📖 मार्गशीर्ष अमावस्या (भौमवती / सोमवती योग) क्यों मनाया जाता है? (पौराणिक कथा व महत्व)
अमावस्या के दिन पितरों के निमित्त किया गया तर्पण और पिंडदान सात पीढ़ियों को तृप्त करता है।
Margashirsha Amavasya • 📅 6 जनवरी 2027, बुधवार (बुधवार) • 📜
ॐ पितृगणाय विद्महे जगतधारिणे धीमहि तन्नो पितृ प्रचोदयात्॥
Ans. मार्गशीर्ष अमावस्या (भौमवती / सोमवती योग) वर्ष 2027 में 6 जनवरी 2027, बुधवार (बुधवार) को श्रद्धा एवं उल्लास के साथ मनाया जाएगा।
Ans. शुभ पूजा मुहूर्त: पितृ तर्पण व श्राद्ध काल: 13:36 से 15:45 (अपराह्न)
Ans. प्रातःकाल स्नान कर शुद्ध वस्त्र धारण करें। वेदी पर पितृ देव व भगवान सूर्य नारायण की प्रतिमा स्थापित कर रोली, अक्षत, पुष्प, दीप, नैवेद्य अर्पित करें तथा विधिवत आरती करें।