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amavasya • 2026 🕉️ पर्व देवता: पितृ देव व भगवान सूर्य नारायण

शनिचरी अमावस्या (भाद्रपद अमावस्या (पिठोरी / कुशोत्पाटिनी)) 2026

Bhadrapada Amavasya / Pithori Amavasya • 📅 10 अक्टूबर 2026, शनिवार (शनिवार) • 📜

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मुख्य शुभ पूजा मुहूर्त: पितृ तर्पण व श्राद्ध काल: 13:23 से 15:44 (अपराह्न)
📲 शनिचरी अमावस्या (भाद्रपद अमावस्या (पिठोरी / कुशोत्पाटिनी)) शुभ मुहूर्त व विधि व्हाट्सएप पर शेयर करें

📖 शनिचरी अमावस्या (भाद्रपद अमावस्या (पिठोरी / कुशोत्पाटिनी)) क्यों मनाया जाता है? (पौराणिक कथा व महत्व)

अमावस्या के दिन पितरों के निमित्त किया गया तर्पण और पिंडदान सात पीढ़ियों को तृप्त करता है।

🪔 शनिचरी अमावस्या (भाद्रपद अमावस्या (पिठोरी / कुशोत्पाटिनी)) की संपूर्ण पूजा विधि

1. पवित्र नदी में स्नान करें अथवा घर में गंगाजल मिलाकर स्नान करें।
2. दक्षिण दिशा की ओर मुख करके काले तिल और जल से पितृ तर्पण करें।
3. ब्राह्मण भोजन कराएं और अन्न-वस्त्र दान करें।

📋 आवश्यक पूजन सामग्री चेकलिस्ट

काले तिल
कुश
जौ
गंगाजल
सफेद पुष्प

🕉️ प्रमुख मंत्र एवं स्तोत्र

मंत्र जप
पितृ गायत्री मंत्र:

ॐ पितृगणाय विद्महे जगतधारिणे धीमहि तन्नो पितृ प्रचोदयात्॥