षष्ठम विशाल पदयात्रा (6ठीं विशाल पदयात्रा) नाथद्वारा से खमनोर व बड़ा भाणुजा
प्रस्तावना : वर्ष 2021 में 721 वर्षों के पश्चात जलझूलनी एकादशी पर नाथद्वारा से खमनोर तक पद यात्रा का शुभारंभ किया गया
प्रथम वर्ष में नाथद्वारा से पद यात्रा का आयोजन रखा गया। जिसे अगले वर्ष से खमनोर से आगे बड़ा भाणुजा तक विस्तार दिया गया
नीरज शर्मा
नाथद्वारा. हम पालीवाल ब्राह्मण समाज में एकता, अखंडता, बंधुत्व, आपसी सद्भाव, समरसता, आध्यात्मिकता, धार्मिक जागृति, समाज कल्याण, समाज की उत्तरोत्तर प्रगति व सर्व मङ्गल व सर्व कल्याण की कामना के साथ समाज में सामाजिक चेतना जगाने तथा आने वाले समय में हमारे द्वारा आयोजित किये जाने वाले सामूहिक विवाह, सामूहिक यज्ञोपवीत, परिचय सम्मेलन अखिल भारतीय विप्र महासम्मेलन की शुभता व सानंद सफलता व पूर्णता की कामना लेकर इस यात्रा का आयोजन कर रहे हैं। परिचय सम्मेलन व सामूहिक विवाह कार्यक्रम के माध्यम से समाज के अविवाहित युवकों-युवतियों का शीघ्र विवाह हो यह हमारी कामना है।
तपस्वी सरशल ऋषि जी - यह पालीवाल समाज के ऋषि पुरुष व मेवाड़ राज्य के राजपुरोहित थे। जिनके वंशजों ने खमनोर व बड़ा भाणुजा में मंदिरों का निर्माण किया। दोनों ने अपने मंदिर का मुहूर्त निकलवाया जो एक ही दिन फाल्गुन शुक्ल पूर्णिमा का आया।
- श्री माला जी - इन्होंने सन् 1300 (संवत 1357) में खमनोर में श्री चारभुजा नाथ जी का मंदिर बनवाया।
- श्री राजल जी - इन्होंने सन् 1300 (संवत 1357) में बड़ा भाणुजा में श्री लक्ष्मीनारायण जी का मंदिर बनवाया। जिसका मुहूर्त फाल्गुन शुक्ल पूर्णिमा होलिका के दिन हुआ। जिसमें 44 खेड़ों (गाँव) के पालीवाल ब्राह्मण (गाँव-गाँव से पैदल यात्रा कर) सम्मिलित हुये।
- श्री भोजल जी - जिन्होंने खमनोर के मंदिर में भगवान श्री चारभुजानाथ की प्राण प्रतिष्ठा का मुहूर्त निकलवाया एवं फाल्गुन शुक्ल पूर्णिमा होलिका, संवत 1357 के दिन मंदिर में श्री चारभुजानाथ की प्राण प्रतिष्ठा की। जिसमें 24 खेड़ों (गाँव) के पालीवाल ब्राह्मण (गाँव-गाँव से पैदल यात्रा कर) सम्मिलित हुये।
कार्यक्रम - परिवर्तनी एकादशी पर खमनोर (श्रीचारभुजानाथजी के दर्शन) तक व वहाँ से आगे बड़ा भाणुजा (श्री लक्ष्मीनारायण जी के दर्शन) तक पद यात्रा निकलेगी। यात्रा का शुभारंभ श्री वैकुण्ठ व्यायाम शाला नाथद्वारा से श्रीनाथजी के मङ्गला दर्शन के पश्चात होगा। यात्रा का पहला पड़ाव (अल्प विश्राम) टांटोल में व दूसरा खमनोर (दर्शन एवं फलाहार) तथा तीसरा सेमा चौराहे (अल्प विश्राम) पर होगा। चौथा व अंतिम पड़ाव बड़ा भाणुजा में रहेगा।
तिथि - जलझूलनी एकादशी (परिवर्तनी एकादशी)
वार - बुधवार
दिनाँक - 22 सितंबर, 2026
प्रस्थान समय - 6.00 बजे प्रातः
स्थान - श्री वैकुण्ठ व्यायामशाला, इमली नीचे, नाथद्वारा
आप सभी सादर आमंत्रित है।
कृपया इसे ज्यादा से ज्यादा शेयर करके अधिक से अधिक बंधुओं की भागीदारी सुनिश्चित करें।
आप सभी को अपने परिवार व मित्रों के साथ खमनोर व बड़ा भाणुजा पैदल यात्रा में पधारना है।
निवेदक : विप्र परिवार, नाथद्वारा (राज.) -
संपर्क सूत्र :-
9829044141, 95491 22485, 97841 47627,
93527 31466, 98291 36191, 96677 31555
89494 36788, 96361 58101 , 99505 66807
विप्र परिवार नाथद्वारा के सौजन्य से
नीरज शर्मा