📖 सोमवती अमावस्या (ज्येष्ठ अमावस्या (वट सावित्री / शनि जयंती)) क्यों मनाया जाता है? (पौराणिक कथा व महत्व)
अमावस्या के दिन पितरों के निमित्त किया गया तर्पण और पिंडदान सात पीढ़ियों को तृप्त करता है।
Jyeshtha Amavasya / Shani Jayanti • 📅 15 जून 2026, सोमवार (सोमवार) • 📜
ॐ पितृगणाय विद्महे जगतधारिणे धीमहि तन्नो पितृ प्रचोदयात्॥
Ans. सोमवती अमावस्या (ज्येष्ठ अमावस्या (वट सावित्री / शनि जयंती)) वर्ष 2026 में 15 जून 2026, सोमवार (सोमवार) को श्रद्धा एवं उल्लास के साथ मनाया जाएगा।
Ans. शुभ पूजा मुहूर्त: पितृ तर्पण व श्राद्ध काल: 13:48 से 16:30 (अपराह्न)
Ans. प्रातःकाल स्नान कर शुद्ध वस्त्र धारण करें। वेदी पर पितृ देव व भगवान सूर्य नारायण की प्रतिमा स्थापित कर रोली, अक्षत, पुष्प, दीप, नैवेद्य अर्पित करें तथा विधिवत आरती करें।