गुरु प्रदोष व्रत (सौभाग्य व गुरु कृपा) (पौष शुक्ल त्रयोदशी)
Pradosh Vrat (Shukla Trayodashi) • शुक्ल त्रयोदशीसंध्याकाल में देवाधिदेव महादेव की आराधना का पावन प्रदोष व्रत। गुरु प्रदोष व्रत (सौभाग्य व गुरु कृपा) के प्रभाव से कष्टों का निवारण होता है।
सभी त्योहारों की तिथियां, प्रदोष काल, स्थिर लग्न एवं निशिता काल मुहूर्त खगोलीय गणित पर आधारित हैं।
संध्याकाल में देवाधिदेव महादेव की आराधना का पावन प्रदोष व्रत। गुरु प्रदोष व्रत (सौभाग्य व गुरु कृपा) के प्रभाव से कष्टों का निवारण होता है।
मां शाकंभरी जयंती, माघ स्नान का संकल्प व सूर्योपासना का पुण्य पर्व।
मंगलवार को पड़ने वाली अत्यंत शुभ व फलदायी अंगारकी संकष्टी चतुर्थी। विघ्नहर्ता गणेश जी की विशेष कृपा।
सूर्य के उत्तरायण होने और मकर राशि में प्रवेश का महापर्व। इस दिन गंगा स्नान, तिल-गुड़ का दान और सूर्योपासना से मोक्ष और आरोग्य की प्राप्ति होती है।
छह प्रकार से तिल का प्रयोग (स्नान, उबटन, हवन, तर्पण, भोजन, दान) कर पाप मुक्ति।
संध्याकाल में देवाधिदेव महादेव की आराधना का पावन प्रदोष व्रत। शुक्र प्रदोष व्रत (सुख, समृद्धि व ऐश्वर्य) के प्रभाव से कष्टों का निवारण होता है।
सूर्य देव को अर्घ्य, तिल-गुड़ दान व पितरों की शांति के लिए पिंडदान का पुण्य पर्व।
शुक्ल पक्ष की विनायक चतुर्थी पर मध्याह्न काल में विघ्नहर्ता गणपति बप्पा का पूजन व मोदक भोग।
विद्या, बुद्धि, वाणी और संगीत की अधिष्ठात्री देवी मां सरस्वती का प्राकट्य दिवस एवं ऋतुराज वसंत के आगमन का पावन पर्व।
पिशाच योनि व भूत-प्रेत बाधा से मुक्ति और विजय प्रदान करने वाली जया एकादशी।
संध्याकाल में देवाधिदेव महादेव की आराधना का पावन प्रदोष व्रत। शुक्र प्रदोष व्रत (सुख, समृद्धि व ऐश्वर्य) के प्रभाव से कष्टों का निवारण होता है।
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अस्वीकरण: हिन्दू त्योहारों एवं व्रतों की तिथियां पारंपरिक वैदिक पंचांग गणना एवं सूर्य-चंद्रमा की खगोलीय स्थिति पर आधारित हैं। स्थानीय सूर्योदय एवं उदया तिथि के आधार पर विभिन्न क्षेत्रों में 1 दिन का अंतर संभव हो सकता है।