एप डाउनलोड करें

पप्पू यादव की गिरफ्तारी के बाद बिगड़ी तबीयत : मुझे जान का खतरा महसूस हुआ : सांसद

अन्य ख़बरे Published by: paliwalwani Updated Sat, 07 Feb 2026 11:13 AM
विज्ञापन
Follow Us
विज्ञापन

वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

पूर्णिया .

पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव की गिरफ्तारी के बाद जो तस्वीरें और घटनाक्रम सामने आए हैं, उन्होंने कानून के साथ-साथ मानवीय संवेदनाओं को भी झकझोर दिया है. 31 साल पुराने एक मामले में शुक्रवार देर रात गिरफ्तार किए गए पप्पू यादव की तबीयत गिरफ्तारी के तुरंत बाद बिगड़ गई, जिसके चलते उन्हें पूरी रात अस्पताल में स्ट्रेचर पर बितानी पड़ी.

शुक्रवार रात करीब नौ बजे पप्पू यादव दिल्ली से पटना अपने आवास पहुंचे थे. बताया जा रहा है कि साढ़े दस बजे के करीब सादे लिबास में पुलिसकर्मी उनके घर पहुंचे और कोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए गिरफ्तारी की बात कही. अचानक हुई इस कार्रवाई से वहां मौजूद समर्थकों में आक्रोश फैल गया और माहौल तनावपूर्ण हो गया. काफी बहस और हंगामे के बाद रात करीब बारह बजे पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया.

गिरफ्तारी के बाद बिगड़ी तबीयत

गिरफ्तारी के बाद पुलिस पप्पू यादव को सीधे पटना के इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (IGIMS) लेकर पहुंची. मेडिकल जांच के दौरान उनकी तबीयत और बिगड़ गई. उन्हें स्ट्रेचर पर ले जाया गया और पूरी रात अस्पताल में ही बितानी पड़ी. डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज चलता रहा और पुलिस की कड़ी सुरक्षा भी तैनात रही. शनिवार सुबह हालत को देखते हुए सांसद को IGIMS से पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल (PMCH) शिफ्ट किया गया. फिलहाल उनका इलाज जारी है. डॉक्टरों का कहना है कि उनकी सेहत पर लगातार नजर रखी जा रही है.

‘मुझे जान का खतरा महसूस हुआ’

इस बीच पप्पू यादव ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि वो कोर्ट के आदेश का सम्मान करते हैं और नोटिस मिलने के बाद ही पटना आए थे. उन्होंने आरोप लगाया कि गिरफ्तारी के दौरान मौजूद पुलिसकर्मी सिविल ड्रेस में थे, जिससे उन्हें अपनी सुरक्षा को लेकर डर लगा. उनका कहना है कि उन्हें अपनी जान को खतरा महसूस हुआ.

क्या है पूरा मामला?

दरअसल, ये मामला वर्ष 1995 से जुड़ा है, जब पटना के गर्दनीबाग थाना क्षेत्र में एक मकान किराए को लेकर विवाद दर्ज हुआ था. शिकायतकर्ता ने धोखाधड़ी और धमकी देने के आरोप लगाए थे. लंबे समय तक कोर्ट में पेश न होने के कारण एमपी-एमएलए कोर्ट ने पप्पू यादव समेत बाकी आरोपियों के खिलाफ वारंट जारी किया था. मानवीय नजरिए से देखें तो ये मामला सिर्फ कानूनी प्रक्रिया नहीं है. एक जनप्रतिनिधि की बिगड़ती तबीयत, अस्पताल में स्ट्रेचर पर गुजरी रात और समर्थकों की चिंता इस पूरे घटनाक्रम को संवेदनशील बना देती है. अब सबकी निगाहें अदालत के अगले आदेश और आगे की कार्रवाई पर टिकी हैं.

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next