समस्त कार्यों को सफल बनाने और जीवन में सुख-शांति प्रदान करने वाली सफला एकादशी।
सभी त्योहारों की तिथियां, प्रदोष काल, स्थिर लग्न एवं निशिता काल मुहूर्त खगोलीय गणित पर आधारित हैं।
भौम प्रदोष व्रत (ऋण मुक्ति व पराक्रम) (मार्गशीर्ष कृष्ण त्रयोदशी)
Pradosh Vrat (Krishna Trayodashi) • कृष्ण त्रयोदशीसंध्याकाल में देवाधिदेव महादेव की आराधना का पावन प्रदोष व्रत। भौम प्रदोष व्रत (ऋण मुक्ति व पराक्रम) के प्रभाव से कष्टों का निवारण होता है।
मार्गशीर्ष अमावस्या (भौमवती / सोमवती योग)
Margashirsha Amavasya • कृष्ण अमावस्याभगवान श्री कृष्ण की प्रिय तिथि - गीता पाठ, सत्यनारायण कथा व पितृ दोष निवारण।
विनायक चतुर्थी (पौष)
Vinayaka Chaturthi • शुक्ल चतुर्थीशुक्ल पक्ष की विनायक चतुर्थी पर मध्याह्न काल में विघ्नहर्ता गणपति बप्पा का पूजन व मोदक भोग।
सूर्य के उत्तरायण होने और मकर राशि में प्रवेश का महापर्व। इस दिन गंगा स्नान, तिल-गुड़ का दान और सूर्योपासना से मोक्ष और आरोग्य की प्राप्ति होती है।
पौष पुत्रदा एकादशी
Pausha Putrada Ekadashi • शुक्ल एकादशीसंतान सुख, विद्या-बुद्धि व आरोग्य प्रदायिनी पौष शुक्ल पुत्रदा एकादशी।
बुध प्रदोष व्रत (ज्ञान, विद्या व व्यापार) (पौष शुक्ल त्रयोदशी)
Pradosh Vrat (Shukla Trayodashi) • शुक्ल त्रयोदशीसंध्याकाल में देवाधिदेव महादेव की आराधना का पावन प्रदोष व्रत। बुध प्रदोष व्रत (ज्ञान, विद्या व व्यापार) के प्रभाव से कष्टों का निवारण होता है।
पौष पूर्णिमा (शाकंभरी पूर्णिमा)
Paush Purnima / Shakambhari Jayanti • शुक्ल पूर्णिमामां शाकंभरी जयंती, माघ स्नान का संकल्प व सूर्योपासना का पुण्य पर्व।
संकष्टी चतुर्थी (पौष)
Sankashti Chaturthi • कृष्ण चतुर्थीसमस्त संकटों व विघ्नों को दूर करने वाला भगवान श्री गणेश का संकष्टी चतुर्थी व्रत। सायं पूजन व चंद्र दर्शन।
छह प्रकार से तिल का प्रयोग (स्नान, उबटन, हवन, तर्पण, भोजन, दान) कर पाप मुक्ति।
बुध प्रदोष व्रत (ज्ञान, विद्या व व्यापार) (पौष कृष्ण त्रयोदशी)
Pradosh Vrat (Krishna Trayodashi) • कृष्ण त्रयोदशीसंध्याकाल में देवाधिदेव महादेव की आराधना का पावन प्रदोष व्रत। बुध प्रदोष व्रत (ज्ञान, विद्या व व्यापार) के प्रभाव से कष्टों का निवारण होता है।
शनिचरी अमावस्या (पौष अमावस्या (पितृ दोष निवारण))
Pausha Amavasya • कृष्ण अमावस्याशनि अमावस्या पर शनि देव पूजन, छाया दान व पितृ तर्पण से साढ़ेसाती व ढैय्या की शांति।
विनायक चतुर्थी (माघ)
Vinayaka Chaturthi • शुक्ल चतुर्थीशुक्ल पक्ष की विनायक चतुर्थी पर मध्याह्न काल में विघ्नहर्ता गणपति बप्पा का पूजन व मोदक भोग।
वसंत पंचमी (सरस्वती पूजा)
Vasant Panchami / Saraswati Puja • शुक्ल पंचमीविद्या, बुद्धि, वाणी और संगीत की अधिष्ठात्री देवी मां सरस्वती का प्राकट्य दिवस एवं ऋतुराज वसंत के आगमन का पावन पर्व।
पिशाच योनि व भूत-प्रेत बाधा से मुक्ति और विजय प्रदान करने वाली जया एकादशी।
गुरु प्रदोष व्रत (सौभाग्य व गुरु कृपा) (माघ शुक्ल त्रयोदशी)
Pradosh Vrat (Shukla Trayodashi) • शुक्ल त्रयोदशीसंध्याकाल में देवाधिदेव महादेव की आराधना का पावन प्रदोष व्रत। गुरु प्रदोष व्रत (सौभाग्य व गुरु कृपा) के प्रभाव से कष्टों का निवारण होता है।
माघ पूर्णिमा (माघी पूर्णिमा / रविदास जयंती)
Magha Purnima / Maghi Purnima • शुक्ल पूर्णिमाप्रयागराज त्रिवेणी संगम पर कल्पवास का समापन, महास्नान व संत शिरोमणि रविदास जयंती।
अंगारकी संकष्टी चतुर्थी (माघ)
Sankashti Chaturthi • कृष्ण चतुर्थीमंगलवार को पड़ने वाली अत्यंत शुभ व फलदायी अंगारकी संकष्टी चतुर्थी। विघ्नहर्ता गणेश जी की विशेष कृपा।
शत्रुओं पर विजय व कठिन परिस्थितियों में सफलता दिलाने वाली विजया एकादशी।
शुक्र प्रदोष व्रत (सुख, समृद्धि व ऐश्वर्य) (माघ कृष्ण त्रयोदशी)
Pradosh Vrat (Krishna Trayodashi) • कृष्ण त्रयोदशीसंध्याकाल में देवाधिदेव महादेव की आराधना का पावन प्रदोष व्रत। शुक्र प्रदोष व्रत (सुख, समृद्धि व ऐश्वर्य) के प्रभाव से कष्टों का निवारण होता है।
देवाधिदेव महादेव और माता पार्वती के पावन विवाहोत्सव एवं ज्योतिर्लिंग के प्राकट्य का महापर्व। उपवास व चार प्रहर रुद्राभिषेक।
सोमवती अमावस्या (माघ अमावस्या (मौनी अमावस्या))
Mauni Amavasya / Magha Amavasya • कृष्ण अमावस्याअत्यंत दुर्लभ व शुभ सोमवती अमावस्या योग। पीपल प्रदक्षिणा, महास्नान व अखंड सौभाग्य।
विनायक चतुर्थी (फाल्गुन)
Vinayaka Chaturthi • शुक्ल चतुर्थीशुक्ल पक्ष की विनायक चतुर्थी पर मध्याह्न काल में विघ्नहर्ता गणपति बप्पा का पूजन व मोदक भोग।
आंवले के वृक्ष में साक्षात श्री हरि व लक्ष्मी जी का वास मानकर पूजन का पावन दिन।
शनि प्रदोष व्रत (शनि दोष शांति व संतान सुख) (फाल्गुन शुक्ल त्रयोदशी)
Pradosh Vrat (Shukla Trayodashi) • शुक्ल त्रयोदशीसंध्याकाल में देवाधिदेव महादेव की आराधना का पावन प्रदोष व्रत। शनि प्रदोष व्रत (शनि दोष शांति व संतान सुख) के प्रभाव से कष्टों का निवारण होता है।
होलिका दहन (छोटी होली)
Holika Dahan / Chhoti Holi • शुक्ल पूर्णिमाअधर्म और अहंकार पर अनन्य भक्ति और धर्म की विजय का पावन पर्व। भद्रारहित प्रदोष काल में अग्नि पूजन व परिक्रमा।
होली (धुलेंडी / रंगोत्सव)
Holi / Dhulandi • कृष्ण प्रतिपदाआपसी प्रेम, समरसता और रंगों का महापर्व। वसंत ऋतु के उल्लास में अबीर-गुलाल से एक-दूसरे को रंगने का आनंदमय दिन।
फाल्गुन पूर्णिमा (होलिका दहन पूर्णिमा)
Phalguna Purnima / Holika Dahan • शुक्ल पूर्णिमाअधर्म पर धर्म की विजय का होलिका दहन, मां लक्ष्मी जयंती व चैतन्य महाप्रभु जयंती।
संकष्टी चतुर्थी (फाल्गुन)
Sankashti Chaturthi • कृष्ण चतुर्थीसमस्त संकटों व विघ्नों को दूर करने वाला भगवान श्री गणेश का संकष्टी चतुर्थी व्रत। सायं पूजन व चंद्र दर्शन।
समस्त प्रकार के जाने-अनजाने पापों और शापों से मुक्ति दिलाने वाली पापमोचनी एकादशी।
रवि प्रदोष व्रत (दीर्घायु, यश व आरोग्य) (फाल्गुन कृष्ण त्रयोदशी)
Pradosh Vrat (Krishna Trayodashi) • कृष्ण त्रयोदशीसंध्याकाल में देवाधिदेव महादेव की आराधना का पावन प्रदोष व्रत। रवि प्रदोष व्रत (दीर्घायु, यश व आरोग्य) के प्रभाव से कष्टों का निवारण होता है।
भौमवती अमावस्या (फाल्गुन अमावस्या)
Phalguna Amavasya • कृष्ण अमावस्याभौमवती अमावस्या पर पितृ तर्पण व दान से ऋण मुक्ति व भूमि-भवन सुख की प्राप्ति।
चैत्र नवरात्रि (घटस्थापना / नव संवत्सर)
Chaitra Navratri / Ghatasthapana • शुक्ल प्रतिपदाहिंदू नववर्ष (विक्रम संवत) का आरंभ और मां भगवती दुर्गा के नौ पावन स्वरूपों की अखंड साधना, घटस्थापना एवं उपवास।
विनायक चतुर्थी (चैत्र)
Vinayaka Chaturthi • शुक्ल चतुर्थीशुक्ल पक्ष की विनायक चतुर्थी पर मध्याह्न काल में विघ्नहर्ता गणपति बप्पा का पूजन व मोदक भोग।
भगवान श्री हरि विष्णु के सातवें अवतार मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम का पावन प्राकट्योत्सव। मध्याह्न काल में जन्मोत्सव।
समस्त कामनाओं की पूर्ति और पापों को भस्म करने वाली चैत्र शुक्ल एकादशी।
रवि प्रदोष व्रत (दीर्घायु, यश व आरोग्य) (चैत्र शुक्ल त्रयोदशी)
Pradosh Vrat (Shukla Trayodashi) • शुक्ल त्रयोदशीसंध्याकाल में देवाधिदेव महादेव की आराधना का पावन प्रदोष व्रत। रवि प्रदोष व्रत (दीर्घायु, यश व आरोग्य) के प्रभाव से कष्टों का निवारण होता है।
हनुमान जन्मोत्सव (चैत्र पूर्णिमा)
Hanuman Janmotsav • शुक्ल पूर्णिमारुद्रावतार, रामभक्त संकटमोचन श्री हनुमान जी महाराज का पावन प्राकट्योत्सव। सिंदूर लेपन व सुंदरकांड पाठ।
चैत्र पूर्णिमा (हनुमान जन्मोत्सव)
Chaitra Purnima / Hanuman Janmotsav • शुक्ल पूर्णिमाचैत्र पूर्णिमा पर संकटमोचन हनुमान जी का जन्मोत्सव, सत्यनारायण पूजन एवं चंद्र अर्घ्य।
संकष्टी चतुर्थी (चैत्र)
Sankashti Chaturthi • कृष्ण चतुर्थीसमस्त संकटों व विघ्नों को दूर करने वाला भगवान श्री गणेश का संकष्टी चतुर्थी व्रत। सायं पूजन व चंद्र दर्शन।
सौभाग्य प्रदायिनी और दस हजार वर्ष तपस्या के समान फल देने वाली वरुथिनी एकादशी।
सोम प्रदोष व्रत (मनोकामना पूर्ति) (चैत्र कृष्ण त्रयोदशी)
Pradosh Vrat (Krishna Trayodashi) • कृष्ण त्रयोदशीसंध्याकाल में देवाधिदेव महादेव की आराधना का पावन प्रदोष व्रत। सोम प्रदोष व्रत (मनोकामना पूर्ति) के प्रभाव से कष्टों का निवारण होता है।
पितरों के निमित्त श्राद्ध, तर्पण एवं स्नान-दान का पावन दिवस।
विनायक चतुर्थी (वैशाख)
Vinayaka Chaturthi • शुक्ल चतुर्थीशुक्ल पक्ष की विनायक चतुर्थी पर मध्याह्न काल में विघ्नहर्ता गणपति बप्पा का पूजन व मोदक भोग।
भगवान विष्णु के मोहिनी स्वरूप की आराधना व मोह-माया के बंधनों से मुक्ति का व्रत।
सोम प्रदोष व्रत (मनोकामना पूर्ति) (वैशाख शुक्ल त्रयोदशी)
Pradosh Vrat (Shukla Trayodashi) • शुक्ल त्रयोदशीसंध्याकाल में देवाधिदेव महादेव की आराधना का पावन प्रदोष व्रत। सोम प्रदोष व्रत (मनोकामना पूर्ति) के प्रभाव से कष्टों का निवारण होता है।
वैशाख पूर्णिमा (बुद्ध पूर्णिमा / कूर्म जयंती)
Vaishakh Purnima / Buddha Purnima • शुक्ल पूर्णिमाभगवान बुद्ध का अवतरण, ज्ञान प्राप्ति व महापरिनिर्वाण दिवस तथा श्री कूर्म अवतार जयंती।
संकष्टी चतुर्थी (वैशाख)
Sankashti Chaturthi • कृष्ण चतुर्थीसमस्त संकटों व विघ्नों को दूर करने वाला भगवान श्री गणेश का संकष्टी चतुर्थी व्रत। सायं पूजन व चंद्र दर्शन।
अपार पुण्य, धन-धान्य और ब्रह्महत्या जैसे घोर पापों का शमन करने वाली अपरा एकादशी।
बुध प्रदोष व्रत (ज्ञान, विद्या व व्यापार) (वैशाख कृष्ण त्रयोदशी)
Pradosh Vrat (Krishna Trayodashi) • कृष्ण त्रयोदशीसंध्याकाल में देवाधिदेव महादेव की आराधना का पावन प्रदोष व्रत। बुध प्रदोष व्रत (ज्ञान, विद्या व व्यापार) के प्रभाव से कष्टों का निवारण होता है।
वैशाख अमावस्या
Vaishakha Amavasya • कृष्ण अमावस्याधर्मराज यमराज के निमित्त जलदान, तिल दान एवं पितृ तर्पण का दिन।
विनायक चतुर्थी (ज्येष्ठ)
Vinayaka Chaturthi • शुक्ल चतुर्थीशुक्ल पक्ष की विनायक चतुर्थी पर मध्याह्न काल में विघ्नहर्ता गणपति बप्पा का पूजन व मोदक भोग।
वर्ष की समस्त 24 एकादशियों का पुण्य फल प्रदान करने वाली सर्वश्रेष्ठ निर्जला एकादशी।
बुध प्रदोष व्रत (ज्ञान, विद्या व व्यापार) (ज्येष्ठ शुक्ल त्रयोदशी)
Pradosh Vrat (Shukla Trayodashi) • शुक्ल त्रयोदशीसंध्याकाल में देवाधिदेव महादेव की आराधना का पावन प्रदोष व्रत। बुध प्रदोष व्रत (ज्ञान, विद्या व व्यापार) के प्रभाव से कष्टों का निवारण होता है।
ज्येष्ठ पूर्णिमा (वट पूर्णिमा व्रत)
Jyeshtha Purnima / Vat Purnima • शुक्ल पूर्णिमाअखंड सौभाग्य, पति की दीर्घायु हेतु वट वृक्ष पूजन एवं सत्यवान-सावित्री स्मरण व्रत।
अंगारकी संकष्टी चतुर्थी (ज्येष्ठ)
Sankashti Chaturthi • कृष्ण चतुर्थीमंगलवार को पड़ने वाली अत्यंत शुभ व फलदायी अंगारकी संकष्टी चतुर्थी। विघ्नहर्ता गणेश जी की विशेष कृपा।
शारीरिक व्याधियों, कुष्ठ रोग व शापों से मुक्ति दिलाने वाली पावन योगिनी एकादशी।
गुरु प्रदोष व्रत (सौभाग्य व गुरु कृपा) (ज्येष्ठ कृष्ण त्रयोदशी)
Pradosh Vrat (Krishna Trayodashi) • कृष्ण त्रयोदशीसंध्याकाल में देवाधिदेव महादेव की आराधना का पावन प्रदोष व्रत। गुरु प्रदोष व्रत (सौभाग्य व गुरु कृपा) के प्रभाव से कष्टों का निवारण होता है।
ज्येष्ठ अमावस्या (वट सावित्री / शनि जयंती)
Jyeshtha Amavasya / Shani Jayanti • कृष्ण अमावस्यावट सावित्री अखंड सौभाग्य व्रत एवं सूर्यपुत्र न्यायाधीश शनि देव जन्मोत्सव।
विनायक चतुर्थी (आषाढ़)
Vinayaka Chaturthi • शुक्ल चतुर्थीशुक्ल पक्ष की विनायक चतुर्थी पर मध्याह्न काल में विघ्नहर्ता गणपति बप्पा का पूजन व मोदक भोग।
देवशयनी एकादशी (हरिशयनी)
Devshayani Ekadashi • शुक्ल एकादशीभगवान श्री हरि विष्णु के चार मास क्षीरसागर में शयन (चातुर्मास आरंभ) का महापर्व।
गुरु प्रदोष व्रत (सौभाग्य व गुरु कृपा) (आषाढ़ शुक्ल त्रयोदशी)
Pradosh Vrat (Shukla Trayodashi) • शुक्ल त्रयोदशीसंध्याकाल में देवाधिदेव महादेव की आराधना का पावन प्रदोष व्रत। गुरु प्रदोष व्रत (सौभाग्य व गुरु कृपा) के प्रभाव से कष्टों का निवारण होता है।
आषाढ़ पूर्णिमा (गुरु पूर्णिमा / व्यास पूजा)
Ashadha Purnima / Guru Purnima • शुक्ल पूर्णिमामहर्षि वेदव्यास जयंती, गुरु पूजन, दीक्षा व कृतज्ञता ज्ञापन का महापर्व।
संकष्टी चतुर्थी (आषाढ़)
Sankashti Chaturthi • कृष्ण चतुर्थीसमस्त संकटों व विघ्नों को दूर करने वाला भगवान श्री गणेश का संकष्टी चतुर्थी व्रत। सायं पूजन व चंद्र दर्शन।
तुलसी दल से भगवान श्रीधर के पूजन और पितृ दोष से मुक्ति देने वाली कामिका एकादशी।
शनि प्रदोष व्रत (शनि दोष शांति व संतान सुख) (आषाढ़ कृष्ण त्रयोदशी)
Pradosh Vrat (Krishna Trayodashi) • कृष्ण त्रयोदशीसंध्याकाल में देवाधिदेव महादेव की आराधना का पावन प्रदोष व्रत। शनि प्रदोष व्रत (शनि दोष शांति व संतान सुख) के प्रभाव से कष्टों का निवारण होता है।
सोमवती अमावस्या (आषाढ़ अमावस्या (हलहारिणी))
Ashadha Amavasya / Halharini • कृष्ण अमावस्याअत्यंत दुर्लभ व शुभ सोमवती अमावस्या योग। पीपल प्रदक्षिणा, महास्नान व अखंड सौभाग्य।
सुहागिन स्त्रियों द्वारा अखंड सौभाग्य, पति की दीर्घायु और शिव-पार्वती के पुनर्मिलन का पावन व्रत।
विनायक चतुर्थी (श्रावण)
Vinayaka Chaturthi • शुक्ल चतुर्थीशुक्ल पक्ष की विनायक चतुर्थी पर मध्याह्न काल में विघ्नहर्ता गणपति बप्पा का पूजन व मोदक भोग।
अनंत, वासुकि, शेष, पद्म, महापद्म, तक्षक, कुलीर और शंखपाल - अष्टनागों की पूजा व सर्प भय से मुक्ति का दिन।
श्रावण पुत्रदा एकादशी (पवित्रा)
Shravana Putrada Ekadashi • शुक्ल एकादशीसंतान प्राप्ति, वंश वृद्धि और संतान की दीर्घायु का आशीर्वाद देने वाली पुत्रदा एकादशी।
शनि प्रदोष व्रत (शनि दोष शांति व संतान सुख) (श्रावण शुक्ल त्रयोदशी)
Pradosh Vrat (Shukla Trayodashi) • शुक्ल त्रयोदशीसंध्याकाल में देवाधिदेव महादेव की आराधना का पावन प्रदोष व्रत। शनि प्रदोष व्रत (शनि दोष शांति व संतान सुख) के प्रभाव से कष्टों का निवारण होता है।
श्रावण पूर्णिमा (रक्षाबंधन / गायत्री जयंती)
Shravana Purnima / Raksha Bandhan • शुक्ल पूर्णिमाभाई-बहन के अटूट स्नेह का रक्षाबंधन पर्व, मां गायत्री जयंती व श्रावणी उपकर्म।
भाई-बहन के पवित्र प्रेम और रक्षा के संकल्प का पावन पर्व। भद्रा रहित अपराह्न अथवा प्रदोष काल में राखी बंधन।
संकष्टी चतुर्थी (श्रावण)
Sankashti Chaturthi • कृष्ण चतुर्थीसमस्त संकटों व विघ्नों को दूर करने वाला भगवान श्री गणेश का संकष्टी चतुर्थी व्रत। सायं पूजन व चंद्र दर्शन।
श्री कृष्ण जन्माष्टमी
Krishna Janmashtami • कृष्ण अष्टमीभगवान श्री कृष्ण का पावन अवतरण दिवस। भाद्रपद कृष्ण अष्टमी की मध्यरात्रि निशीथ काल में कान्हा का जन्मोत्सव।
राजा हरिश्चंद्र को खोया राज्य व परिवार पुनः दिलाने वाली पापविनाशिनी अजा एकादशी।
रवि प्रदोष व्रत (दीर्घायु, यश व आरोग्य) (श्रावण कृष्ण त्रयोदशी)
Pradosh Vrat (Krishna Trayodashi) • कृष्ण त्रयोदशीसंध्याकाल में देवाधिदेव महादेव की आराधना का पावन प्रदोष व्रत। रवि प्रदोष व्रत (दीर्घायु, यश व आरोग्य) के प्रभाव से कष्टों का निवारण होता है।
भौमवती अमावस्या (श्रावण अमावस्या (हरियाली अमावस्या))
Shravana Amavasya / Hariyali Amavasya • कृष्ण अमावस्याभौमवती अमावस्या पर पितृ तर्पण व दान से ऋण मुक्ति व भूमि-भवन सुख की प्राप्ति।
निर्जला व्रत रखकर माता गौरी और महादेव के पावन बालू / मिट्टी के स्वरूप का चार प्रहर पूजन व रात्रि जागरण।
गणेश चतुर्थी (विनायक चतुर्थी)
Ganesh Chaturthi / Vinayaka Chaturthi • शुक्ल चतुर्थीविघ्नहर्ता भगवान श्री गणेश का प्राकट्य दिवस। भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी को मध्याह्न काल में गणपति बप्पा की स्थापना।
विनायक चतुर्थी (भाद्रपद)
Vinayaka Chaturthi • शुक्ल चतुर्थीशुक्ल पक्ष की विनायक चतुर्थी पर मध्याह्न काल में विघ्नहर्ता गणपति बप्पा का पूजन व मोदक भोग।
परिवर्तिनी एकादशी (पार्श्व)
Parivartini Ekadashi • शुक्ल एकादशीक्षीरसागर में भगवान विष्णु द्वारा करवट बदलने का पावन दिन व वामन जयंती।
रवि प्रदोष व्रत (दीर्घायु, यश व आरोग्य) (भाद्रपद शुक्ल त्रयोदशी)
Pradosh Vrat (Shukla Trayodashi) • शुक्ल त्रयोदशीसंध्याकाल में देवाधिदेव महादेव की आराधना का पावन प्रदोष व्रत। रवि प्रदोष व्रत (दीर्घायु, यश व आरोग्य) के प्रभाव से कष्टों का निवारण होता है।
अनंत चतुर्दशी (गणेश विसर्जन)
Anant Chaturdashi / Ganesh Visarjan • शुक्ल चतुर्दशीचौदह गांठों वाले रक्षा सूत्र (अनंत सूत्र) का धारण, अनंत पद की प्राप्ति और दस दिवसीय गणेशोत्सव का विसर्जन।
भाद्रपद पूर्णिमा (श्राद्ध पूर्णिमा)
Bhadrapada Purnima / Shraddha Purnima • शुक्ल पूर्णिमापितृपक्ष का शुभारंभ, ऋषि पूजन व उमा-महेश्वर व्रत का पावन दिन।
संकष्टी चतुर्थी (भाद्रपद)
Sankashti Chaturthi • कृष्ण चतुर्थीसमस्त संकटों व विघ्नों को दूर करने वाला भगवान श्री गणेश का संकष्टी चतुर्थी व्रत। सायं पूजन व चंद्र दर्शन।
पितरों को अधोगति से मुक्ति व वैकुंठ लोक की प्राप्ति कराने वाली पितृपक्ष एकादशी।
सोम प्रदोष व्रत (मनोकामना पूर्ति) (भाद्रपद कृष्ण त्रयोदशी)
Pradosh Vrat (Krishna Trayodashi) • कृष्ण त्रयोदशीसंध्याकाल में देवाधिदेव महादेव की आराधना का पावन प्रदोष व्रत। सोम प्रदोष व्रत (मनोकामना पूर्ति) के प्रभाव से कष्टों का निवारण होता है।
शारदीय नवरात्रि (घटस्थापना)
Shardiya Navratri / Ghatasthapana • शुक्ल प्रतिपदाआश्विन मास की पावन नवरात्रि। मां दुर्गा के नौ रूपों की उपासना, अखंड ज्योति, गरबा-डांडिया और कन्या पूजन।
भाद्रपद अमावस्या (पिठोरी / कुशोत्पाटिनी)
Bhadrapada Amavasya / Pithori Amavasya • कृष्ण अमावस्यावर्षभर के धार्मिक कार्यों हेतु पवित्र कुश उखाड़ने का दिन व संतान रक्षक पिठोरी व्रत।
विनायक चतुर्थी (आश्विन)
Vinayaka Chaturthi • शुक्ल चतुर्थीशुक्ल पक्ष की विनायक चतुर्थी पर मध्याह्न काल में विघ्नहर्ता गणपति बप्पा का पूजन व मोदक भोग।
विजयादशमी (दशहरा)
Dussehra / Vijayadashami • शुक्ल दशमीअधर्म पर धर्म और असत्य पर सत्य की शाश्वत विजय का महापर्व। रावण दहन, शस्त्र पूजन एवं शमी वृक्ष दर्शन।
पापों पर अंकुश लगाने वाली और अक्षय स्वर्ग सुख प्रदान करने वाली पापांकुशा एकादशी।
भौम प्रदोष व्रत (ऋण मुक्ति व पराक्रम) (आश्विन शुक्ल त्रयोदशी)
Pradosh Vrat (Shukla Trayodashi) • शुक्ल त्रयोदशीसंध्याकाल में देवाधिदेव महादेव की आराधना का पावन प्रदोष व्रत। भौम प्रदोष व्रत (ऋण मुक्ति व पराक्रम) के प्रभाव से कष्टों का निवारण होता है।
शरद पूर्णिमा (कोजागरी / रास पूर्णिमा)
Sharad Purnima / Kojagiri • शुक्ल पूर्णिमाचंद्रमा की सोलह कलाओं से अमृत वर्षा की रात्रि, खीर प्रसाद व महालक्ष्मी कोजागरी पूजन।
अखंड सौभाग्य, सुहाग की दीर्घायु और अटूट दांपत्य प्रेम का निर्जला व्रत। सायं चौथ माता पूजन एवं चंद्र दर्शन।
संकष्टी चतुर्थी (आश्विन)
Sankashti Chaturthi • कृष्ण चतुर्थीसमस्त संकटों व विघ्नों को दूर करने वाला भगवान श्री गणेश का संकष्टी चतुर्थी व्रत। सायं पूजन व चंद्र दर्शन।
संतान की दीर्घायु, उत्तम स्वास्थ्य, रक्षा और वंश वृद्धि के लिए माताओं द्वारा निर्जला उपवास व सायं तारा दर्शन।
दीपावली पूर्व मां लक्ष्मी (रमा) व भगवान केशव की कृपा और धन-समृद्धि प्रदायिनी एकादशी।
धनतेरस (धनत्रयोदशी)
Dhanteras / Dhantrayodashi • कृष्ण त्रयोदशीआरोग्य के देवता भगवान धन्वंतरि का प्राकट्य दिवस और धन के देवता कुबेर का पूजन। बर्तन, सोना-चांदी की खरीदारी।
बुध प्रदोष व्रत (ज्ञान, विद्या व व्यापार) (आश्विन कृष्ण त्रयोदशी)
Pradosh Vrat (Krishna Trayodashi) • कृष्ण त्रयोदशीसंध्याकाल में देवाधिदेव महादेव की आराधना का पावन प्रदोष व्रत। बुध प्रदोष व्रत (ज्ञान, विद्या व व्यापार) के प्रभाव से कष्टों का निवारण होता है।
नरक चतुर्दशी (रूप चौदस / छोटी दीपावली)
Narak Chaturdashi / Chhoti Diwali • कृष्ण चतुर्दशीअरुणोदय काल में अभ्यंग स्नान (उबटन), यमराज के निमित्त दीपदान और सौंदर्य प्राप्ति का पावन पर्व।
दीपावली (महालक्ष्मी पूजन)
Diwali / Lakshmi Puja • अमावस्याप्रकाश और समृद्धि का महापर्व। कार्तिक अमावस्या के प्रदोष काल व स्थिर वृषभ लग्न में महालक्ष्मी-गणेश पूजन एवं दीपदान।
आश्विन अमावस्या (सर्वपितृ मोक्ष अमावस्या)
Sarva Pitru Amavasya / Mahalaya • कृष्ण अमावस्यासोलह श्राद्ध का अंतिम दिन - समस्त ज्ञात-अज्ञात पितरों का महा श्राद्ध, तर्पण व विसर्जन।
गोवर्धन पूजा (अन्नकूट)
Govardhan Puja / Annakut • शुक्ल प्रतिपदाप्रकृति, पर्वत और गोवंश के प्रति कृतज्ञता का पर्व। भगवान श्री कृष्ण द्वारा इंद्र का मानमर्दन व गोवर्धन पर्वत धारण।
भाई दूज (यम द्वितीया)
Bhai Dooj / Yama Dwitiya • शुक्ल द्वितीयाभाई-बहन के अमर स्नेह का पावन पर्व। कार्तिक शुक्ल द्वितीया के दिन यमुना स्नान, बहन के घर भोजन और तिलक।
विनायक चतुर्थी (कार्तिक)
Vinayaka Chaturthi • शुक्ल चतुर्थीशुक्ल पक्ष की विनायक चतुर्थी पर मध्याह्न काल में विघ्नहर्ता गणपति बप्पा का पूजन व मोदक भोग।
छठ पूजा (सूर्य षष्ठी)
Chhath Puja / Surya Shashthi • शुक्ल षष्ठीचार दिवसीय महापर्व (नहाय-खाय, खरना, संध्या अर्घ्य, उषा अर्घ्य)। संतान की दीर्घायु और आरोग्य हेतु अस्ताचलगामी व उदीयमान सूर्य को अर्घ्य।
देवउठनी एकादशी (प्रबोधिनी)
Dev Uthani / Prabodhini Ekadashi • शुक्ल एकादशीचार मास के योगनिद्रा के उपरांत भगवान श्री हरि का जागरण व मांगलिक कार्य आरंभ।
तुलसी विवाह (द्वादशी तिथि)
Tulsi Vivah / Dwadashi • शुक्ल द्वादशीभगवान शालिग्राम और माता तुलसी का पावन वैवाहिक अनुष्ठान। कन्यादान के समान महापुण्य की प्राप्ति।
गुरु प्रदोष व्रत (सौभाग्य व गुरु कृपा) (कार्तिक शुक्ल त्रयोदशी)
Pradosh Vrat (Shukla Trayodashi) • शुक्ल त्रयोदशीसंध्याकाल में देवाधिदेव महादेव की आराधना का पावन प्रदोष व्रत। गुरु प्रदोष व्रत (सौभाग्य व गुरु कृपा) के प्रभाव से कष्टों का निवारण होता है।
कार्तिक पूर्णिमा (देव दीपावली / त्रिपुरारी पूर्णिमा)
Kartik Purnima / Dev Deepawali • शुक्ल पूर्णिमाकाशी में देवताओं की दीपावली, भगवान शिव द्वारा त्रिपुरारी वध व गुरु नानक देव जयंती।
संकष्टी चतुर्थी (कार्तिक)
Sankashti Chaturthi • कृष्ण चतुर्थीसमस्त संकटों व विघ्नों को दूर करने वाला भगवान श्री गणेश का संकष्टी चतुर्थी व्रत। सायं पूजन व चंद्र दर्शन।
मुर दैत्य के वध हेतु भगवान विष्णु के शरीर से एकादशी देवी के प्राकट्य का पावन दिवस।
गुरु प्रदोष व्रत (सौभाग्य व गुरु कृपा) (कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी)
Pradosh Vrat (Krishna Trayodashi) • कृष्ण त्रयोदशीसंध्याकाल में देवाधिदेव महादेव की आराधना का पावन प्रदोष व्रत। गुरु प्रदोष व्रत (सौभाग्य व गुरु कृपा) के प्रभाव से कष्टों का निवारण होता है।
कार्तिक अमावस्या (दीपावली अमावस्या)
Kartika Amavasya / Diwali • कृष्ण अमावस्याकार्तिक कृष्ण अमावस्या की रात्रि मां महालक्ष्मी का भूलोक आगमन, दीपदान व पूजन।
विनायक चतुर्थी (मार्गशीर्ष)
Vinayaka Chaturthi • शुक्ल चतुर्थीशुक्ल पक्ष की विनायक चतुर्थी पर मध्याह्न काल में विघ्नहर्ता गणपति बप्पा का पूजन व मोदक भोग।
मोक्षदा एकादशी (गीता जयंती)
Mokshada Ekadashi / Gita Jayanti • शुक्ल एकादशीभगवान श्री कृष्ण द्वारा कुरुक्षेत्र में श्रीमद्भगवद्गीता के उपदेश का दिन व मोक्ष प्राप्ति व्रत।
शनि प्रदोष व्रत (शनि दोष शांति व संतान सुख) (मार्गशीर्ष शुक्ल त्रयोदशी)
Pradosh Vrat (Shukla Trayodashi) • शुक्ल त्रयोदशीसंध्याकाल में देवाधिदेव महादेव की आराधना का पावन प्रदोष व्रत। शनि प्रदोष व्रत (शनि दोष शांति व संतान सुख) के प्रभाव से कष्टों का निवारण होता है।
मार्गशीर्ष पूर्णिमा (दत्तात्रेय जयंती)
Margashirsha Purnima / Dattatreya Jayanti • शुक्ल पूर्णिमाब्रह्मा, विष्णु, महेश के संयुक्त अवतार भगवान दत्तात्रेय का प्राकट्योत्सव।
संकष्टी चतुर्थी (मार्गशीर्ष)
Sankashti Chaturthi • कृष्ण चतुर्थीसमस्त संकटों व विघ्नों को दूर करने वाला भगवान श्री गणेश का संकष्टी चतुर्थी व्रत। सायं पूजन व चंद्र दर्शन।
समस्त कार्यों को सफल बनाने और जीवन में सुख-शांति प्रदान करने वाली सफला एकादशी।
शनि प्रदोष व्रत (शनि दोष शांति व संतान सुख) (मार्गशीर्ष कृष्ण त्रयोदशी)
Pradosh Vrat (Krishna Trayodashi) • कृष्ण त्रयोदशीसंध्याकाल में देवाधिदेव महादेव की आराधना का पावन प्रदोष व्रत। शनि प्रदोष व्रत (शनि दोष शांति व संतान सुख) के प्रभाव से कष्टों का निवारण होता है।
सोमवती अमावस्या (मार्गशीर्ष अमावस्या (भौमवती / सोमवती योग))
Margashirsha Amavasya • कृष्ण अमावस्याअत्यंत दुर्लभ व शुभ सोमवती अमावस्या योग। पीपल प्रदक्षिणा, महास्नान व अखंड सौभाग्य।
विनायक चतुर्थी (पौष)
Vinayaka Chaturthi • शुक्ल चतुर्थीशुक्ल पक्ष की विनायक चतुर्थी पर मध्याह्न काल में विघ्नहर्ता गणपति बप्पा का पूजन व मोदक भोग।