पौष अमावस्या (पितृ दोष निवारण)
Pausha Amavasya • कृष्ण अमावस्यासूर्य देव को अर्घ्य, तिल-गुड़ दान व पितरों की शांति के लिए पिंडदान का पुण्य पर्व।
सभी त्योहारों की तिथियां, प्रदोष काल, स्थिर लग्न एवं निशिता काल मुहूर्त खगोलीय गणित पर आधारित हैं।
सूर्य देव को अर्घ्य, तिल-गुड़ दान व पितरों की शांति के लिए पिंडदान का पुण्य पर्व।
भौमवती अमावस्या पर पितृ तर्पण व दान से ऋण मुक्ति व भूमि-भवन सुख की प्राप्ति।
पितृ तृप्ति, कालसर्प दोष निवारण एवं सुख-समृद्धि हेतु पवित्र नदियों में स्नान-दान।
पितरों के निमित्त श्राद्ध, तर्पण एवं स्नान-दान का पावन दिवस।
शनि अमावस्या पर शनि देव पूजन, छाया दान व पितृ तर्पण से साढ़ेसाती व ढैय्या की शांति।
अत्यंत दुर्लभ व शुभ सोमवती अमावस्या योग। पीपल प्रदक्षिणा, महास्नान व अखंड सौभाग्य।
भौमवती अमावस्या पर पितृ तर्पण व दान से ऋण मुक्ति व भूमि-भवन सुख की प्राप्ति।
कृषि कार्य आरंभ, पितृ शांति व किसानों द्वारा हल व कृषि यंत्रों का पूजन।
शिव-पार्वती आराधना, प्रकृति वंदना, वृक्षारोपण एवं सुख-समृद्धि हेतु पितृ तर्पण।
शनि अमावस्या पर शनि देव पूजन, छाया दान व पितृ तर्पण से साढ़ेसाती व ढैय्या की शांति।
अत्यंत दुर्लभ व शुभ सोमवती अमावस्या योग। पीपल प्रदक्षिणा, महास्नान व अखंड सौभाग्य।
भौमवती अमावस्या पर पितृ तर्पण व दान से ऋण मुक्ति व भूमि-भवन सुख की प्राप्ति।