📖 रवि प्रदोष व्रत (दीर्घायु, यश व आरोग्य) (कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी) क्यों मनाया जाता है? (पौराणिक कथा व महत्व)
रवि प्रदोष व्रत (दीर्घायु, यश व आरोग्य) (कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी) का सनातन धर्म में अत्यंत पावन और फलदायी महत्व है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन श्रद्धापूर्वक व्रत व पूजन करने से साधक को समस्त मनोवांछित फलों की प्राप्ति होती है।