📖 आषाढ़ अमावस्या (हलहारिणी) क्यों मनाया जाता है? (पौराणिक कथा व महत्व)
अमावस्या के दिन पितरों के निमित्त किया गया तर्पण और पिंडदान सात पीढ़ियों को तृप्त करता है।
Ashadha Amavasya / Halharini • 📅 12 अगस्त 2026, बुधवार (बुधवार) • 📜
ॐ पितृगणाय विद्महे जगतधारिणे धीमहि तन्नो पितृ प्रचोदयात्॥
Ans. आषाढ़ अमावस्या (हलहारिणी) वर्ष 2026 में 12 अगस्त 2026, बुधवार (बुधवार) को श्रद्धा एवं उल्लास के साथ मनाया जाएगा।
Ans. शुभ पूजा मुहूर्त: पितृ तर्पण व श्राद्ध काल: 13:49 से 16:25 (अपराह्न)
Ans. प्रातःकाल स्नान कर शुद्ध वस्त्र धारण करें। वेदी पर पितृ देव व भगवान सूर्य नारायण की प्रतिमा स्थापित कर रोली, अक्षत, पुष्प, दीप, नैवेद्य अर्पित करें तथा विधिवत आरती करें।