों पर हमला नहीं करेगा, सिवाय उन जहाजों के जो सऊदी अरब के हैं। विदेश विभाग ने बैठक की पुष्टि नहीं की, लेकिन कहा कि लाल सागर में नौवहन की स्वतंत्रता की रक्षा करना और मध्य पूर्व से आतंकवाद को फैलने से रोकना अमेरिका के प्रमुख हित हैं।
सऊदी में हूती विद्रोहियों का हमला (तस्वीर- सोशल मीडिया)
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