राजा हरिश्चंद्र को खोया राज्य व परिवार पुनः दिलाने वाली पापविनाशिनी अजा एकादशी।
सभी त्योहारों की तिथियां, प्रदोष काल, स्थिर लग्न एवं निशिता काल मुहूर्त खगोलीय गणित पर आधारित हैं।
भौम प्रदोष व्रत (ऋण मुक्ति व पराक्रम) (श्रावण कृष्ण त्रयोदशी)
Pradosh Vrat (Krishna Trayodashi) • कृष्ण त्रयोदशीसंध्याकाल में देवाधिदेव महादेव की आराधना का पावन प्रदोष व्रत। भौम प्रदोष व्रत (ऋण मुक्ति व पराक्रम) के प्रभाव से कष्टों का निवारण होता है।
श्रावण अमावस्या (हरियाली अमावस्या)
Shravana Amavasya / Hariyali Amavasya • कृष्ण अमावस्याशिव-पार्वती आराधना, प्रकृति वंदना, वृक्षारोपण एवं सुख-समृद्धि हेतु पितृ तर्पण।
गणेश चतुर्थी (विनायक चतुर्थी)
Ganesh Chaturthi / Vinayaka Chaturthi • शुक्ल चतुर्थीविघ्नहर्ता भगवान श्री गणेश का प्राकट्य दिवस। भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी को मध्याह्न काल में गणपति बप्पा की स्थापना।
निर्जला व्रत रखकर माता गौरी और महादेव के पावन बालू / मिट्टी के स्वरूप का चार प्रहर पूजन व रात्रि जागरण।
विनायक चतुर्थी (भाद्रपद)
Vinayaka Chaturthi • शुक्ल चतुर्थीशुक्ल पक्ष की विनायक चतुर्थी पर मध्याह्न काल में विघ्नहर्ता गणपति बप्पा का पूजन व मोदक भोग।
परिवर्तिनी एकादशी (पार्श्व)
Parivartini Ekadashi • शुक्ल एकादशीक्षीरसागर में भगवान विष्णु द्वारा करवट बदलने का पावन दिन व वामन जयंती।
गुरु प्रदोष व्रत (सौभाग्य व गुरु कृपा) (भाद्रपद शुक्ल त्रयोदशी)
Pradosh Vrat (Shukla Trayodashi) • शुक्ल त्रयोदशीसंध्याकाल में देवाधिदेव महादेव की आराधना का पावन प्रदोष व्रत। गुरु प्रदोष व्रत (सौभाग्य व गुरु कृपा) के प्रभाव से कष्टों का निवारण होता है।
अनंत चतुर्दशी (गणेश विसर्जन)
Anant Chaturdashi / Ganesh Visarjan • शुक्ल चतुर्दशीचौदह गांठों वाले रक्षा सूत्र (अनंत सूत्र) का धारण, अनंत पद की प्राप्ति और दस दिवसीय गणेशोत्सव का विसर्जन।
भाद्रपद पूर्णिमा (श्राद्ध पूर्णिमा)
Bhadrapada Purnima / Shraddha Purnima • शुक्ल पूर्णिमापितृपक्ष का शुभारंभ, ऋषि पूजन व उमा-महेश्वर व्रत का पावन दिन।
अंगारकी संकष्टी चतुर्थी (भाद्रपद)
Sankashti Chaturthi • कृष्ण चतुर्थीमंगलवार को पड़ने वाली अत्यंत शुभ व फलदायी अंगारकी संकष्टी चतुर्थी। विघ्नहर्ता गणेश जी की विशेष कृपा।
पितरों को अधोगति से मुक्ति व वैकुंठ लोक की प्राप्ति कराने वाली पितृपक्ष एकादशी।
गुरु प्रदोष व्रत (सौभाग्य व गुरु कृपा) (भाद्रपद कृष्ण त्रयोदशी)
Pradosh Vrat (Krishna Trayodashi) • कृष्ण त्रयोदशीसंध्याकाल में देवाधिदेव महादेव की आराधना का पावन प्रदोष व्रत। गुरु प्रदोष व्रत (सौभाग्य व गुरु कृपा) के प्रभाव से कष्टों का निवारण होता है।
शनिचरी अमावस्या (भाद्रपद अमावस्या (पिठोरी / कुशोत्पाटिनी))
Bhadrapada Amavasya / Pithori Amavasya • कृष्ण अमावस्याशनि अमावस्या पर शनि देव पूजन, छाया दान व पितृ तर्पण से साढ़ेसाती व ढैय्या की शांति।
शारदीय नवरात्रि (घटस्थापना)
Shardiya Navratri / Ghatasthapana • शुक्ल प्रतिपदाआश्विन मास की पावन नवरात्रि। मां दुर्गा के नौ रूपों की उपासना, अखंड ज्योति, गरबा-डांडिया और कन्या पूजन।
विनायक चतुर्थी (आश्विन)
Vinayaka Chaturthi • शुक्ल चतुर्थीशुक्ल पक्ष की विनायक चतुर्थी पर मध्याह्न काल में विघ्नहर्ता गणपति बप्पा का पूजन व मोदक भोग।
विजयादशमी (दशहरा)
Dussehra / Vijayadashami • शुक्ल दशमीअधर्म पर धर्म और असत्य पर सत्य की शाश्वत विजय का महापर्व। रावण दहन, शस्त्र पूजन एवं शमी वृक्ष दर्शन।
पापों पर अंकुश लगाने वाली और अक्षय स्वर्ग सुख प्रदान करने वाली पापांकुशा एकादशी।
शुक्र प्रदोष व्रत (सुख, समृद्धि व ऐश्वर्य) (आश्विन शुक्ल त्रयोदशी)
Pradosh Vrat (Shukla Trayodashi) • शुक्ल त्रयोदशीसंध्याकाल में देवाधिदेव महादेव की आराधना का पावन प्रदोष व्रत। शुक्र प्रदोष व्रत (सुख, समृद्धि व ऐश्वर्य) के प्रभाव से कष्टों का निवारण होता है।
शरद पूर्णिमा (कोजागरी / रास पूर्णिमा)
Sharad Purnima / Kojagiri • शुक्ल पूर्णिमाचंद्रमा की सोलह कलाओं से अमृत वर्षा की रात्रि, खीर प्रसाद व महालक्ष्मी कोजागरी पूजन।
अखंड सौभाग्य, सुहाग की दीर्घायु और अटूट दांपत्य प्रेम का निर्जला व्रत। सायं चौथ माता पूजन एवं चंद्र दर्शन।
संकष्टी चतुर्थी (आश्विन)
Sankashti Chaturthi • कृष्ण चतुर्थीसमस्त संकटों व विघ्नों को दूर करने वाला भगवान श्री गणेश का संकष्टी चतुर्थी व्रत। सायं पूजन व चंद्र दर्शन।
संतान की दीर्घायु, उत्तम स्वास्थ्य, रक्षा और वंश वृद्धि के लिए माताओं द्वारा निर्जला उपवास व सायं तारा दर्शन।
दीपावली पूर्व मां लक्ष्मी (रमा) व भगवान केशव की कृपा और धन-समृद्धि प्रदायिनी एकादशी।
धनतेरस (धनत्रयोदशी)
Dhanteras / Dhantrayodashi • कृष्ण त्रयोदशीआरोग्य के देवता भगवान धन्वंतरि का प्राकट्य दिवस और धन के देवता कुबेर का पूजन। बर्तन, सोना-चांदी की खरीदारी।
शुक्र प्रदोष व्रत (सुख, समृद्धि व ऐश्वर्य) (आश्विन कृष्ण त्रयोदशी)
Pradosh Vrat (Krishna Trayodashi) • कृष्ण त्रयोदशीसंध्याकाल में देवाधिदेव महादेव की आराधना का पावन प्रदोष व्रत। शुक्र प्रदोष व्रत (सुख, समृद्धि व ऐश्वर्य) के प्रभाव से कष्टों का निवारण होता है।
दीपावली (महालक्ष्मी पूजन)
Diwali / Lakshmi Puja • अमावस्याप्रकाश और समृद्धि का महापर्व। कार्तिक अमावस्या के प्रदोष काल व स्थिर वृषभ लग्न में महालक्ष्मी-गणेश पूजन एवं दीपदान।
नरक चतुर्दशी (रूप चौदस / छोटी दीपावली)
Narak Chaturdashi / Chhoti Diwali • कृष्ण चतुर्दशीअरुणोदय काल में अभ्यंग स्नान (उबटन), यमराज के निमित्त दीपदान और सौंदर्य प्राप्ति का पावन पर्व।
गोवर्धन पूजा (अन्नकूट)
Govardhan Puja / Annakut • शुक्ल प्रतिपदाप्रकृति, पर्वत और गोवंश के प्रति कृतज्ञता का पर्व। भगवान श्री कृष्ण द्वारा इंद्र का मानमर्दन व गोवर्धन पर्वत धारण।
सोमवती अमावस्या (आश्विन अमावस्या (सर्वपितृ मोक्ष अमावस्या))
Sarva Pitru Amavasya / Mahalaya • कृष्ण अमावस्याअत्यंत दुर्लभ व शुभ सोमवती अमावस्या योग। पीपल प्रदक्षिणा, महास्नान व अखंड सौभाग्य।
भाई दूज (यम द्वितीया)
Bhai Dooj / Yama Dwitiya • शुक्ल द्वितीयाभाई-बहन के अमर स्नेह का पावन पर्व। कार्तिक शुक्ल द्वितीया के दिन यमुना स्नान, बहन के घर भोजन और तिलक।
विनायक चतुर्थी (कार्तिक)
Vinayaka Chaturthi • शुक्ल चतुर्थीशुक्ल पक्ष की विनायक चतुर्थी पर मध्याह्न काल में विघ्नहर्ता गणपति बप्पा का पूजन व मोदक भोग।
छठ पूजा (सूर्य षष्ठी)
Chhath Puja / Surya Shashthi • शुक्ल षष्ठीचार दिवसीय महापर्व (नहाय-खाय, खरना, संध्या अर्घ्य, उषा अर्घ्य)। संतान की दीर्घायु और आरोग्य हेतु अस्ताचलगामी व उदीयमान सूर्य को अर्घ्य।
देवउठनी एकादशी (प्रबोधिनी)
Dev Uthani / Prabodhini Ekadashi • शुक्ल एकादशीचार मास के योगनिद्रा के उपरांत भगवान श्री हरि का जागरण व मांगलिक कार्य आरंभ।
तुलसी विवाह (द्वादशी तिथि)
Tulsi Vivah / Dwadashi • शुक्ल द्वादशीभगवान शालिग्राम और माता तुलसी का पावन वैवाहिक अनुष्ठान। कन्यादान के समान महापुण्य की प्राप्ति।
रवि प्रदोष व्रत (दीर्घायु, यश व आरोग्य) (कार्तिक शुक्ल त्रयोदशी)
Pradosh Vrat (Shukla Trayodashi) • शुक्ल त्रयोदशीसंध्याकाल में देवाधिदेव महादेव की आराधना का पावन प्रदोष व्रत। रवि प्रदोष व्रत (दीर्घायु, यश व आरोग्य) के प्रभाव से कष्टों का निवारण होता है।
कार्तिक पूर्णिमा (देव दीपावली / त्रिपुरारी पूर्णिमा)
Kartik Purnima / Dev Deepawali • शुक्ल पूर्णिमाकाशी में देवताओं की दीपावली, भगवान शिव द्वारा त्रिपुरारी वध व गुरु नानक देव जयंती।
संकष्टी चतुर्थी (कार्तिक)
Sankashti Chaturthi • कृष्ण चतुर्थीसमस्त संकटों व विघ्नों को दूर करने वाला भगवान श्री गणेश का संकष्टी चतुर्थी व्रत। सायं पूजन व चंद्र दर्शन।
मुर दैत्य के वध हेतु भगवान विष्णु के शरीर से एकादशी देवी के प्राकट्य का पावन दिवस।
रवि प्रदोष व्रत (दीर्घायु, यश व आरोग्य) (कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी)
Pradosh Vrat (Krishna Trayodashi) • कृष्ण त्रयोदशीसंध्याकाल में देवाधिदेव महादेव की आराधना का पावन प्रदोष व्रत। रवि प्रदोष व्रत (दीर्घायु, यश व आरोग्य) के प्रभाव से कष्टों का निवारण होता है।
भौमवती अमावस्या (कार्तिक अमावस्या (दीपावली अमावस्या))
Kartika Amavasya / Diwali • कृष्ण अमावस्याभौमवती अमावस्या पर पितृ तर्पण व दान से ऋण मुक्ति व भूमि-भवन सुख की प्राप्ति।
विनायक चतुर्थी (मार्गशीर्ष)
Vinayaka Chaturthi • शुक्ल चतुर्थीशुक्ल पक्ष की विनायक चतुर्थी पर मध्याह्न काल में विघ्नहर्ता गणपति बप्पा का पूजन व मोदक भोग।
मोक्षदा एकादशी (गीता जयंती)
Mokshada Ekadashi / Gita Jayanti • शुक्ल एकादशीभगवान श्री कृष्ण द्वारा कुरुक्षेत्र में श्रीमद्भगवद्गीता के उपदेश का दिन व मोक्ष प्राप्ति व्रत।
सोम प्रदोष व्रत (मनोकामना पूर्ति) (मार्गशीर्ष शुक्ल त्रयोदशी)
Pradosh Vrat (Shukla Trayodashi) • शुक्ल त्रयोदशीसंध्याकाल में देवाधिदेव महादेव की आराधना का पावन प्रदोष व्रत। सोम प्रदोष व्रत (मनोकामना पूर्ति) के प्रभाव से कष्टों का निवारण होता है।
मार्गशीर्ष पूर्णिमा (दत्तात्रेय जयंती)
Margashirsha Purnima / Dattatreya Jayanti • शुक्ल पूर्णिमाब्रह्मा, विष्णु, महेश के संयुक्त अवतार भगवान दत्तात्रेय का प्राकट्योत्सव।
संकष्टी चतुर्थी (मार्गशीर्ष)
Sankashti Chaturthi • कृष्ण चतुर्थीसमस्त संकटों व विघ्नों को दूर करने वाला भगवान श्री गणेश का संकष्टी चतुर्थी व्रत। सायं पूजन व चंद्र दर्शन।
❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs) - हिन्दू व्रत एवं त्योहार 2026
Ans. पालीवाल वाणी हिन्दू त्योहार कैलेंडर 2026 पर सभी प्रमुख पर्वों (दीपावली, होली, रक्षाबंधन, नवरात्रि, महाशिवरात्रि, जन्माष्टमी आदि) की पंचांग सम्मत सटीक तिथियां और शुभ पूजा मुहूर्त दिए गए हैं।
Ans. जी हाँ, पृष्ठ के शीर्ष पर दिए गए 'आगामी त्योहार', 'सभी त्योहार' और 'संपन्न त्योहार' फिल्टर टैब का उपयोग करके आप आगामी पर्वों या पूरे वर्ष के त्योहारों को आसानी से देख सकते हैं।
Ans. संबंधित त्योहार कार्ड के नीचे 'संपूर्ण पूजा विधि, कथा व मुहूर्त पढ़ें' बटन पर क्लिक करके आप उस पर्व का विस्तृत पौराणिक इतिहास, पूजन सामग्री चेकलिस्ट, विशेष मंत्र एवं शुभ मुहूर्त तालिका पढ़ सकते हैं।
अस्वीकरण: हिन्दू त्योहारों एवं व्रतों की तिथियां पारंपरिक वैदिक पंचांग गणना एवं सूर्य-चंद्रमा की खगोलीय स्थिति पर आधारित हैं। स्थानीय सूर्योदय एवं उदया तिथि के आधार पर विभिन्न क्षेत्रों में 1 दिन का अंतर संभव हो सकता है।