सूर्य के उत्तरायण होने और मकर राशि में प्रवेश का महापर्व। इस दिन गंगा स्नान, तिल-गुड़ का दान और सूर्योपासना से मोक्ष और आरोग्य की प्राप्ति होती है।
सभी त्योहारों की तिथियां, प्रदोष काल, स्थिर लग्न एवं निशिता काल मुहूर्त खगोलीय गणित पर आधारित हैं।
वसंत पंचमी (सरस्वती पूजा)
Vasant Panchami / Saraswati Puja • शुक्ल पंचमीविद्या, बुद्धि, वाणी और संगीत की अधिष्ठात्री देवी मां सरस्वती का प्राकट्य दिवस एवं ऋतुराज वसंत के आगमन का पावन पर्व।
देवाधिदेव महादेव और माता पार्वती के पावन विवाहोत्सव एवं ज्योतिर्लिंग के प्राकट्य का महापर्व। उपवास व चार प्रहर रुद्राभिषेक।
होलिका दहन (छोटी होली)
Holika Dahan / Chhoti Holi • शुक्ल पूर्णिमाअधर्म और अहंकार पर अनन्य भक्ति और धर्म की विजय का पावन पर्व। भद्रारहित प्रदोष काल में अग्नि पूजन व परिक्रमा।
होली (धुलेंडी / रंगोत्सव)
Holi / Dhulandi • कृष्ण प्रतिपदाआपसी प्रेम, समरसता और रंगों का महापर्व। वसंत ऋतु के उल्लास में अबीर-गुलाल से एक-दूसरे को रंगने का आनंदमय दिन।
चैत्र नवरात्रि (घटस्थापना / नव संवत्सर)
Chaitra Navratri / Ghatasthapana • शुक्ल प्रतिपदाहिंदू नववर्ष (विक्रम संवत) का आरंभ और मां भगवती दुर्गा के नौ पावन स्वरूपों की अखंड साधना, घटस्थापना एवं उपवास।
भगवान श्री हरि विष्णु के सातवें अवतार मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम का पावन प्राकट्योत्सव। मध्याह्न काल में जन्मोत्सव।
सुहागिन स्त्रियों द्वारा अखंड सौभाग्य, पति की दीर्घायु और शिव-पार्वती के पुनर्मिलन का पावन व्रत।
अनंत, वासुकि, शेष, पद्म, महापद्म, तक्षक, कुलीर और शंखपाल - अष्टनागों की पूजा व सर्प भय से मुक्ति का दिन।
भाई-बहन के पवित्र प्रेम और रक्षा के संकल्प का पावन पर्व। भद्रा रहित अपराह्न अथवा प्रदोष काल में राखी बंधन।
श्री कृष्ण जन्माष्टमी
Krishna Janmashtami • कृष्ण अष्टमीभगवान श्री कृष्ण का पावन अवतरण दिवस। भाद्रपद कृष्ण अष्टमी की मध्यरात्रि निशीथ काल में कान्हा का जन्मोत्सव।
निर्जला व्रत रखकर माता गौरी और महादेव के पावन बालू / मिट्टी के स्वरूप का चार प्रहर पूजन व रात्रि जागरण।
गणेश चतुर्थी (विनायक चतुर्थी)
Ganesh Chaturthi / Vinayaka Chaturthi • शुक्ल चतुर्थीविघ्नहर्ता भगवान श्री गणेश का प्राकट्य दिवस। भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी को मध्याह्न काल में गणपति बप्पा की स्थापना।
अनंत चतुर्दशी (गणेश विसर्जन)
Anant Chaturdashi / Ganesh Visarjan • शुक्ल चतुर्दशीचौदह गांठों वाले रक्षा सूत्र (अनंत सूत्र) का धारण, अनंत पद की प्राप्ति और दस दिवसीय गणेशोत्सव का विसर्जन।
शारदीय नवरात्रि (घटस्थापना)
Shardiya Navratri / Ghatasthapana • शुक्ल प्रतिपदाआश्विन मास की पावन नवरात्रि। मां दुर्गा के नौ रूपों की उपासना, अखंड ज्योति, गरबा-डांडिया और कन्या पूजन।
विजयादशमी (दशहरा)
Dussehra / Vijayadashami • शुक्ल दशमीअधर्म पर धर्म और असत्य पर सत्य की शाश्वत विजय का महापर्व। रावण दहन, शस्त्र पूजन एवं शमी वृक्ष दर्शन।
अखंड सौभाग्य, सुहाग की दीर्घायु और अटूट दांपत्य प्रेम का निर्जला व्रत। सायं चौथ माता पूजन एवं चंद्र दर्शन।
संतान की दीर्घायु, उत्तम स्वास्थ्य, रक्षा और वंश वृद्धि के लिए माताओं द्वारा निर्जला उपवास व सायं तारा दर्शन।
धनतेरस (धनत्रयोदशी)
Dhanteras / Dhantrayodashi • कृष्ण त्रयोदशीआरोग्य के देवता भगवान धन्वंतरि का प्राकट्य दिवस और धन के देवता कुबेर का पूजन। बर्तन, सोना-चांदी की खरीदारी।
नरक चतुर्दशी (रूप चौदस / छोटी दीपावली)
Narak Chaturdashi / Chhoti Diwali • कृष्ण चतुर्दशीअरुणोदय काल में अभ्यंग स्नान (उबटन), यमराज के निमित्त दीपदान और सौंदर्य प्राप्ति का पावन पर्व।
दीपावली (महालक्ष्मी पूजन)
Diwali / Lakshmi Puja • अमावस्याप्रकाश और समृद्धि का महापर्व। कार्तिक अमावस्या के प्रदोष काल व स्थिर वृषभ लग्न में महालक्ष्मी-गणेश पूजन एवं दीपदान।
गोवर्धन पूजा (अन्नकूट)
Govardhan Puja / Annakut • शुक्ल प्रतिपदाप्रकृति, पर्वत और गोवंश के प्रति कृतज्ञता का पर्व। भगवान श्री कृष्ण द्वारा इंद्र का मानमर्दन व गोवर्धन पर्वत धारण।
भाई दूज (यम द्वितीया)
Bhai Dooj / Yama Dwitiya • शुक्ल द्वितीयाभाई-बहन के अमर स्नेह का पावन पर्व। कार्तिक शुक्ल द्वितीया के दिन यमुना स्नान, बहन के घर भोजन और तिलक।
छठ पूजा (सूर्य षष्ठी)
Chhath Puja / Surya Shashthi • शुक्ल षष्ठीचार दिवसीय महापर्व (नहाय-खाय, खरना, संध्या अर्घ्य, उषा अर्घ्य)। संतान की दीर्घायु और आरोग्य हेतु अस्ताचलगामी व उदीयमान सूर्य को अर्घ्य।
तुलसी विवाह (द्वादशी तिथि)
Tulsi Vivah / Dwadashi • शुक्ल द्वादशीभगवान शालिग्राम और माता तुलसी का पावन वैवाहिक अनुष्ठान। कन्यादान के समान महापुण्य की प्राप्ति।