मेवाड़ी मनख : राजेन्द्र सनाढ्य राजन
📅 08 October 2026, 08:06 PM
•
✍️ paliwalwani
•
⏱️ 2 मिनट में पढ़ें
मुंडा पे मूँछा राखा,
म्हाँ तीखी भलक,
सवाभिमानी पूरा हा,
जाणें पूरो मलक।
>>>>>>>>>>>
आँखा मा तेज राखा,
खुली राखा पलक,
कोई थौड़ों टेढ़ों पडें,
वताई दा विने झलक।
>>>>>>>>>>>
हाथा मा दम राखा,
काम री राखा ललक,
कंडी हामें नी करां,
म्हां गळक-गळक।
>>>>>>>>>>>
घट मा दया राखा,
ऊपरूं राखा धमक,
वफादारी पूरी करां,
जंडों खावां नमक।
>>>>>>>>>>>
पगा मा मजबूती राखा,
चाल राखा गमक,
पाछे पग नी मेला,
दुनियाँ जावों पटक।
>>>>>>>>>>>
जबान मा मीठास राखा,
तर राखा हलक,
भगवान रो नाम ला,
चौईसी घंटा तलक।
>>>>>>>>>>>
राजन म्हां मेवाड़ी,
मनख हा मनख,
चावों जदी कर लीज्यों,
थाँ म्हाणी परख।
थाँ म्हाणी परख।।
>>>>>>>>>>>
राजेन्द्र सनाढ्य राजन : वाइस प्रिंसिपल
रा उ मा वि नमाना, नि- कोठारिया, जि-राजसमंद. राजस्थान
📲
चैनल से जुड़ें →
पालीवाल वाणी WhatsApp चैनल से जुड़ें
ताज़ा ब्रेकिंग न्यूज़ और समाज के सभी समाचार सबसे पहले अपने फोन पर पाएं।
प्रमुख विषय:
संबंधित खबरें
सभी देखें →